भारत जोड़ो यात्रा का एक महीना पूरा
देश की जनता भ्रष्टाचार से परेशान: राहुल
भारत जोड़ो यात्रा का मिशन 2024 से कोई मतलब नहीं

तुमुकुरू। भारत जोड़ो यात्रा के एक महीने पूरे होने के बाद राहुल गांधी ने शनिवार को कर्नाटक के तुमुकुरू, में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने इस दौरान मोदी सरकार, सावरकर, आरएसएस और पीएफआई से लेकर कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर भी खुलकर बात की। कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश की जनता भ्रष्टाचार से परेशान है और सरकार इसे मैनेज करने के लिए मीडिया पर कंट्रोल कर रही है। भारत के विभाजन को लेकर पूछे गए एक सवाल पर राहुल ने कहा- आजादी की लड़ाई में सावरकर अंग्रेजों के लिए काम करते थे और उसे इसके लिए पैसे मिलते थे। राहुल ने आगे कहा- आरएसएस ने भी ब्रिटिश राज का समर्थन किया था और आज उनकी नफरत के खिलाफ ही भारत जोड़ो यात्रा निकाली जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा का मिशन 2024 से कोई मतलब नहीं है। हालांकि, राहुल की यात्रा जिन रूटों से गुजर रही है, उन राज्यों के 372 सीटों पर कांग्रेस की फोकस है।
कारोबारी के खिलाफ नहीं, मोनोपॉली का विरोध-इसके बाद राजस्थान में अडानी समूह के निवेश करने के सवाल पर भी राहुल बोले। उन्होंने कहा- मैं कॉर्पोरेट के खिलाफ नहीं हूं। मैं मोनोपॉली के खिलाफ
हूं। राजस्थान में प्रक्रिया के हिसाब से वहां सब कुछ सही है। सरकार ने कोई ताकत प्रयोग यूज कर वहां अडानी को फायदा नहीं पहुंचाया है। अगर, कभी फायदा पहुंचाया जाएगा, तो मैं सबसे पहले विरोध करुंगा।
सांप्रदायिकता फैलाने वालों के खिलाफ लड़ाई-पीएफआई पर बैन को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल ने कहा कि भारत में घृणा और सांप्रदायिकता फैलाने वाली हर ताकत से हम लड़ेंगे। वह चाहे किसी भी समुदाय से क्यों ना आते हो। भारत जोड़ो यात्रा नफरत और हिंसा के खिलाफ निकाली जा रही है।
मेरी छवि खराब करने हजारों करोड़ खर्च किए
राहुल गांधी ने कहा कि, उन्हें झूठा बनाने के लिए और गलत तरीके से दिखाने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। समझने की बात यह है कि मैं हमेशा एक निश्चित विचार के लिए खड़ा रहा हूं, जो भाजपा और आरएसएस को परेशान करता है। हजारों करोड़ मीडिया का पैसा और ऊर्जा मुझे इस तरह से आकार देने के लिए खर्च की गई है जो असत्य और गलत है।

