अमृत मिशन योजना में गड़बड़ी पर घिरे मंत्री, भाजपा का वाकआउट

अमृत मिशन योजना में गड़बड़ी पर घिरे मंत्री, भाजपा का वाकआउट

रायपुर। अमृत मिशन योजना का क्रियान्वयन में हो रही देरी और कामों में गड़बड़ी को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया बुधवार को भाजपा सदस्यों के सवालों से घिर गए।काफी देर तक चली बहस के बाद मंत्री के जबाव से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने सदन से बहिगर्मन कर दिया।
भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए यह मामला उठाया था।उन्होंने  कहा कि राज्य सरकार कार्ययोजना तक नहीं बना पाई।पाइप लाइन बिछाने के लिए सडक़ों को खोद दिया गया है, जिससे धूल का गुबार उठता है और लोगों को अस्थमा आदि की तकलीफ बढ़ गई है। नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया ने कहा कि पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है, इसलिए सडक़ की खुदाई की जा रही है। पाइप बिछाए जाने के बाद उसे समतल किया जाता है.मंत्री ने कहा कि सडक़ों की खुदाई के कारण किसी प्रकार की बीमारी फैलने की कोई शिकायत नहीं आई है, इसको लेकर किसी प्रकार का कोई रोष नहीं है। बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा कि पहले और दूसरे चरण की स्वीकृति कब मिली, काम कब पूरा होना था? और अगर काम पूरा नहीं हुआ है तो क्या कार्यवाही की गई? इन दोनों चरणों के लिए कितना पैसा स्वीकृत हुआ है ? उन्होंने इसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाया । मंत्री शिव कुमार डहरिया ने बताया कि प्रथम चरण का 98त्न काम पूरा हो चुका है, इसी तरह दूसरे चरण का 93त्न काम पूरा हो चुका है। 30 महीने में काम पूरा होना था।
बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा कि कितने नलों में पानी पहुंच चुका है?उन्होंने कहा कि 61 हजार नलों में से 20 हजार नल तक भी पानी नहीं पहुंचा है। 440 करोड रुपए केवल रायपुर के लिए मिलने के बावजूद भी घरों में पानी क्यों नहीं मिल पा रहा है। समय पर काम पूरा नहीं हुआ है, तो क्या कार्रवाई की गई।।मंत्री शिव कुमार डहरिया ने कहा कि 61 हजार घरों में नल लग चुका है।60 हजार घरों में पानी आ रहा है।
बृजमोहन ने कहा कि पाइप लाइन बिछाने के लिए बनाई गई सडक़ों को मिट्टी से ढका जा रहा है, धूल उड़ रही है, लोग बीमार हो रहे हैं, एक्सीडेंट हो रहा है। मंत्री ने कहा कि टेस्टिंग का काम चल रहा है। टेस्टिंग के बाद सडक़ निर्माण किया जाएगा।उसी तरह प्रदेश के11अन्य शहरो के लिए भी यह योजना मंजूर की गई है।इसके लिए 540करोड़ मिले है।
कुलदीप जुनेजा ने भी कहा कि कई जगह टेस्टिंग हो गई है, फिर भी सडक़ों की मरम्मत नहीं की जा रही ये कब हो जाएगी।

MRINMOY MALLICK

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