मतदान में भारी उत्साह, सुबह से लंबी-लंबी कतारें, 71 फीसदी पड़े वोट,
भानुप्रतापपुर में सर्वाधिक 79.1 और बीजापुर में सबसे कम 40.98 फीसदी मतदान
रायपुर। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित 20 सीटों और मिजोरम के सीटों पर मतदान हुआ। छत्तीसगढ़ में मामूली नक्सली वारदात के बीच ही मतदाताओं का उत्साह देखते बना। प्रदेश में लगभग 71 फीसदी मतदान होने की खबर है। कुछ पोलिंग पार्टियों के नहीं लौट पाने के कारण मतदान के प्रतिशत में घट-बढ़ की संभावना है। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के अनेक मतदान केंद्रों पर मतदान समय बीतने के बाद भी मतदान के लिए मतदाता खड़े रहे। युवा, महिला, बुजुर्ग मतदाताओं ने मतदान में बड़ा उत्साह दिखाया।
छत्तीसगढ़ में आज 20 विस सीटों के लिए हुए मतदान में भानुप्रतापपुर में सर्वाधिक 79.1 फीसदी मतदान और सबसे कम बीजापुर में 40.98 फीसदी मतदान हुआ। पंडरिया में 71.06, कवर्धा में 72,.89, खैरागढ़ में 76.31, डोंगरगढ़ में 77.4, राजनांदगांव में 74, डोंगरगांव में 76.8, खुज्जी में 72.01, मोहला मानपुर में 76, अंतागढ़ में 70.72, भानुप्रतापपुर में 79.1, कांकेर में 76.13, केशकाल में 74.49, कोंडागांव में 76.29, नारायणपुर में 63.88, बस्तर में 71.39, जगदलपुर में 75, चित्रकोट में 70.36, दंतेवाड़ा में 62.55, बीजापुर में 40.98, कोंटा में 50.12 फीसदी मतदान हुआ।
कई प्रमुख नेताओं का भविष्य ईवीएम में कैद
इस चरण में जिन प्रमुख नेताओं का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में कैद हो गया उसमें पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह भी शामिल है। उनकी हाई प्रोफाइल सीट राजनांदगांव में भी इस चरण मे मतदान हुआ। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की चित्रकोट सीट,राज्य के वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद अकबर की सीट कवर्धा,वरिष्ठ मंत्री कवासी लखमा की सीट कोन्टा तथा वरिष्ठ मंत्री मोहन मरकाम की सीट कोन्डागांव में भी आज ही मतदान हुआ। भाजपा के चार वरिष्ठ नेताओं पूर्व मंत्री केदार कश्यप की सीट नारायणपुर,पूर्व मंत्री महेश गागड़ा की सीट बीजापुर तथा पूर्व मंत्री एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेन्ड़ी की सीट कोन्डागांव में भी मतदान सम्पन्न हुआ। नक्सल प्रभावित दस विधानसभा क्षेत्रों मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा में मतदान तीन बजे समाप्त हो गया। इन क्षेत्रों में मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ था। जबकि 10 विधानसभा क्षेत्रों पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट में मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा। इन सीटों पर मतदान सवेरे आठ बजे शुरू था।
मतदान के लिए कुल 5304 मतदान केन्द्र बनाए गए थे ,इनमें 102 आदर्श मतदान केन्द्र जबकि 200 सौ संगवारी मतदान केन्द्र थे। इसके साथ ही 20-20 मतदान केन्द्र दिव्यांगों एवं युवा मतदान कर्मियों द्वारा संचालित किया गया। 5304 मतदान केन्द्रों में 2431 मतदान केन्द्रों पर बेव कास्टिंग की व्यवस्था की गई थी। इन 20 विधानसभा क्षेत्रों में दो विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव एवं कवर्धा में प्रत्याशियों की संख्या 16 से अधिक थी इस कारण इस क्षेत्र में प्रत्येक मतदान केन्द्र पर दो –दो ईवीएम मशीने लगाई गई थी। प्रथम चरण में मतदान वाले अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 13, भानुप्रतापपुर में 14, कांकेर में 9, केशकाल में 10, कोंडागांव में 8, नारायणपुर में 9, बस्तर में 8, जगदलपुर में 11, चित्रकोट में 7, दंतेवाड़ा में 7, बीजापुर में 8 , कोंटा में 8, खैरागढ़ में 11, डोंगरगढ़ में 10, राजनांदगांव में 29, डोंगरगांव में 12, खुज्जी में 10, मोहला-मानपुर में 9, कवर्धा में 16 तथा पंडरिया में 14 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
बस्तर में 93 वर्षीय व्यक्ति ने मतदान किया
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में आज बस्तर विधानसभा चुनाव में एक 93 वर्षीय व्यक्ति ने मतदान किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार भानुप्रतापपुर निर्वाचन क्षेत्र के भैसा कनार गांव के निवासी 93 वर्षीय शेर सिंह ने वोट डाला। स्थानीय लोगों और चुनाव पर्यवेक्षकों का ध्यान खींचा है। बस्तर जिले के एक छोटे से गांव भैसा कनार में कुल 93 मतदान केंद्र हैं और यह उन केंद्रों में से एक है जहां शेर सिंह ने दो अन्य वरिष्ठ महिला नागरिकों के साथ अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया। दो अन्य वरिष्ठ मतदाताओं में दो महिलाएं शामिल है। 1930 में जन्मे शेर सिंह ने आज तक कभी चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया था।

