डीएमफ से 95.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन
नगोई और गनियारी में दंतेवाड़ा की तर्ज पर खुलेगी गारमेंट फैक्ट्री, साढ़े 10 करोड़ मंजूर
कलेक्ट्रेट-कंपोजिट बिल्डिंग को जोडऩे बनेगा फुट ओवर ब्रिज

डीएमफ से 95.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदननगोई और गनियारी में दंतेवाड़ा की तर्ज पर खुलेगी गारमेंट फैक्ट्री, साढ़े 10 करोड़ मंजूरकलेक्ट्रेट-कंपोजिट बिल्डिंग को जोडऩे बनेगा फुट ओवर ब्रिज

बिलासपुर । जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के  अंतर्गत जिले में वर्ष 2023 – 24 में 95. 75 करोड़ रुपए के विकास कार्य  किए जायेंगे। कलेक्टर  सौरभ कुमार की अध्यक्षता में आयोजित डीएमएफ के शासी निकाय की बैठक में आज उक्त राशि के 239 कार्य प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। इनमें मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा भेंट मुलाकात सहित अन्य अवसरों पर जिले के विकास के लिए की गई घोषणाएं भी शामिल की गई हैं। मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में संसदीय सचिव  रश्मि आशीष सिंह, विधायक धरमलाल कौशिक,  डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी,  शैलेश पांडे,  रजनीश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण चौहान, महापौर  रामशरण यादव सहित सांसद प्रतिनिधि एवम् जिला स्तरीय अधिकारी शामिल थे। 

      शासी परिषद की आज की अहम बैठक में नगोई एवं गनियारी में गारमेंट्स सिलाई फैक्ट्री की स्थापना के लिए लगभग साढ़े 10 करोड़ राशि की स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने भेंट मुलाकात अभियान में महिलाओं की मांग पर इसकी घोषणा की थी। बिहान की महिला स्व सहायता समूह इसका संचालन करेंगी। दंतेवाड़ा की सफल डेनेक्स ब्रांड की तर्ज पर इनका कारोबार चलेगा। इसके अलावा बैठक में मुंगेली रोड पर कलेक्टोरेट और जिला न्यायालय के बीच फूट ओवर ब्रिज का भी निर्माण किया जायेगा। स्मार्ट सिटी लिमिटेड बिलासपुर को इस काम के लिए 78 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। इसके निर्माण से लोग सुरक्षित तरीके से कोर्ट और कलेक्टोरेट आ जा सकेंगे। दुर्घटना की आशंका नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप तोरवा छठघाट में टेलरिंग शेड निर्माण के लिए 3 करोड़ 32 लाख दिए गए हैं। बिलासपुर शहर में अंग्रेजी माध्यम की स्वामी आत्मानंद कॉलेज के लिए 5 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। शहर के मध्य पुराने हाईकोर्ट भवन में इसका निर्माण किया जायेगा। बैठक में जिले की सभी विकासखंडों व विधानसभा क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों की सुझाव व आम जनता की मांग के अनुरूप प्रस्तावों की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी गई है। बैठक के पूर्व शासी परिषद के सचिव और जिला पंचायत सीईओ आर ए कुरुवंशी ने सदस्यों का स्वागत और डीएमएफ प्रभारी संयुक्त कलेक्टर वैभव क्षेत्रज्ञ ने अंत में आभार व्यक्त किया।

फुट ओवरब्रिज बनने से दूर होगी समस्या-शैलेष

विधायक शैलेष पांडेय ने कहा कि दफ्तरों के लिहाज से यह सबसे संवेदनशील स्थान है। कलेक्टोरेट, जिला न्यायालय, जिला पंचायत, रजिस्ट्री आफिस, पुलिस, नगर निगम सहित 50 से अधिक सरकारी विभागों वाली नई और पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग कलेक्टोरेट रोड के आमने-सामने है। कई विभाग एक दूसरे से जुड़े हैं और आवश्यक कार्यों से आने वालों को दिन में कई कई बार रोड क्रास करना मजबूरी होती है। कलेक्टोरेट, पुरानी और नई कंपोजिट बिल्डिंग और कोर्ट तक आने- जाने के लिए हर दिन हजारों लोगों को सडक़ पार करना होता है। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में यहां फुट ओवरब्रिज बनने से समस्या दूर की जा रही है, जिससे आम लोग बेखौफ होकर रोड क्रॉस कर सकेंगे।

MRINMOY MALLICK

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