संजू त्रिपाठी हत्याकांड के एक फरार शूटर गिरफ्तार
आरोपी ने किया फायरिंग की घटना का खुलासा
बिलासपुर । संजू त्रिपाठी हत्याकांड के एक फरार शूटर को बिलासपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक नग बटनदार चाकू जब्त किया है।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण के आरोपी गण कपिल त्रिपाठी एवं 18 अन्य द्वारा एक राय होकर अपराधिक षडयंत्र कर घटना दिनांक समय को घटना स्थल खनिज बैरियर के पास बायपास रोड पर मृतक संजू त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या की गई है। विवेचना के दौरान प्रकरण के आरोपी गण कपिल त्रिपाठी एवं अन्य 18 को गिरफ्तार किया जाकर दिनांक 17.03.2023 को अंतर्गत धारा 173 (8) जाफौ0 के प्रावधानों के तहत माननीय न्यायालय पेश कर प्रकरण की विवेचना लगातार की जा रही है। प्रकरण के शूटर्स आरोपी गण 1. दानिश अंसारी उम करीब 32 साल नि0 बनारस उप्र0 02 एजाज अंसारी उर्फ ऐज उर्फ सोनू उम्र करीब 35 साल नि0 बनारस उप्र0 03. विनय द्विवेदी उर्फ गुरुजी उर्फ वासू सिंह उम्र करीब 23 साल नि0 मानिकपुर उप्र0 04. ताबीज अंसारी उर्फ इरफान अहमद पिता महफूज अहमद उम्र करीब 28 साल नि0 ग्राम मउपारा देवकाली सैदपुर गाजीपुर उप्र0 घटना के बाद से फरार है। प्रकरण सदर में फरार आरोपियों की पतासाजी हेतु पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार पुलिस टीम को लखनउ उत्तरप्रदेश रवाना किया गया था। जो दिनांक 17.03.2023 को प्रकरण के फरार आरोपी संदीप यादव उर्फ पप्पू दाड़ी को थाना बक्शी का तालाश लखनउ उप्र0 से समन्यवय स्थापित कर कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड लेकर आरोपी के मेमो0 कथन के आधार पर जप्तशुदा एक नग लोहे का बटनदार चाकू को जप्त किया गया है। आरोपी द्वारा फायरिंग के घटना कम का खुलासा करते हुये बताया कि वर्ष 2006 से लगातार हत्या लूट डकैती के अपराधो में संलग्न रहा है। जिससे उप्र0 पुलिस इसकी लगातार तलाश कर रही है। फरारी के दौरान यह कलकत्ता में छिपकर रह रहा था। इसी दौरान इसका साथी सोनू उर्फ एजाज अंसारी घटना कारित करने के लिये बिलासपुर बुलाया तो यह 11 दिसंबर 2022 को बिलासपुर पहुंचा और कपिल त्रिपाठी के फार्म हाउस में अन्य आरोपियो के साथ मिलकर घटना करने की योजना बनाये तथा घटना स्थल का रैकी किये। हत्या करने के एवज में प्रत्येक शूटरों को दो-दो लाख रूपये कपिल त्रिपाठी देने की बात किया था। घटना दिनांक को सभी आरोपी वाहनो में सवार होकर घटना स्थल पहुंचे और संजू त्रिपाठी गोलीमारकर हत्या करने के बाद उत्तरप्रदेश भाग गये थे। आरोपी द्वारा घटना कारित करने के एवज में पैसे की मांग करने पर कपिल त्रिपाठी द्वारा बाद में देने का आश्वासन देना एवं घटना दिनांक को दो दो हजार रूपये खर्च करने के लिये देना बताया है। लेकिन बनारस जाने के बाद कपिल त्रिपाठी एवं अन्य आरोपियों के पकड़े जाने से पैसा नहीं मिलना और कलकत्ता पुन: चला जाना कुछ दिन व्यतीत हो जाने के बाद अपने साथियो से मिलने लखनउ आने पर पुलिस द्वारा पकड़ा गया।
घटना घटित होने के बाद आरोपी संदीप यादव, एजाज उर्फ सोनू, प्रेम श्रीवास, गुरुजी उर्फ विनय द्विवेदी के साथ सफेद डिजायर कार से बनारस गये थे।

