पवन खेड़ा को असम नहीं ले जा सकेगी पुलिस
मोदी पर टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत
सभी एफआईआर की एक जगह हो सुनवाई : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि हम सभी एफआईआर को एक साथ क्लब कर एक राज्य में निर्धारित कर रहे हैं, ताकि एक ही राज्य के हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई हो।
सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ, बनारस और असम में खेड़ा के खिलाफ दर्ज तीनों एफआईआर को क्लब करने को लेकर नोटिस जारी किया। पुलिस अब पवन खेड़ा को असम नहीं ले जा पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में जिस कोर्ट में पवन खेड़ा को पेश किया जाए, उन्हें अंतरिम जमानत दी जाए, जब तक कि वह रेगुलर जमानत के लिए आवेदन नहीं कर दें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, दिल्ली की क्षेत्राधिकार वाली कोर्ट अंतरिम जमानत दें। मंगलवार तक अंतरिम जमानत दी जाए। खेड़ा को संरक्षण के लिए आदेश जारी कर रहे हैं। इस बीच खेड़ा निचली अदालत में जमानत याचिका दाखिल करें। उत्तर प्रदेश और असम में दर्ज एफआईआर एक साथ जोडऩे पर सोमवार को सुनवाई करेंगे। हालांकि गुरुवार की गिरफ्तारी असम पुलिस ने अपने यहां दर्ज केस के आधार पर की थी। अब कोर्ट खेड़ा की गिरफ्तारी और तीनों केस को क्लब करने को लेकर 27 फरवरी को अगली सुनवाई करेगा।
असम पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर केस दर्ज किया
असम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि पवन खेड़ा के खिलाफ दीमा हसाओ जिले के हाफलोंग में कम्युनल डिस्टर्बेंस और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बुधवार रात केस दर्ज किया गया है। इन्होंने एक बयान दिया था, जिसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। असम में खेड़ा के खिलाफ एफआई सेमुअल चैंगसेन ने करवाई है। सोशल मीडिया प्रोफाइल में वे भाजपा नेता बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पार्टी नेता पवन खेड़ा को राहत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने दिखा दिया है कि टाइगर जिंदा है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतार कर गिरफ्तार किए जाने का कांग्रेस पार्टी ने सख्ती से विरोध जताते हुए इसे सरकार की हिटलरशाही करार दिया है।
जानबूझकर किया जा रहा परेशान
सिंघवी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात होगा। बयान में ऐसा कुछ नहीं था। पवन के खिलाफ तीन राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई। यह जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। ऐसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया जिसमें 3 से 5 साल की सजा है। कानून लागू करने की स्थिति में कृत्य की गंभीरता को देखा जाना चाहिए। सिंघवी ने कहा कि धारा 153, 295, 505 में मामला दर्ज किए गए हैं। असम, लखनऊ और बनारस में केस दर्ज किए गए और आज असम पुलिस आई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पहली एफआईआर बनारस में फिर लखनऊ में और फिर असम में मामला दर्ज हुआ। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं भ्रमित हूं कि बयान में ऐसा क्या था। यह पूरा मामला बयान पर आधारित है जिसके लिए पवन खेड़ा ने माफी मांगी थी। वह छत्तीसगढ़ जा रहे थे। फ्लाइट में चढऩे वाले थे तभी गिरफ्तार किया गया।
खेड़ा ने मोदी को कहा था नरेंद्र गौतम दास मोदी
पवन खेड़ा को जिस बयान की वजह से गिरफ्तार किया गया, वह बयान उन्होंने 20 फरवरी को दिल्ली में दिया था। हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर उन्होंने कहा था, जब अटल बिहारी वाजपेयी जेपीसी बना सकते हैं तो नरेंद्र गौतमदास मोदी को क्या समस्या है। अपने बयान में उन्होंने नरेंद्र दामोदरदास मोदी को गौतमदास मोदी कहा था। इसके बाद उन्होंने आसपास खड़े लोगों से पूछा गौतम दास है या दामोदरदास। इसके बाद उन्होंने कहा कि नाम भले ही दामोदर दास है। उनका काम गौतमदास का है। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी थी प्रधानमंत्री के नाम को लेकर उन्हें कन्फ्यूजन था।
इतना बड़ा अपराध नहीं जो प्लेन से उतारा जाए : भूपेश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा की गिरफ्तारी के बाद तीखा तंज़ कसा है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सरकारें तो अन्य राज्यों में दूसरे दलों की भी हैं। जो रास्ता भाजपा अपनाकर शुरुआत कर रही है, वह रास्ता अब दूसरे लोग भी अपनाएँगे, यह बात उन्हें समझ आ जानी चाहिए। ऐड़ी से चोटी और नागपुर से दिल्ली भी जोर लगा ले तब भी यह प्तमहाधिवेशन सफल होकर रहेगा। पवन खेड़ा के साथ हम सब खड़े हैं।
सीएम बघेल ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि देखिए एक तरफ भारतीय जनता पार्टी जो केंद्र सरकार है, वह राज्य में हमको डिस्टर्ब कर रही है ताकि हम ठीक से अपना यह अधिवेशन का आयोजन ना कर पाए। इसके लिए तमाम जो हमारे कार्यकर्ता, जो पार्टी के पदाधिकारी हैं, उनके घर पर रेड डाली गई। अब सरकार को डिस्टर्ब करने के लिए सरकार के तीन कार्यालयों में रेड डाली गई। अभी तक वहां जांच पड़ताल चल रही है, वहां के अधिकारी कर्मचारी किस हालत में है यह मेरे लिए बड़ी चिंता की बात है। दूसरी बात यह है कि हमारे जो मेहमान आ रहे हैं, जो प्रवक्ता है, उनको रोका जा रहा है और ऐसा कोई बड़ा अपराध नहीं है, जिनके कारण उन्हें प्लेन से उतारा जाए।

