रणनीति के साथ काम करने से बेरोजगारी और कुपोषण दर में कमी आई : भूपेश
आरएसएस महिला विरोधी,भाजपा मानसिक दिवालियापन की शिकार
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में शामिल होने दिल्ली रवाना
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज कांग्रेस की बैठक में शामिल होने दिल्ली रवाना हो गए हैं। इसके पहले एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए श्री बघेल ने बताया कि कल दस बजे सी डब्लू सी की बैठक है। बैठक में दो विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि जिन दो विषयों पर चर्चा होगी, उसमें एक तो भारत जोड़ो यात्रा, दूसरा कांग्रेस का अधिवेशन होना है, उसमें चर्चा होगी।
वहीं राज्यपाल के बयान का स्वागत करते हुए कहा यह अच्छी बात है, स्वागत है। कुपोषण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण को लेकर हमने मुख्यमंत्री सु- पोषण अभियान शुरू किया है। इस योजना के तहत गर्म भोजन परोसा जाता है। इसके कारण से कुपोषण दर में कमी आई है. यही वजह है कि सफलता मिल रही है. 2.1 प्रतिशत कुपोषण दर में कमी आई है। वहीं बेरोजग़ारी दर प्रदेश में काम होने को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोग जो लगातार काम कर रहे हैं, रणनीति पूर्वक जो काम किया जा रहा है। सरकार की जो नीति और योजना है, उससे लोगों की जेब में पैसा जा रहा है। इसके कारण ही बेरोजग़ारी दर कम हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरएसएस को महिला विरोधी बताया है। उन्होंने कहा- संघ में कोई महिला विंग ही नहीं होता। आज तक कोई महिला सरसंघचालक, सह कार्यवाहक ऐसे पदों पर नहीं पहुंची। इनकी तो मानसिकता ही महिला विरोधी है। श्री बघेल भानुप्रतापुपर के चुनावी दौरे पर रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि, हम तो जय सिया राम बोलते हैं। राहुल गांधी ने ठीक कहा है, आरएसएस तो महिला विरोधी ही है, वहां महिलाएं कहां है। आरक्षण विधेयर को चुनावी हथकंडा बताए जाने पर भाजपा को करारा जवाब दिया। उन्होने कहा- इस तरह की बातें भाजपा का मानसिक दिवालियापन है। एक उप चुनाव में इससे क्या फर्क पड़ जाएगा।उन्होंने कहा- ये तो पूरे प्रदेश की जनता का मामला है। चुनाव तो होते रहेंगे, ये जो कल हुआ मील का पत्त्थर है। किस प्रकार प्रदेश आगे बढ़ेगा इसका रोड मैप है। ये बताता है कि हम सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहते हैं। वो हार रहे हैं बहुत बुरी तहर से इसलिए अपने फेस सेविंग के लिए इस तरह की बात कर रहे हैं। ताकि जब हार जाएंगे तो आलाकमान को बता सकें कि इस वजह से हम हारे, वैसे वो हार ही रहे हैं।

