उच्च शिक्षा में शोध का बहुत महत्व है-कमलेश
बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कार्यशाला का आयोजन
बिलासपुर । शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर वाणिज्य विभाग एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला विशय ‘‘शोध पत्र कैसे लिखें ‘‘का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष डॉ. एस. आर. कमलेश के द्वारा मॉ सरस्वती पर द्वीप प्रजवलित कर किया गया।
कार्यशाला संयोजक डॉ. सुधीर शर्मा ने कार्यशाला पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश एवं बिलासपुर शहर के उच्च शिक्षा विभाग में नव-नियुक्ति सहायक प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं शोध निर्देशकों को नये शोध प्रविधि से अवगत कराते हुए उच्च एवं गुणवत्तापूर्ण शोध के लिये प्रेरित करना है। डॉ. सुधीर शर्मा के अनुसार नववर्ष की शुरूवात का उद्देश्य शोध पर हो। रिसर्च पेपर अच्छा होना चाहिए उपयोगी होना चाहिए। औपचारिकता के लिए पेपर नहीं लिखना चाहिए। छोटे-छोटे चीजों पर रिसर्च कर सकते हैं। मानसिक रूप से फिजिकल रूप से समाज तक पहुॅचा सकते है। कार्यशाला के अध्यक्ष डॉ. एस. आर. कमलेश, प्राचार्य एवं अपर संचालक, उच्च शिक्षा विभाग, ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि उच्च शिक्षा में शोध का बहुत महत्व है। मानव कल्याण के लिए शोध अनिवार्य है। पश्चिमी देशों में विकास शोध का ही परिणाम है। मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमारे महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ से डॉ. मधुलिका सिन्हा एवं वाणिज्य विभाग के प्रो. सुधीर शर्मा द्वारा अत्यंत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस हेतु मैं आईक्यूएसी प्रभारी, संयोजक, सह संयोजक के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करता हॅू। उच्च शिक्षा में शोध का सबसे महत्वपूर्ण स्थान हैं क्योंकि शोध का प्रमुख उद्देष्य मानव कल्याण हैं। शोध वर्तमान, भूत और भविष्य का मिश्रण होता हैं मानव जीवन को आसान एवं गुणवत्ता पूर्ण बनाने में शोध ही आधार शीला रही हैं। जिन देशों में जितने अधिक शोध कार्य हुए है, वहॉ उतनी अधिक प्रगति हुई है, पश्चिम देशों के सभी क्षेत्रों में आधुनिकीकरण एवं तकनीकी विकास के पीछे शोध की गुणवत्ता नवाचार रहीं हैं।

