यात्री बस बंजारी घाट में गिरी, दो की मौत 35 घायल, एक महिला का पैर कटा प्रयागराज से रायपुर जा रही थी यात्री बस छत्तीसगढ़ से पलायन कर मजदूर वापस लौट रहे थे उत्तर प्रदेश से
बिलासपुर। पेंड्रा बिलासपुर मार्ग में प्रयागराज से बिलासपुर जा रही यात्री बस बंजारी घाट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई,जिससे बस में सवार 50 यात्रियों में 2 की मौत 3 गंभीर रुप से जबकि 35 लोगो को गंभीर चोटें , बस में सवार सभी यात्री मजदूर वर्ग के मजदूरी कर उत्तर प्रदेश से लौट रहे थे, घटना की सूचना पुलिस को मिलने के बाद रेस्क्यू की टीम मौके पर पहुंचकर हादसे में घायल यात्रियों को प्राथमिक चिकित्सा के बाद जिला अस्पताल रेफर किया।
घटना पेंड्रा बिलासपुर मार्ग कारीआम घाट की है जहां सुबह 5 बजे चालक की लापरवाही से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से छत्तीसगढ़ के बीच चलने वाली बस जो कारीआम बंजारी घाट के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई यात्री बस में सवार 50 यात्रियों में 35 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि पुष्पेंद्र पटेल 45 वर्ष पटेहरी थाना जिला मऊगंज मध्य प्रदेश मृतक राजू निर्मलकर पिता नीलकंठ निर्मलकर ग्राम नरियारा जिला जांजगीर के निवासी , एक महिला जिसका पैर कटा शिववती पति बदलू प्रजापति मऊगंज जुरहरा थाना मध्य प्रदेश, की रहने वाली है।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लिए काफी मजदूर छत्तीसगढ़ से अन्य राज्यों में पलायन करते हैं और इन्हीं मजदूरों को लेकर वापस उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से छत्तीसगढ़ यह यात्री बस आ रही थी, जो बंजारी घाट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
बिना वैद्य परमिट की चल रही है यात्री बस
छत्तीसगढ़ से उत्तर प्रदेश चलने वाली यह सभी यात्री बसें पर्यटन परमिट पर इस मार्ग पर मजदूरों को पलायन कराने का काम कराती है । इन बसों पर क्षमता से ज्यादा यात्री सवार रहते हैं और बेखौफ होकर मजदूरों को भेड़ – बकरियां की तरह मार्ग से लगातार आवाजाही करते हैं।
एक और हादसा
इसी मार्ग पर सुबह-सुबह दूसरी घटना हुई जिसमें पेंड्रा- बिलासपुर मार्ग पर घटोली पारा के पास कोयले से भरी ट्रेलर ढाबे में जा घुसी जहा ढाबे में काम करने वाले रसोईया और वेटर, टेलर के नीचे दबे हुए हैं, उन्हे रेस्क्यू कर निकालने का प्रयास जारी पुलिस एवं एंबुलेंस मौके पर पहुंची. पेंड्रा बिलासपुर मार्ग पर वाहनों का काफी दबाव है मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ सीमा पर कोयले के काफी खदान स्थित है जहां से बड़ी मात्रा में कोयले का परिवहन सडक़ मार्ग द्वारा किया जाता है । कोयल का ट्रिप अधिक से अधिक लगाने की फोड़ लगी रहती है जबकि मार्ग खस्ताहाल एवं घुमावदार है जिसके कारण हद से लगातार होते हैं ऐसे ही घटना आज सुबह-सुबह हुई कोयले से नदी एक टेलर वहां जो मध्य प्रदेश के कोयला खदान से कोयला लेकर रायपुर जा रही थी सुबह-सुबह ढाबे में जा घुसी ढाबे का रसोइया एवं वेटर सो रहे थे ,इस बीच हाईवा वहां ढाबे में जा घुसा जिससे ढाबा पूरा क्षतिग्रस्त हो गया और हाईवा और ढाबा के मलबे के नीचे दोनों दब गए, पुलिस की रेस्क्यू टीम वहां पहुंचकर उन्हे निकाला गया।


