हमारे प्रयासों से लोगों के जीवन में आया बदलाव पर हमें पूरा संतोष-भूपेश
लोगों की आय बढ़ी, गांवों में आई समृद्धि
तखतपुर। 60 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में लाखों लोगों से भेंट-मुलाकात के बाद में आज इस बात को पूरे संतोष के साथ कह सकता हूं कि हमारी न्याय योजनाओं से लोगों के जीवन में बहुत बदलाव आया है। वंचित और गरीब समुदाय के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उन तक उनके अधिकार पहुंचाने में हम कामयाब हुए हैं। इन चार सालों के दौरान हम छत्तीसगढ़ के लोगों में यह अहसास जगाने में कामयाब रहे कि यह प्रदेश उनका अपना प्रदेश है, यह सराकार उनकी अपनी सरकार है। ये बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में अपने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दूसरे दिन पत्रकारों से चर्चा करते कहीं। उन्होंने कहा इन चार वर्षों के दौरान हमने ऐसी योजनाएं बनाई, जिनसे सभी वर्ग के लोगों की आय में बढ़ोतरी हुई, गांवों में समृद्धि आई। लोगों का जीवन खुशहाल हुआ।
प्रदेश में अभी तक 102 लाख मीटरिक टन से ज्यादा धान की खरीदी हो चुकी है। यह धान खरीदी का नया रिकॉर्ड है। हम हर साल धान खरीदी का नया रिकार्ड बना रहे हैं। इस साल 110 लाख मीटरिक टन धान खरीदी का अनुमान है, लेकिन अब लग रहा है कि यह आंकड़ा भी पार हो जाएगा। डायरेक्ट बेनीफिट स्कीमों के माध्यमों से अभी तक हम डेढ़ लाख करोड़ रुपए से अधिक राशि लोगों की जेबों में सीधे पहुंचा चुके हैं। बिजली बिल हॉफ योजना के अंतर्गत 42 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को अब तक 3200 करोड़ रुपए की राहत दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि हमने अपनी योजनाओं का लगातार विस्तार किया है, इससे हितग्राहियों की संख्या लगातार बढ़ी है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ अब खरीफ की सभी फसलों, उद्यानिकी फसलों और वृक्षारोपण करने वाले किसानों को भी मिल रहा है। राज्य में कोदो-कुटकी-रागी का समर्थन मूल्य घोषित करने साथ-साथ हमने इन फसलों की खरीदी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।
दलहन फसलों को प्रोत्साहित करते हुए अब मूंग, उड़द, अरहर की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के दायरे को विस्तार देते हुए अब इसमें बैगा, गुनिया, पुजारी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिया श्रेणी के हितग्राहियों को भी शामिल किया गया है। गोधन न्याय योजना में पहले केवल गोबर की खरीदी की जाती थी, अब हम गोमूत्र की भी खरीदी करके जैविक खाद और कीटनाशक बना रहे हैं।
आज पूरे देश में आवारा मवेशियों की समस्या है। इसका समाधन छत्तीसगढ़ ने गौठानों के रूप में प्रस्तुत किया है। हमारे गौठानों में गोबर से कई तरह की चीजें बनाई जा रही हैं। इससे प्राकृतिक पेंट का उत्पादन भी शुरू हो चुका है। सभी शासकीय भवनों की पोताई के इसी प्राकृतिक पेंट का उपयोग किया जा रहा है।
श्री बघेल ने कहा शिक्षा के क्षेत्र में हमारे नवाचारों को पूरे देश ने सराहा है। हमारी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना आज आधुनिक शिक्षा का पर्याय बन चुकी है। अब प्रदेश में 247 अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के साथ-साथ हिंदी माध्यम के 32 उत्कृष्ट स्कूल भी संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही अंग्रेजी माध्यम के कॉलेज भी शुरु किए जा रहे हैं। आगामी शिक्षा सत्र से राज्य में 422 हाई स्कूलों एवं हायर सेकंडरी स्कूलों को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में उन्नत किया जाएगा।
मैंने बरसात से पहले सभी छात्रावासों, आश्रमों, स्कूलों के भवनों की मरम्मत करने के निर्देश दिए है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। इस कार्य योजना में कलेक्टोरेट, एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, थाना, चौकी जैसे सार्वजनिक स्थलों के भवनों को भी शामिल किया जाएगा।

