गिरदावरी का सत्यापन करने खुद खेतों में उतरे कलेक्टर,71 पटवारियों को दिया गया है नोटिस

गिरदावरी का सत्यापन करने खुद खेतों में उतरे कलेक्टर,71 पटवारियों को दिया गया है नोटिस

धान बेचने आने किसानों को दिया न्योता, किसानों की सुविधाओं का रखें पूरा ख्याल

बिलासपुर। शासन के निर्देशानुसार ग्रामीण इलाकों में इन दिनों गिरदावरी सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। जिसमें गड़बड़ी को लेकर कल 71 पटवारियों को नोटिस भी जारी किया गया है। कलेक्टर ने इस सिलसिले में आज बेलतरा के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों का दौरा किया।

कलेक्टर ने खुद खेतों में उतरकर गिरदावारी का सत्यापन किया। कलेक्टर ने भरवीडीह, गढ़वट, अकलतरी, बाम्हू, खैरखूंडी चोरहादेवरी, सरवनदेवरी सहित अन्य गांव में खसरा सत्यापन किया। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने किसानों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने कुछ किसानों को धान बेचने आने का न्योता भी दिया। कलेक्टर ने सबसे पहले भरवीडीह गांव में गिरदावरी का सत्यापन देखा। उन्होंने किसान भुनेश्वर के खसरा में लगी फसल का मुआयना किया। पटवारी द्वारा दर्ज अभिलेखों की मोके पर क्रॉस जांच की। कलेक्टर ने गढ़वट गांव में किसान दुखीराम साहू के खसरे का भी गिरदावरी सत्यापन किया। दुखीराम ने धान की फसल ली है। वे धान खरीदी को लेकर उत्साहित नजर आए। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि उन्होंने टोकन कटवा लिया हैैं। वे अकलतरी सोसायटी में धान बेचने जाते हैं। बाम्हूं के किसान ईश्वर प्रसाद और चोरहादेवरी के किसान मालिक राम से भी धान खरीदी को लेकर खासा उत्साह था।

ज्ञात रहे कि जिले में पटवारियों ने गिरदावरी कर भूईयां साफटवेयर में जानकारी अपलोड की थी। इसके बाद पटवारी द्वारा संपादित गिरदावरी कामों के भौतिक सत्यापन के लिए तहसील स्तर पर नियुक्त अधिकरियों-कर्मचारियों ने सत्यापन किया। तहसील स्तर पर सत्यापित खसरों में से 5 प्रतिशत खसरों का सत्यापन जिला स्तर पर नियुक्त 84 अधिकारियों ने किया।

धान खरीदी केन्द्र का लिया जायजा

कलेक्टर अवनीश शरण ने ग्राम टेकर में धान खरीदी केन्द्र पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने समिति प्रभारी से कहा कि किसानों से उनकी मेहनत का उपज खरीदा जाए। किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। किसानों की सुविधा के लिए छाया-पानी का पूरा इंतजाम होना चाहिए।

दलाल और कोचियों पर रहेगी नजर

धान खरीदी अभियान का लाभ वास्तविक किसानों के लिए है, न कि कोचियों और दलालों के लिए। इसलिए दलाल किस्म के लोगों की पहचान पहले से कर लें और उनकी गतिविधि पर नजर रखी जाए। चेकलिस्ट के अनुरूप पूरी तैयारी रखने कहा। कुछ किसानों से चर्चा कर धान बेचने आने का न्योता भी दिया। इस सोसायटी में भेलनी, गोपलपुर और टेकर के किसान अपना धान बेचने आते हैं।

MRINMOY MALLICK

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