जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई
सिम्स मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने परिसर पर किया काली पट्टी लगाकर प्रदर्शन
मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर सांकेतिक हड़ताल

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराईसिम्स मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने परिसर पर किया काली पट्टी लगाकर प्रदर्शनमानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर सांकेतिक हड़ताल

बिलासपुर । सिम्स मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों के सांकेतिक हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। जिससे आज सिम्स में आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब जूनियर डॉक्टर भी हड़ताल पर चले गए हैं। विगत 4 वर्षों से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी ना किए जाने पर आक्रोशित इंटर्न, पीजी और जूनियर डॉक्टर 48 घंटे के सांकेतिक हड़ताल पर है । गुरुवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्य का बहिष्कार किया। प्रदेश के करीब 3000 जूनियर डॉक्टर, इंटर्न और पीजी डॉक्टर 48 घंटे के सांकेतिक हड़ताल पर है, जिन का आरोप है कि अन्य राज्यों की तुलना में उन्हें सबसे कम मानदेय दिया जा रहा है। जिसमें पिछले 4 सालों से इसमे कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हड़ताली चिकित्सकों ने कहा कि अगर 48 घंटे में उनकी मांग पूरी ना हुई तो प्रदेश के सभी जूनियर डॉक्टर, इंटर्न और पीजी डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे और ओपीडी का बहिष्कार किया जाएगा।

हालांकि इस दौरान मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगे। हड़ताली डॉक्टरों ने बताया कि वर्तमान में इन्टर्नस को 12,600, पीजी फर्स्ट ईयर को 53,500, पीजी सेकंड ईयर को 56,700, पीजी थर्ड ईयर को 59,220 और पोस्ट पीजी बांड के तौर पर 55,000 दिए जा रहे हैं, जिसमें पिछले 4 साल से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसे बेहद कम बताते हुए जूनियर डॉक्टर ने इसमें बढ़ोतरी की मांग की है। स्टाइपेंड को अन्य राज्य के समान किए जाने की मांग की जा रही है। जाहिर तौर पर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर, इन्टर्नस और पीजी डॉक्टर के एक साथ हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
लंबे समय से प्रदेश भर के जूनियर डॉक्टर्स की मानदेय बढ़ाने की लंबित मांग को लेकर आज से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के साथ साथ सिम्स बिलासपुर के  जूनियर डाक्टर्स भी हड़ताल पर जा रहे हैं । पिछले कई बार किए गए आवेदनों  के जवाब में शासन की तरफ से अभी तक केवल आश्वासन ही मिलने की स्थिति में हड़ताल पर जाने को विवश हुए जूनियर डॉक्टर्स आज से सांकेतिक हड़ताल पर है एवं मांगे न माने जाने पर अनिश्चितकालीन  हड़ताल पर जाने को विवश हो जायेंगे।
चर्चा के दौरान सिम्स हॉस्पिटल के जूनियर डॉक्टर एशोसिएशन की अध्यक्ष डॉ चंचल लहरी ने बताया कि मानदेय बढ़ाने की हमारी मांग पूर्णतया न्यायसंगत है देश के अलग अलग राज्यों के सभी मेडिकल कालेजों में जूनियर डाक्टर्स को मिलने वाली मानदेय छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों से कहीं ज्यादा हैं, बार बार इस ओर शासन का ध्यानाकर्षण विभिन्न पत्रों एवं आन्दोलनों से करने के बावजूद आज दिनाँक तक हमे केवल आश्वासन ही मिला है,  डॉ चंचल लहरी ने आगे बताते हुए कहा कि हम अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और ये जानते है कि हमारे ऐसे आन्दोलनों से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।
दूरस्थ क्षेत्रों से काफी संख्या में सिम्स पहुंचने वाले ग्रामीण मरीजों को समय पर सही चिकित्सकीय सेवा न मिल पाने की स्थिति में उनको होने वाली परेशानियों की पीड़ा हम भी महसूस कर सकते हैं परंतु  जिम्मेदारी शासन की भी बनती है ,इसलिए हम शासन तक ये संदेश पहुंचाना चाहते है हमारे मांगों के विषय मे गंभीरता पूर्वक  विश्लेषण कर यथासंभव यथाशीघ्र फैसला ले ताकि चिकित्सा जैसी आवश्यक सेवा लंबे समय तक बाधित न हो। वर्तमान परिदृश्य में अपनी मांगों को लेकर जूनियर डाक्टर्स एशोसिएशन ने केवल ओपीडी की सेवाओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है मांगों पर जल्द ही कोई निर्णय नहीं होने की स्तिथि में हम अनिश्चित कालीन हड़ताल करने पर विवश हो जायेंगे।

MRINMOY MALLICK

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