बिलासपुर सीवरेज योजना में हुई बालक की मौत का मामला विधानसभा में गूंजा
विधायक शैलेष पांडेय ने उठाया मुद्दा, योजना की जाँच और अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई की माँग
मृतक परिवार को दस लाख मुआवज़े की माँग
स्पीकर के निर्देश के बाद जांच की घोषणा
बिलासपुर। अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम के तहत भूमिगत पाइप लाइन बिछाने का काम सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा किया जा रहा है। सीवर लाइन के लिए जगह-जगह मोनहोल बनाया गया है। सरकंडा जोरापारा के मेनहाल में त्योहार से पहले एक बालक की गिरने और चोट लगने से मौत हो गई। सोमवार को शहर विधायक शैलेष पांडेय ने विधानसभा में मुद्दा उठाया। इस पूरे घटना की जांच की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभाध्यक्ष डा चरणदास महंत ने मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। स्पीकर के निर्देश के बाद संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने जांच की घोषणा की।
छत्तीसगढ विधानसभा में आज एक बार फिर से बिलासपुर सीवरेज का मुद्दा गूंजा। शून्यकाल में विधायक धर्मजीत सिंह, शैलेष पांडेय ने इस मुद्दे को उठाया। नेताद्वय ने कहा कि बिलासपुर का सीवरेज जी का जंजाल बन गया है। आये दिन सीवरेज की वजह से दुर्घटनाएं होती रहती है। पिछले दिनों ने 17 साल के एक बच्चे की सीवरेज के लिए बनाये गये गड्ढे में डूबकर मौत हो गयी। विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि सीवरेज के लिए जहां-जहां गड्ढे किये गये हैं वहां सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिये। इस मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ-साथ कलेक्टर और कमिश्नर को निर्देशित करने की मांग की गयी कि गड्ढे के आसपास सुरक्षा की उचित व्यवस्था की जाये। बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय इस मामले को उठाते हुए कहा कि सीवरेज की वजह से बिलासपुर में लगातार हादसे हो रहे हैं। अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत भी हो गयी है। विधायक पांडेय ने इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पिछले दिनों 17 साल के एक लडके की मौत पर पीडि़त परिवार को 10 लाख मुआवजा देने की मांग की। विधायक पांडेय ने कहा कि सीवरेज परियोजना बिलासपुर में पूरी तरह से फेल हो चुकी है। अब तक इसकी टेस्टिंग भी पूरी नहीं हो सकी है। जगह-जगह भूमिगत पाइप लाइन बिछाने के नाम पर गड्ढे खोद दिये गये हैं। जिसकी वजह से आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। उन्होंने पिछले दिनों हुई 17 साल के लडके की मौत पर दुख जताया।
विधायकों ने ठेका कंपनी व निगम के अफसरों के खिलाफ कि कार्रवाई की मांग
योजना में जांच और अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्यवाही की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने जांच के निर्देश दिये। जिसके बाद मंत्री रविंद्र चौबे ने इस प्रकरण में जांच की घोषणा की। घटना को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने विभागीय मंत्री को मामला संज्ञान में लेने के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने जांच की घोषणा की। मालूम हो कि बिलासपुर के तोरवा निवासी आदित्य वैष्णव नाम के बच्चे की सरकंडा में सीवरेज के गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी।

