मानहानि मामले में राहुल को 2 साल की सजा
राहुल ने किया ट्वीट मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित, सत्य मेरा भगवान
सूरत। गुजरात की सूरत जिला अदालत ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को अप्रैल 2019 में उनकी ’मोदी सरनेम’ टिप्पणी के मामले में दोषी ठहराया। गांधी को आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत दोषी ठहराया गया। इसके तहत अधिकतम सजा दो साल है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एच. एच. वर्मा की अदालत ने उन्हें दोषी पाते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई और 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। हालांकि अदालत ने सजा को निलंबित कर दिया और 30 दिनों के भीतर अपील करने के लिए जमानत दे दी। राहुल गांधी ने वकील ने कहा कि वे जल्द ही सेशन कोर्ट जाएंगे। भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ उनकी टिप्पणी सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों है? के लिए केस दर्ज कराया था। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक के कोलार में एक रैली को संबोधित करते हुए टिप्पणी की गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि राहुल की टिप्पणी से मोदी समुदाय की बदनामी हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा ने पिछले सप्ताह दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाने के लिए 23 मार्च की तारीख तय की थी। गांधी ने कहा है कि जब उन्होंने उक्त बयान दिया, तो उनकी ओर से कोई दुर्भावना नहीं थी। सुनवाई के दौरान राहुल कोर्ट में मौजूद रहे। राहुल ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। उनके वकील के मुताबिक, ‘राहुल ने कहा कि बयान देते वक्त मेरी मंशा गलत नहीं थी। मैंने तो भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी।’ दोषी ठहराए जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में राहुल ने एक ट्वीट में कहा, मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है, सत्य मेरा भगवान है, और अहिंसा इसे पाने का एक तरीका है।
करना पड़ सकता है अयोग्यता का सामना
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सूरत की अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अगर ऊपरी न्यायालयों द्वारा उनकी सजा का निलंबन नहीं किया जाता है, तो उन्हें एक सांसद के रूप में अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है और वह चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत अगर किसी को दो साल या उससे अधिक के कारावास की सजा सुनाई जाती है, तो वह व्यक्ति कारावास की अवधि और छह साल की अवधि के लिए अयोग्य हो जाता है। लेकिन, अधिनियम में मौजूदा सदस्यों के लिए एक अपवाद है। उन्हें अपील करने के लिए सजा की तारीख से तीन महीने की अवधि प्रदान की गई है और अपात्रता तब तक लागू नहीं होगी जब तक कि अपील का फैसला नहीं हो जाता।
राहुल से डरती है यह सरकार : अधीर रंजन
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार राहुल गांधी से डरती है इसलिए उनकी सदस्यता खत्म करने की साजिश की जा रही है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी से डर की वजह से उन्हें हर तरह से दबाने की कोशिश की जा रही है लेकिन राहुल गांधी डरने वाले नहीं हैं।

कांग्रेस ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं-भूपेश
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल गांधी के ऊपर आए फैसले को लेकर कहां की कांग्रेस ऐसे कार्रवाई से डरने वाली नहीं है पूर्व में भी इस प्रकार की कार्रवाईया की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सभी को दबाने डराने धमकाने व कुचलने का काम किया जा रहा है किसी को स्वतंत्र होकर बोलने का अधिकार अब नहीं रह गया है।

हम शुरू से ही जानते थे क्योंकि वे जज बदलते रहे। हम कानून, न्यायपालिका में विश्वास करते हैं और हम कानून के अनुसार इसके खिलाफ लड़ेंगे : मल्लिकार्जुन खडग़े

राहुल की आवाज को दबाने के लिए भयभीत
शक्तियां सभी हथकंडे अपना रही हैं, लेकिन मेरे भाई कभी नहीं डरे। हम देश के लिए आवाज उठाते रहेंगे: प्रियंका गांधी

शब्दों की मर्यादा हमेशा बनी रहनी चाहिए। इस फैसले से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सबक लेना चाहिए: राजनाथ सिंह , रक्षामंत्री

अगर राहुल गांधी लोगों को अपशब्द कहेंगे तो कानून अपना काम करेगा। सभी ‘मोदी’ उपनाम के लोगों को चोर कहना स्पष्ट रूप से अपमानजनक है: रविशंकर प्रसाद, भाजपा नेता

अदालत का सम्मान करते हैं, लेकिन फैसले से सहमत नहीं। राहुल गांधी को मानहानि के मुकदमे में फंसाना ठीक नहीं है: अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी संयोजक

