सेक्टर अधिकारी निर्वाचन की महत्वपूर्ण कड़ी – कलेक्टर, सेक्टर आफिसर को है मजिस्ट्रेट का पावर, प्रशिक्षण में दिए महत्वपूर्ण टिप्स

सेक्टर अधिकारी निर्वाचन की महत्वपूर्ण कड़ी – कलेक्टर, सेक्टर आफिसर को है मजिस्ट्रेट का पावर, प्रशिक्षण में दिए महत्वपूर्ण टिप्स

बिलासपुर। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रार्थना भवन में सेक्टर अधिकारियों, उडऩदस्ता एवं स्थैतिक निगरानी दल के लिए आयोजित प्रशिक्षण में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश शरण शामिल हुए। उन्होंने प्रशिक्षण में कहा कि सेक्टर अधिकारी निर्वाचन की महत्वपूर्ण कड़ी है। सेक्टर ऑफिसर की हैसियत सेक्टर मजिस्ट्रेट की तरह होती है। कलेक्टर ने प्रशिक्षण में मौजूद लोगों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराना हमारा उद्देश्य है। चुनाव संबंधी हर प्रकार के कामकाज के लिए चुनाव आयोग के निर्देश बहुत ही स्पष्ट एवं पारदर्शी है। चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों को अच्छी तरह से पढक़र आत्मसात कर लें। जिले में विधानसभा चुनाव के लिए 153 सेक्टर अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशिक्षण में नगर निगम कमिश्नर श्री कुणाल दुदावत भी मौजूद थे।
कलेक्टर ने प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों की क्लास भी ली। प्रशिक्षण से संबंधित सवाल पूछे और उनकी जिज्ञासाओं को भी शांत किया। कलेक्टर ने बताया कि मतदान पूर्व दिवस की तैयारी में मतदान दलों को सामग्री सहित मतदान केंद्रों में सुरक्षित पहुंचाना, किसी भी प्रकार की शंका होने पर समाधान करना तथा कंट्रोल रूम को रिपोर्ट करने का दायित्व सेक्टर अधिकारी का है। सेक्टर ऑफिसर अपने पास रिजर्व मतदान सामग्री एवं कार्मिक रखेंगे, जिससे आवश्यकता वाले केंद्रों में पूर्ति की जा सके। सेक्टर अधिकारी कंट्रोल रूम को हर दो-दो घंटे में वोटिंग पर्सेंटेज की जानकारी देंगे। उन्होंने एफएसटी एवं एसएसटी टीम को भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सजगता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपको पूरी शक्तियां दी गई है। हर एक चेक पोस्ट से गुजरने वाले वाहनों की जंाच पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी से करें। उन्होंने कहा कि दोनों टीम आपसी सामंजस्य के साथ कार्य करें। कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर एवं किसी भी माध्यम से सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचे। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर एमटी आलम द्वारा इलेक्शन मैनेजमेंट, लॉ एंड आर्डर, ईव्हीएम की फंक्शनिंग एवं चुनाव से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। सेक्टर अधिकारियों से कहा गया कि वे सभी घटकों जैसे मतदान अधिकारी, नजदीकी पुलिस थाना, कंट्रोल रूम, रिटर्निंग ऑफिसर, बीएलओ इत्यादि का मोबाईल नंबर नोट करके रखें। सेक्टर ऑफिसर के वाहन में लगे जीपीएस के माध्यम से उनके वाहन की निगरानी रखी जाएगी।

MRINMOY MALLICK

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *