केबिनेट का विस्तार किसी भी दिन होने की संभावना, मंत्री पद के लिए अमर अग्रवाल और गजेंद्र यादव का पलड़ा भारी, साय केबिनेट में तीन मंत्री होंगे शामिल
रायपुर। प्रदेश में विष्णुदेव साय कैबिनेट में अब दो नहीं तीन मंत्रियों को शामिल किया जाएगा। इनमें एक नए और दो पुराने चेहरे को मंत्री बनाया जा सकता है। मंत्री पद के लिए अमर अग्रवाल और गजेंद्र यादव का पलड़ा भारी है। विस्तार इस माह जायेगा। इसको लेकर सत्ता और संगठन के नेताओं के बीच सहमति बन गई है। वहीं हरियाणा की तर्ज पर तीसरे मंत्री पद के लिए सहमति बन गई है। तीसरे मंत्री को भी इनके साथ ही शपथ दिलाई जाएगी। सूत्रों के माने तो तीसरे मंत्री को लेकर अब तक हाई कमान ने किसी के नाम पर मुहर नहीं लगाई है। लेकिन कयास लगाया जा रहा है कि तीसरा मंत्री रायपुर से ही बनाया जायेगा। राजेश मूणत या अजय चंद्राकर मे से किसी एक के नाम पर सहमति बन सकती है। इसी के साथ इस बात की चर्चा है कि वर्तमान में जिन मंत्रियों का प्रदर्शन कमजोर है उन्हें हटाया जा सकता है। लेकिन इसकी संभावना कम नजर आ रही है।
हरियाणा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 14 मंत्रियों का फार्मूला लागू किया जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिल गई है। सत्ता और संगठन के अहम चेहरे दिल्ली दौरे पर हैं, जहां एक उच्च स्तरीय बैठक की गई है। हालांकि यह बैठक संगठन चुनाव पर केंद्रित थी, मगर माना जा रहा है कि तमाम आला नेताओं की मौजूदगी में मंत्रिमंडल विस्तार पर भी मुहर लगाई है। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव समेत कई नेता शामिल थे।
संभावित नामों में कौन-कौन?
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा में दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव का नाम सामने आता रहा है। गजेंद्र यादव आरएसएस के पूर्व प्रांत प्रमुख बिसराराम यादव के बेटे हैं।कहते हैं कि साय मंत्रिमंडल के गठन के वक्त भी गजेंद्र यादव के नाम पर चर्चा की गई थी, मगर तब किन्हीं कारणों से उनका नाम अंतिम सूची में नहीं आ सका था। यादव समाज से आने की वजह से भी उनका पलड़ा भारी है।राज्य में ओबीसी वर्ग में साहू समाज के बाद सर्वाधिक संख्या यादवों की है।ऐसे में सामाजिक समीकरण भी गजेंद्र यादव के पक्ष में बनते दिख रहे हैं।
इधर बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल का नाम भी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में तेजी से उछला है।14 साल तक मंत्री रह चुके अमर अग्रवाल रिजल्ट ओरिएंटेड काम करने के लिए पहचाने जाते हैं। भीड़ से अलग रहकर काम करने में भरोसा करने वाले अमर अग्रवाल ने पूर्ववर्ती रमन सरकार में आबकारी पॉलिसी बनाई थी।शराब बिक्री का ठेका सिस्टम खत्म किया था।इस फैसले से आबकारी राजस्व में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई थी। अमर अग्रवाल देश में इकलौते चेहरे रहे हैं, जो सर्वाधिक लंबे समय तक जीएसटी काउंसिल में बतौर सदस्य शामिल थे। मंत्रिमंडल विस्तार में राजेश मूणत का नाम भी सुर्खियों में है। रमन सरकार में आवास एवं पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट, पीडब्ल्यूडी, नगरीय प्रशासन जैसे बड़े विभाग संभाल चुके मूणत की पहचान बड़े से बड़ा टास्क पूरा करने के लिए जाना जाता है।विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के करीबी माने जाते हैं।मंत्रिमंडल विस्तार के लिए संभावित नामों में अजय चंद्राकर भी एक नाम हैं। तेजतर्रार छवि के अजय चंद्राकर अपने संसदीय ज्ञान और गहरी राजनीतिक समझ के लिए पहचाने जाते हैं।अगर बस्तर संभाग से मंत्रिमंडल में चेहरा लिए जाने की वकालत की गई, तब ऐसी स्थिति में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का नंबर लग सकता है। लोकसभा चुनाव में किरण देव अपने नेतृत्व कौशल का प्रदर्शन कर चुके हैं। विक्रम उसेंडी भी एक अहम नाम साबित हो सकते हैं। इन संभावित नामों के इतर रायपुर दक्षिण उप चुनाव जीतने वाले सुनील सोनी भी शामिल है।किन्हीं कारणों से पूर्व मंत्रियों का पत्ता मंत्रिमंडल विस्तार में कटता है, तब ऐसी स्थिति में सुनील सोनी का नंबर लग सकता है।
फिलहाल राजभवन को सूचना नहीं
संगठन के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक इस हफ्ते मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है, लेकिन अब तक इसकी सूचना राजभवन को नहीं है।हालांकि दिल्ली आलाकमान की मंजूरी मिलते ही सूचना भेजी जा सकती है।
कैबिनेट विस्तार में हरियाणा फार्मूला लागू होगा : साय
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार हरियाणा फार्मूला के तहत किया जाएगा। हालांकि, विस्तार के संबंध में उन्होंने कहा कि ‘वह सब होगा, लेकिन इंतजार करना पड़ेगा.’ आज बैठक हुई जो संगठन को लेकर था। दौरे को लेकर उन्होंने बताया कि वहां इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर से उद्योगपति शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति की सराहना की और बताया कि इस दौरान 15,000 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में और भी अधिक निवेश की उम्मीद जताई है।, बाबा साहब अंबेडकर को लेकर हो रहे प्रदर्शनों पर मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पूरे जीवनभर बाबा साहब का अपमान किया, आज वही लोग उनके नाम पर आंसू बहा रहे हैं।

