जाको राखे सांईया मार सके न कोय, महानदी में बहकर छत्तीसगढ़ से ओडिसा पहुंची महिला, उफनदी नदी में बह रही महिला को मछुवारों ने बचाया, बहकर आई महिला के पैरों में बंधी थी जंजीर

जाको राखे सांईया मार सके न कोय, महानदी में बहकर छत्तीसगढ़ से ओडिसा पहुंची महिला, उफनदी नदी में बह रही महिला को मछुवारों ने बचाया, बहकर आई महिला के पैरों में बंधी थी जंजीर

रायगढ़ । रायगढ़ सहित पूरे प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते महानदी के अलावा अन्य नदी नाले पूरी तरह उफान पर है। इसी बीच महानदी बाढ़ के तेज बहाव में बहकर सरिया से एक महिला ओडिसा के पुसल्दा गांव में नदी किनारे मछवारों को मिली। पानी में बह रही इस महिला की मछुवारों ने जान बचाई है। आश्चर्यजनक बात यह है कि घटना के पूरे समय महिला के पैरों में लोहे की जंजीर बंधी हुई थी इसके बावजूद वह बाढ के पानी में नही डूबी।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार पड़ोसी राज्य ओडिसा के झारसुगडा थाना क्षेत्र के पुसल्दा गांव के मछुवारों ने उफनती महानदी में बहती हुई एक महिला को सुरक्षित बचाया है। मछुवारों के द्वारा महिला से प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपना नाम सरोजनी रणवीर बताते हुए कहा कि वह नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोर्रा गांव की रहने वाली है और तकरीबन 20 किलोमीटर दूर बहकर यहां तक पहुंची है।

महिला के पैरों में बंधी है लोहे की जंजीर

उफनती हुई महानदी में 20 किलोमीटर तक बहकर आई महिला के दोनों पैरों में लोहे की जंजीर से बंधे होनें के बावजूद महिला की जान बच गई। जिसके बाद से उसे बचाने वाले मछुवारे भी इसे आश्चर्य मान रहे हैं। महिला पूरी तरह से स्वस्थ है और महिला को उसके गांव भेज दिया गया है।

मानसिक बीमार होनें का अंदेशा

महानदी में मछली पकडऩे गए मछुवारो ने बताया कि हम लोग महिला को देखे तो वह बह कर आ रही थी बाकी जो लोग थे वो लोग भी देखे जैसे पास में किनारे दिखी तो सभी दौड़ कर गये उसे बचा कर लाये और नाव में ला कर बैठाये उसको खाना पानी और कपड़ा लाकर दिये है। महिला के पैरों में लोहे की जंजीर बंधे होनें से आशंका जताई जा रही है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नही है।

MRINMOY MALLICK

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