आरक्षण विधेयक ध्वनिमत से पारित
रायपुर। आरक्षण संशोधन विधेयक शुक्रवार को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया ।
विपक्ष की ओर से लाए गए संशोधन प्रस्ताव को सत्ता पक्ष ने बहुमत के आधार पर अस्वीकृत कर दिया। विपक्ष ने अजा को 16 प्रतिशत व आर्थिक रूप से गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने संशोधन प्रस्ताव लाया गया था इस दौरान भाजपा ,बसपा व जनता कांग्रेस के सदस्यों ने संशोधन विधेयक को मंजूर करने का आग्रह सदन के नेता किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्ष के संशोधन प्रस्ताव पर कहा वे इसके पक्षधर है । इसके बावजूद सतापक्ष ने ध्वनिमत से अस्वीकृत कर दिया।
अनुसूची 9 में शामिल करने प्रधानमंत्री से मिलने पक्ष-विपक्ष के सदस्य मिलकर चलें
छत्तीसगढ़ विधानसभा विशेष सत्र में आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि विपक्ष को दो महीना 10 दिन बहुत बड़ा लगा, लेकिन 2012 में आरक्षण लागू करने के बाद 6 साल इन्हें बहुत कम लगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अपने प्रभारियों को बताने के लिए कुछ नहीं है। इसलिए आरोप लगा रहे हैं। आरक्षण मामले में कुणाल शुक्ला पर विपक्षी सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि आरक्षण मामले में 41 लोग कोर्ट गए थे। उनमें से एक नाम कुणाल शुक्ला का है। भाजपा शासन काल में आरक्षण का विषय था मंत्रियों की कमेटी बनी, लेकिन कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी हाईकोर्ट में पेश नहीं किया। क्वांटिफाबल डाटा आयोग 7 साल में भाजपा नहीं बना पाई।जब हमारी सरकार आई तो हमने आयोग बनाया और उसकी रिपोर्ट भी 3 साल में आ भी गई, जबकि 2 साल कोरोना में बीता है। छत्तीसगढ़ के जंगली इलाकों में जो लोग रह रहे हैं। उनकी स्थिति कमजोर है। आरक्षण में उन्हें स्थान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से कहा कि जनगणना करा लें।हम भी संख्या के आधार पर अजा वर्ग को 16 प्रतिशत आरक्षण देंगे। हमारे मंत्री आज ही राजभवन जाएंगे। राज्यपाल से बिल पर दस्तख़त करने का आग्रह करेंगे। आरक्षण बिल की मंशा भी उन्हीं की थी।भूपेश बघेल ने कहा कि अनुसूची 9 में शामिल करने प्रधानमंत्री मोदी से मिलने पक्ष-विपक्ष के सभी सदस्य मिलकर चलें।
आरक्षण को 9 वी अनुसूची में
शमिल करने संकल्प पारित
विधान सभा द्वारा पारित आरक्षण संशोधन विधेयक को संविधान की नवमी अनुसूची में शमिल करने का संकल्प मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में पेशा किया । चर्चा के बाद सदन ने शासकीय संकल्प को ध्वनिमत से पारित कर दिया । संकल्प पारित होने के बाद सदन की कार्रवाई 2 जनवरी तक के लिये स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष ने शीतकालीन सत्र जनवरी के प्रथम सप्ताह में आहुत होने की जानकारी दी हैं।
अनुपूरक बजट पर विपक्ष का बहिर्गमन, बिना चर्चा के पारित
विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 43सौ करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया। उन्होंने अनुपूरक बजट पेश करते हुए कहा कि वित्तीय स्थिति बेहतर है। सरकार में 8 माह में बाजार से कोई कर्जा नहीं लिया है। भाजपा सदस्यों ने इसे नियम विरूद्ध बताते हुए अनुपूरक बजट की चर्चा का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद विबपक्ष की गैर मौजूदगी में बिना चर्चा के अनुपूरक बजट पारित हो गया। अनुपूरक बजट पर विपक्ष की गैर मौजूदगी को लेकर मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष की हालत क्या है, यह दिख रहा है।

मंत्री शिव डहरिया व चंद्राकर के बीच हाथापाई की नौबत
आरक्षण संशोधन विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष में जमकर तकरार के बाद अप्रिय स्थिति निर्मित हो गई। हंगामा होते देख आसंदी ने कार्रवाई 10 मिनट के लिए कार्रवाई स्थगित कर दी। इसके बाद सदन में मंत्री शिव डहरिया ने वरिष्ठ भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर दी। जिससे वे आक्रोशित हो गए। उन्होंने जवाब में ताल ठोकते हुए मंत्री को चुनौती दी। इससे माहौल उत्तेजित हो गया। अजय चंद्राकर व मंत्री शिव डहरिया एक दूसरे को देख लेेने की धमकी देते हुए दोनों सदस्य गर्भगृह मं पहुंच गए हाथापाई होते इसके पहले ही वरिष्ठ विधायकों ने बीच बचाव किया। नेता पत्रतिपक्ष नारायण चंदेल, बृजमोहन अग्रवाल व अजय चंद्राकर का कहना था कि 9 दिसंबर तक के लिए आरक्षण संशोधन पर चर्चा को स्थगित किया जाए। वही सत्तापक्ष के सदस्यों ने भाजपा पर विधेयक को टालने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। बृजमोहन व अजय चंद्राकर जब अपनी बात कह रहे थे उस दौरान मंत्री शिव डहरिया व अमरजीत भगत व कवासी लखमा लगातार टोका टाकी कर रहे थे। जिसके चलते यह नौबत आई।

