डॉ. रमन सिंह सर्वसम्मति से बने विधानसभा अध्यक्ष,
मुख्यमंत्री साय सहित सभी विधायकों को प्रोटेम स्पीकर ने दिलाई शपथ
रायपुर। विधानसभा में आज प्रोटेम स्पीकर रामविचार नेताम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा सहित नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई। शपथ के बाद डॉ, रमन सिंह सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
डॉ. रमन सिंह को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर एवं केदार कश्यप ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा समेत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, भाजपा विधायक व्दय पुन्नुलाल मोहले व श्रीमती भावना बोहरा ने प्रस्ताव का समर्थन किया। प्रोटेम स्पीकर रामविचार नेताम ने कहा कि सभी प्रस्ताव एक समान हैं। सभी प्रस्ताव पर मत लूंगा। सदन में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों तरफ के विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में हामी भरी। प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि प्रस्ताव सर्व सम्मति से स्वीकृत हुआ। प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि जिस तरह यहां सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन हुआ उससे उच्च कोटि की संसदीय परंपरा को और ऊंचाई मिली है। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने परंपरा के अनुसार डॉ. रमन सिंह को अध्यक्षीय आसंदी तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ रमन सिंह को सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर सदन में बधाई देते हुए कहा कि डॉ. सिंह प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और केंद्रीय मंत्री रहे हैं। मेरा सौभाग्य है कि इनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन मुझे लगातार मिलता रहा है। उन्हें संसदीय परंपराओं और विधि विधायी कार्यों का लम्बा अनुभव है। उनके अनुभवों का लाभ इस सदन को मिलेगा। उन्होंने डॉ.रमन सिंह की सहज, सरल और सौम्य छवि, सबको साथ लेकर चलने की विशेषता का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अलावा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, धर्मजीत सिंह, कवासी लखमा, उमेश पटेल, राम कुमार, प्रबोध मिंज, अनुज शर्मा एवं सुशांत शुक्ला ने भी अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए बधाई प्रेषित की।
नव निर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पहली बार निर्वाचित होकर आए विधायकों की संख्या 50, दूसरी बार चुनकर आए विधायकों की संख्या 15 तथा तीसरी बार चुनकर आए विधायकों की संख्या 10 है। इस बार 19 महिला विधायक चुनकर आई हैं जो कि कुल विधायकों की संख्या का 20 प्रतिशत है। आप सब को विश्वास दिलाता हूं कि विधानसभा अध्यक्ष के दायित्व का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करते हुए पूरी निष्पक्षता के साथ सदन का संचालन करने में अपनी भूमिका निभाऊंगा।
झलकियां
0 सदन की कार्यवाही शुरु होते ही प्रोटेम स्पीकर रामविचार नेताम ने सबसे पहले सभापति तालिका की घोषणा की।
0 पंचम विधानसभा के प्रथम सत्र के सभापति के लिए विक्रम उसेन्डी, धर्मजीत सिंह, लखेश्वर बघेल एवं दलेश्वर साहू के नामों की घोषणा की गई।
0 विधायकों की शपथ के लिए हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत एवं छत्तीसगढ़ी चार विकल्प थे।
0 सबसे पहले सदन के नेता विष्णुदेव साय ने शपथ ली। साय ने छत्तीसगढ़ी में शपथ ली।
0 दूसरी शपथ नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने ली।
0 तीसरे क्रम में उप मुख्यमंत्री व्दय अरुण साव एवं विजय शर्मा ने शपथ ली।
0 चौथे क्रम में इस सत्र के सभापति विक्रम उसेन्डी, धर्मजीत सिंह, लखेश्वर बघेल एवं दलेश्वर साहू ने शपथ ली।
0 मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, उप मुख्यमंत्री व्दय एवं सभापति की शपथ के बाद विधानसभाओं के क्रमानुसार शेष विधायकों की शपथ हुई।
0 उप मुख्यमंत्री अरुण साव ठेठ छत्तीसगढिय़ा अंदाज में सिर पर गमछा लपेटकर सदन में पहुंचे थे।
0 भाजपा विधायक राम कुमार टोप्पो जब शपथ लेने पहुंचे तो उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ी में कहा कि ए दारी सेना के जवान भी आगे हे।
0 भाजपा विधायक राजेश अग्रवाल जब शपथ ले रहे थे वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जी थोड़ा इधर देख लीजिए।
0 विद्यावती सिदार, प्रेमचंद पटेल, गुरु खुशवंत दास, लता उसेन्डी, केदार कश्यप एवं चैतराम अटामी ने संस्कृत में शपथ ली।
0 डॉ. रमन सिंह के विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचन के समय अध्यक्षीय दीर्घा में उनकी पत्नी श्रीमती वीणा सिंह, पुत्र अभिषेक सिंह, पुत्र वधू ऐश्वर्या सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व्दय प्रेमप्रकाश पांडे एवं गौरीशंकर अग्रवाल मौजूद थे।
हास्य परिहास
सदन मे विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा मै तो ज़ब चुना गया तो लगा मै और डॉ साहब ही पूर्व मुख्यमंत्री होंगे। पर यंहा तो दो दो उपमुख्यमंत्री भी बना दिए,सब की भूमिका बदलती है । इस पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, उधर इधर की बात ना कर ये बता कारवा क्यों लुटा ।बघेल जी -अभी ये बताने के लिए बहुत समय मिलेगा। एक सदस्य ने कहा हम तो 15 थे आप लोग 35 पर आ गए। बघेल जी वही बोल रहा, आप लोग 15 थे, फिर भी आप लोगो को हम से ज्यादा समय मिला। आप लोग 15 थे फिर 14 हुए फिर 13 हुए फिर भी समय ज्यादा मिला, अध्यक्ष के कमरे मे हम महंत जी को बोलते थे ये लोगो को ज्यादा मौका मिलता है ।तभी रामविचार नेताम ने चुटकी लेते हुए कहा इसलिए हार गए क्या। इस पर पूरा पुरा सदन ठहकों से गूंज उठा ।

