टीएस सिंहदेव बनाए गए उपमुख्यमंत्री सामूहिक नेतृत्व में लड़ेंगे विस चुनाव भाजपा के ट्रैप में नहीं है फंसना : सैलजा

टीएस सिंहदेव बनाए गए उपमुख्यमंत्री सामूहिक नेतृत्व में लड़ेंगे विस चुनाव भाजपा के ट्रैप में नहीं है फंसना : सैलजा

रायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार देर शाम इसकी घोषणा की। इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठक के बाद टीएस सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने का अभी कोई सवाल नहीं है।दिल्ली में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ छत्तीसगढ़ के नेताओं की बैठक में विधानसभा के साथ-साथ लोकसभा चुनाव को लेकर मंथन किया गया। सिंहदेव को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर उनके समर्थकों में भारी उत्साह है।
दिल्ली में आज विधानसभा चुनाव-2023 के संबंध में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की अहम बैठक हुई। कांग्रेस मुख्यालय में बैठक सुबह 11 बजे शुरू हो गई थी। तकरीबन 3 घंटे तक बैठक चली। बैठक में विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक हुई तैयारियों पर चर्चा हुई। सरकार की ओर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और संगठन की ओर से पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अपनी रिपोर्ट दी। वहीं मंत्रियों ने भी कई सामाजिक और रानजनीतिक सुझाव दिए।
बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस अच्छा काम कर रही है। राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचा है। कांग्रेस को लेकर जनता के बीच में सकारात्मक वातावरण है। चुनाव के संबंध में विस्तार से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हुई है। छत्तीसगढ़ के नेताओं ने अपने सुझाव दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं और भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत मिले फीडबैक की जानकारी दी है। वहीं संगठन के कार्यक्रमों के बारे में मोहन मरकाम ने अपनी रिपोर्ट दी है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष खडग़े, राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने भी छत्तीसगढ़ के नेताओं का मार्गदर्शन किया और निर्देश दिए है। वहीं राहुल गांधी ने भी बैठक के दौरान अपनी बात कही है। राहुल गांधी ने 2018 का उदाहरण देते हुए कहा कि सबने जिस तरह से अपनी जिम्मेदारी लेते हुए मेहनत की थी उसी तरह से इस चुनाव में काम करना होगा। सभी वर्ग के लोगों तक हमें वापस पहुँचना होगा।
प्रदेश प्रभारी सैलजा ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने तय किया है कि छत्तीसगढ़ में सामूहिक नेतृत्व में चुना लड़ा जाएगा। जैसे हमने 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। जनता और कार्यकर्ताओं की सरकार से बड़ी उम्मीदें रहती है। हमें खुशी है कि हम जनता और कार्यकर्ताओं दोनों के ही भरोसे पर खरे उतरे हैं। हम भाजपा के नकारात्मक के खिलाफ लड़ेंगे। भाजपा का काम धार्मिक एजेंडा चलाना, लेकिन हम उसे चलने नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ट्रैप कर फंसाने की कोशिश करती है, लेकिन झूठे और फालतू एजेंडो पर कोई फंसने वाला नहीं है। जनता भाजपा और केंद्र सरकार की सच्चाई को जान चुकी है। जनता के बीच हमें इसी सच्चाई को और जमीन तक लेकर जाना है। छत्तीसढ़ में फिर से कांग्रेस की सरकार बनानी है। अगले 4 महीने हम सभी को इसी पर काम करना है। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, कुमारी सैलजा के साथ ही छत्तीसगढ़ से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष, डॉ। चरणदास महंत, पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्री ताम्रध्वज साहू, टीएस सिंहदेव, मो। अकबर, कवासी लखमा, जय सिंह अग्रवाल, वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, धनेन्द्र साहू, सह-प्रभारी विजय जांगिड़, प्रभारी सचिव चंदन यादव और सप्तगिरी उल्का के साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कई नेता मौजूद रहे।

MRINMOY MALLICK

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