साइबर ठगों का 22 सदस्यीय गिरोह पकड़ाया
इनमें 8 युवक और 14 युवतियां शामिल
मोबाइल टॉवर लगवाने के नाम पर देशभर में फैला रखा था जाल
रायगढ़ पुलिस ने कोलकाता से किया गिरफ्तार
9 बैंक खाते कराए गए होल्ड

साइबर ठगों का 22 सदस्यीय गिरोह पकड़ायाइनमें 8 युवक और 14 युवतियां शामिलमोबाइल टॉवर लगवाने के नाम पर देशभर में फैला रखा था जालरायगढ़ पुलिस ने कोलकाता से किया गिरफ्तार9 बैंक खाते कराए गए होल्ड

रायगढ़।  जिले के विभिन्न थानों में पंजीबद्ध रुऑनलाइन ठगी के मामलों में 15 सदस्यीय टीम द्वारा करीब एक सप्ताह से पश्चिम बंगाल के विभिन्न ठिकानों पर दबिश के क्रम में अंतर्राज्यीय साइबर ठगों गिरोह के मूल ठिकाने पर सुनियोजित तरीके से छापेमार कार्यवाही किया गया है,ऑनलाइन ठगी के गोरख धंधे में शामिल आरोपित 8 युवक और 14 युवतियां हाथ  हैं। रायगढ़ की पुसौर पुलिस द्वारा एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोलकाता के न्यायालय से थाना पुसौर के ऑनलाइन ठगी मामले में वांछित इन 22 आरोपियों का ट्रांजिट रिमांड के लिए अर्जी पेश किया गया जिसमें 8 आरोपी युवकों का न्यायाधीश द्वारा ट्रांजिट रिमांड दिया गया तथा 14 आरोपित युवतियों को सशर्त अंतरिम बेल का लाभ देकर ट्रांजिट रिमांड खत्म होने की अवधि के पूर्व रायगढ़ न्यायालय में उपस्थित होने आदेश दिया गया है। सभी 22 आरोपियों को पुसौर के धोखाधड़ी मामले में न्यायिक रिमांड पर पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक थाना पुसौर के धारा 420 आईपीसी के प्रार्थी आदित्य मिश्रा निवासी ग्राम महलोई थाना पुसौर द्वारा थाना पुसौर में 8 सितंबर 2022 को एक लिखित आवेदन देकर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज  करायी थी।  अगस्त माह में 3 अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर गांव में एयरटेल कंपनी का टावर लगाने के संबंध में चर्चा कर प्रति माह 15,000 रूपये किराया व बोनस तौर पर 15 लाख रूपये  देने का लालच दिया। ठगों ने डाक्यूमेंट्स तैयार करने, इंश्युरेंस, व मटेयिल के लिए कुल 1,82,460 रूपये की धोखाधड़ी की गई थी। 

एसपी अभिषेक मीना द्वारा एडिशनल एसपी संजय महादेवा एवं सीएसपी रायगढ़ अभिनव उपाध्याय को मामले की सूक्ष्मता से जांच पड़ताल के निर्देश दिए और साइबर सेल प्रभारी एसआई कमल किशोर पटेल को पीडि़त को जिन नंबरों से कॉल कर रुपयों की ठगी की गई थी उन नंबरों को सर्विलांस में रखकर इनपुट निकालने का काम काम सौंपा गया। 

सीएसपी रायगढ़ अभिनव उपाध्याय केवल 6 संदिग्ध नंबर के धारकों की पतासाजी के लिए पुलिस टीम लेकर पश्चिम बंगाल रवाना हुए। टीम को पुलिस अधीक्षक श्री मीना मार्गदर्शन कर रहे थे। उन्होंने साइबर सेल को आवश्यक जानकारियां टीम को शेयर करने कहा गया था। रायगढ़ पुलिस स्थानीय कोलकाता जोरासांकी पुलिस की मदद से जोरासांकी मेट्रो के गेट पर सूझबूझ से रेड कर सबसे पहले आरोपी शमसूद हुसैन (19 साल) निवासी बेलगछिया रोड़ कोतकाता को हिरासत में लिया गया। 

आरोपियों का तरीका व वारदात

ये लोग लोगों को मोबाइल टावर लगाने के नाम पर कॉल कर ठगते थे।  सभी का  ऑफिस में मैनेजर- गोपाल कंडारऔर दीपिका मंडल तथा टीम लीडर- बीना साव उर्फ डाली, मधु यादव, जूली सिंह, स्नेहा पाल, पूजा राय है तथा उनके साथ दृ राम कुमार साव, पूजा सिंह, विशाल सेठ, पिंकी राजभर, पूजा पासवान, पूजा शर्मा, रिंकी साव, इंद्रोजीत दास, पूजा दास, अंकु गुप्ता, अनिल शाह, कामिनी पोद्दार, प्रियंका चैधरी, रोहित साव सभी लोगों को ठगी करने में माहिर थे। आरोपीगण प्रतिदिन 250 से 300 लोगों को कॉल करते थे। कितने रुपए प्राप्त हुए क्या डॉक्यूमेंट लेना है,  इन सब का जिक्र डायरी में होता था । सभी अलग-अलग नामों से लोगों को कॉल करते थे। आरोपी शमसूल बताया कि उसके सीनियर गूगल से सीरीज नंबर लेकर इन्हें मुहैया कराते थे और उन नंबरों पर कॉल कर लोगों को अपने झांसे में लेना होता था । ये लोग सबसे पहले कॉलर से टावर लगानी की लुभावनी स्कीम बताते थे, जिसमें उनसे पूछा जाता था कि क्या उनके पास  जमीन है किसके अधिकार की जमीन है । उसके बाद जमीन पर टावर लगाने की फ्रॉड स्कीम बताकर प्रलोभन देते थे कि इन्हें 10 साल के लिए 15,00,000 रुपए देंगे,  12,000 प्रतिमाह किराया देंगे तथा घर के एक पढ़े-लिखे सदस्य को 10 से 15,000 की नौकरी भी दी जाएगी । जब कॉलर राजी हो जाता था तब उन्हें कमर्सियल लायसेंस, इंश्युरेंस, आदि के नाम पर रूपये मांगे जाते थे। 

MRINMOY MALLICK

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