खेल मैदान बचाने छात्र करेंगे गांधीगिरी शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा कालेज का खेल मैदान होगा नीलाम, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा, देशभर में प्रकाशित कराना होगा विज्ञापन
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसला में न्यायधानी के प्रतिष्ठित शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा कॉलेज स्थित खेल मैदान को नीलाम करने की अनुमति दे दी है। हाईकोर्ट ने देश भर में विज्ञापन प्रकाशित कर इसका नीलामी विज्ञापन छपवाने के निर्देश दिए हैं।
शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के खेल मैदान के लिए 70 साल पहले ट्रस्ट ने जमीन दान में दी थी। ट्रस्ट ने इसे बेचने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। जरहाभाठा स्थित शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा कॉलेज में कला एवं वाणिज्य संकाय की पढ़ाई होती है। कॉलेज के सामने बिलासपुर- रायपुर नेशनल हाइवे पर 2.38 एकड़ जमीन है। इसे कॉलेज के विद्यार्थी खेल मैदान के रूप में उपयोग करते है। उक्त जमीन को शिव भगवान रामेश्वर लाल चैरिटीबल ट्रस्ट ने 70 साल पहले खेल मैदान के रूप में उपयोग करने दान में दिया था। ट्रस्ट ने खसरा नंबर 107/3 रकबा 0.40 हेक्टेयर व खसरा नंबर 108/3 रकबा 0.9222 हैक्टेयर जमीन का उपयोग खेल मैदान के रूप में हो रहा है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने वर्ष 2019 में बिलासपुर एसडीएम कोर्ट में आवेदन पेश किया था।
इसकी जानकारी के बाद कालेज खेल मैदान होने के चलते जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। कॉलेज के छात्रों के अलावा शहर के कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। जिसके बाद उक्त खेल मैदान को बेचने की अनुमति एसडीएम ने रद कर दिया था। एसडीएम के फैसले के बाद शिव भगवान चैरिटिबल ट्रस्ट के ट्रस्टी कमल बजाज, चिराग बजाज, अनन्या बजाज ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर खेल जमीन को बेचने की अनुमति देने की मांग की। मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद चंदेल के सिंगल बैंच में हुई। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारीबकर जवाब पेश करने का निर्देश दिया था। शासन ने जवाब पेश नहीं किया। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने जमीन बेचने ट्रस्ट को अनुमति दे दी है।
हाईकोर्ट ने दी ये व्यवस्था
कॉलेज के प्रवेश के लिए 20 फिट का रास्ता छोडऩा होगा। पार्किंग के लिए भी 25 फिट जमीन छोडऩी होगी। कलेक्टर कॉलेज के खेल मैदान के जमीन की कीमत का पहले मूल्याकंन करायेंगे। ट्रस्ट की जमीन को बेचने से पहले पूरे देश में बिडिंग के लिए पेपर प्रकाशन कराना होगा। नीलामी में जो सबसे अधिक बोली लगाएगा उसे खेल मैदान की जमीन बिक्री की जाएगी।

