बस्तर के लोग अच्छे उनमें हुनर भी बेहतरीन : प्रियंका काजू, मिलेट्स से बने बिस्किट्स और चिकी का लिया स्वाद, कहा बस्तर के उत्पादों का स्वाद लाजवाब

बस्तर के लोग अच्छे उनमें हुनर भी बेहतरीन : प्रियंका  काजू, मिलेट्स से बने बिस्किट्स और चिकी का लिया स्वाद, कहा बस्तर के उत्पादों का स्वाद लाजवाब

जगदलपुर। भरोसे का सम्मेलन में जगदलपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि प्रियंका गांधी ने योजनाओं के हितग्राहियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर में बने उत्पाद बेहतरीन हैं । बस्तर का काजू, मिलेट्स से बनी चिकी और बिस्किट का स्वाद लाजवाब है । यहां के लोग जितने अच्छे हैं उनकी कारीगरी भी उतनी ही बढिय़ा है । बस्तर के लोग रिश्ता जोडऩा जल्दी जानते हैं । एक स्टॉल में एक महिला ने मुझे अपने हाथ से बनाई आइसक्रीम दी लेकिन कहा दीदी आपको अभी मंच से बोलना है आप इसे मत खाइए नहीं तो आपका गला खराब हो जाएगा । ये आत्मीयता है बस्तर के लोगों की । आज सरकार की मदद से बस्तर में बने उत्पादों को बाजार मिला है और कारीगरों को लाभ हो रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रीमती गांधी को विभिन्न स्टॉल में लगे उत्पादों की जानकारी दी । एसएचजी की महिलाओं ने प्रियंका गांधी वाड्रा को कोसा की साड़ी भेंट की । आमचो बस्तर स्टॉल में श्रीमती गांधी ने मिट्टी एवं तांबे के बर्तन की ढलाई करते कारीगरों से बात की । उन्होंने मनवा नवा नार स्टॉल पर बस्तर में राज्य सरकार के विश्वास, विकास और सुरक्षा की उपलब्धियों को सराहा ।
प्रदर्शनी में बस्तर संभाग के जिलों द्वारा जिले में महिला समूहों द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों या नवाचार योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें बस्तर जिले ने प्रदर्शनी में फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से बस्तर संभाग में नेहरू और गांधी परिवार की बस्तर संभाग में की गई यात्राओं को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा बस्तर कॉफी उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीक का जीवंत प्रदर्शन, बस्तर कलागुड़ी हस्तशिल्प द्वारा लकड़ी की नक्काशी, जिला प्रशासन के नवाचार थींक-बी से संबंद्ध माम्स फूड, पुलिस विभाग की सामुदायिक पुलिसिंग मनवा नवानार, टसर कोसा से धागाकरण एवं वस्त्र बुनाई, बस्तर फूड फर्म द्वारा महुआ की चाय और अन्य उत्पाद, वन विभाग के ईमली और काजू प्रसंस्करण निर्माण का प्रदर्शन किया।
पहले बस्तर में गोलियां चलती थीं आज नौजवानों के गीत गूंजते हैं : भूपेश

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पहले बस्तर में गोलियां चलती थी, आज नौजवानों के गीत गूंजते हैं। पहले बस्तर आने से लोग डरा करते थे। आज बस्तर में रोजगार और नवाचार दिख रहा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने श्रीमती प्रियंका गांधी की विशेष उपस्थिति में आदिवासियों के तीज त्यौहारों की संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित करने के उद्देश्य ‘मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना‘ का शुभारंभ किया है। जिसके तहत अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष 10,000 रुपए की अनुदान राशि दो किस्तों में दी जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने इस योजना के अन्तर्गत 1840 ग्राम पंचायतों को 5-5 हजार रुपए की राशि प्रथम किस्त के रूप में वितरित की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि यहां पर आदिवासियों की जमीनें छीन ली गयी थी। देश में पहला उदाहरण था, जब हमने लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीनें वापस कराने का काम किया। विकास के रास्ते पर हम चल रहे हैं, बस्तर आगे बढ़ रहा है। योजनाओं का लाभ लोग ले रहे हैं। शिक्षा के माध्यम से फिर से बस्तर को आगे बढ़ाने का काम चल रहा है। श्रीमती इंदिरा गांधी आई थी, उन्होंने आदिवासियो को पट्टा दिया था। राहुल गांधी ने आदिवासियों को जमीन का पट्टा वापस दिलाया है। बस्तर के नौजवानों को रोजगार मिल रहा है।

MRINMOY MALLICK

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