भारत ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, चांद पर उतरा चंद्रयान-3, चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश बना भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों व देशवासियों को दी बधाई
इसरो डायरेक्टर बोले, अगले 14 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण
चांद पर उतरने में कामयाबी हासिल करने वाला चौथा देश बना
नई दिल्ली। इसरो के चंद्रयान-3 ने चांद के दक्षिणी धु्रव पर उतरकर इतिहास रच दिया। भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कामयाब लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। चंद्रयान-3 ने बुधवार शाम 5 बजकर 44 मिनट पर उतरने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद अगले 20 मिनट में चंद्रमा की अंतिम कक्षा से 25 किमी का सफर पूरा किया। शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रयान-3 के लैंडर ने चांद पर पहला कदम रखा। इसरो के डायरेक्टर एस. सोमनाथ ने कहा कि अगले 14 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
प्रज्ञान रोवर को बाहर आने में एक दिन का समय भी लग सकता है। प्रज्ञान हमें चांद के वातावरण के बारे में जानकारी देगा। हमारे कई मिशन कतार में हैं। जल्दी सूर्य पर आदित्य एल1 भेजा जाएगा। गगनयान पर भी काम जारी है। चांद पर पहुंचकर चंद्रयान-3 ने मैसेज भेजा- मैं अपनी मंजिल पर पहुंच गया हूं। वहीं साउथ अफ्रीका से प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को बधाई देकर कहा- अब चंदामामा दूर के नहीं। इस कामयाबी के साथ भारत चांद के किसी भी हिस्से में मिशन लैंड कराने वाला चौथा देश बन गया है। इससे पहले अमेरिका, सोवियत संघ और चीन ही ऐसा कर सके हैं।
विक्रम व प्रज्ञान पृथ्वी पर भेजेंगे फोटो
अब सभी को विक्रम लैंडर से प्रज्ञान रोवर के बाहर आने का इंतजार है। धूल का गुबार शांत होने के बाद यह बाहर आएगा। इसमें करीब 1 घंटा 50 मिनट लगेगा। इसके बाद विक्रम और प्रज्ञान एक-दूसरे की फोटो खींचेंगे और पृथ्वी पर भेजेंगे। चंद्रयान मिशन को ऑपरेट कर रहे इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी ढ्ढस्क्रह्र ने चंद्रयान को श्रीहरिकोटा से 14 जुलाई को लॉन्च किया था। 41वें दिन चांद के साउथ पोल पर लैंडिंग की प्लानिंग की गई।
चंद्रयान-3 को चांद पर उतरने में 41 दिन लगे
चंद्रयान-3 आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से 14 जुलाई को 3 बजकर 35 मिनट पर लॉन्च हुआ था। इसे चांद की सतह पर लैंडिंग करने में 41 दिन का समय लगा। धरती से चांद की कुल दूरी 3 लाख 84 हजार किलोमीटर है।
यह क्षण भारत के सामथ्र्य का है : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुडक़र वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह क्षण भारत के सामथ्र्य का है। यह क्षण भारत में नई ऊर्जा, नए विश्वास, नई चेतना का है। अमृतकाल में अमृतवर्षा हुई है। हमने धरती पर संकल्प लिया और चांद पर उसे साकार किया। हम अंतरिक्ष में नए भारत की नई उड़ान के साक्षी बने हैं।
चंद्रयान-3 की सफलता पर देशभर में जश्न
चंद्रयान-3 ने बुधवार शाम चंद्रमा के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद से देशभर में जश्न मनाया गया। चंद्रयान की लैंडिंग पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने तिरंगा फहराया। गुजरात के सूरत में एक स्कूल के बच्चे खुशी से डांस करने लगे। बेंगलुरु में इसरो मिशन कंट्रोल सेंटर में वंदे मातरम के नारे लगाए गए। कई स्कूलों और दूसरे शिक्षण संस्थानों में भी इसका प्रसाारण किया गया।
भारत ने आज इतिहास रच दिया : भूपेश
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों और देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि हमारे वैज्ञानिकों ने अपनी प्रतिभा से इस कठिन मिशन को पूरा कर इतिहास रच दिया है।
नासा, ईएसए ने भारत को बधाई दी, यूके स्पेस एजेंसी ने कहा- इतिहास बन गया, इसरो को दी बधाई
अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप की अंतरिक्ष एजेंसियों ने भारत के चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर बधाई दी है। इसरो के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में चंद्रयान-3 मिशन ने बुधवार को इतिहास रच दिया, भारत चंद्रमा के दक्षिणी धु्रव के पास उतरने वाला दुनिया का पहला देश बन गया। नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के लिए इसरो को बधाई! और चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान की सफलतापूर्वक सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला चौथा देश बनने पर भारत को बधाई। हम इस मिशन में आपका भागीदार बनकर खुश हैं!’ यूके स्पेस एजेंसी ने कहा, इतिहास बन गया! इसरो को बधाई।’ चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान में एक प्रणोदन मॉड्यूल (वजन 2,148 किलोग्राम), एक लैंडर (1,723.89 किलोग्राम) और एक रोवर (26 किलोग्राम) शामिल है। लैंडिंग के साथ, 600 करोड़ रुपए के चंद्रयान -3 मिशन का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो गया है। शेष भाग चंद्रमा रोवर है जो लैंडर से नीचे लुढक़ रहा है, चारों ओर घूम रहा है और प्रोग्राम किए गए प्रयोग कर रहा है।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के महानिदेशक जोसेफ एशबैकर ने एक्स पर कहा, अविश्वसनीय! इसरो, चंद्रयान-3 और भारत के सभी लोगों को बधाई!! उन्होंने कहा, नई प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने और किसी अन्य खगोलीय पिंड पर भारत की पहली सॉफ्ट लैंडिंग हासिल करने का यह कैसा तरीका है।’ इस प्रक्रिया में ईएसए के समर्थन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एजेंसी महान सबक सीख रही है और महत्वपूर्ण विशेषज्ञता प्रदान कर रही है।’

