युवाओं ने की खुद की खोज…
कबीर चबूतरा अमरकंटक में दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का शुभारंभ

युवाओं ने की खुद की खोज…   कबीर चबूतरा अमरकंटक में दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का शुभारंभ

बिलासपुर। श्रीकांत वर्मा पीठ बिलासपुर एवं जिला प्रशासन गौरेला पेंड्रा मरवाही के द्वारा संयुक्त रूप से इको हिल रिजॉर्ट कबीर चबूतरा अमरकंटक में 60 जागरूक युवाओं के साथ दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। 12 नवंबर शनिवार को कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का निर्देशन एवं मार्गदर्शन विख्यात लेखक पत्रकार श्री सोपान जोशी कर रहे हैं। अलग-अलग विश्व अलग-अलग विश्वविद्यालयों से विद्यार्थी अंचल के युवा कवि कलाकार एवं समाजसेवी जागरूक युवाओं ने इस कार्यशाला में हिस्सा लिया है।
शनिवार सुबह 10:00 बजे कार्यशाला का प्रारंभ हुआ जिसमें अलग अलग सत्रों में सहभागी युवाओं से गतिविधियाँ कराई गईं… उन्हें समूह में बांट कर
खुद को जानने के नए सूत्र दिए गए। समाज की आवश्यकता और उसे सुदृढ़ करने पर चर्चा की।
श्रीकांत वर्मा पीठ के अध्यक्ष राम कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में श्री कुमार पाण्डेय एवं सुमित शर्मा कार्यशाला का संयोजन कर रहे हैं।

प्रतिभागियों की नज़र से कार्यशाला …
आज श्री सोपान जोशी की कार्यशाला “उपयोगी गाँधी” का प्रथम दिवस संपन्न हुआ,आज उन्होंने विभिन्न प्रयोगों के द्वारा हमारी अभिव्यक्ति की क्षमता को प्रोत्साहित किया साथ ही विभिन्न प्रश्नोत्तरों के माध्यम से हमारा ज्ञानवर्धन किया उसे समसामयिक ज्ञान-विज्ञान और लोक परंपरा में प्रचलित विभिन्न विधाओं के निरूपण के द्वारा रोचक ढंग से अपनी बात रखी किया, सभी प्रतिभागी सम्मिलित होकर हार्दिक प्रसन्नता अनुभव कर रहे हैं और आगामी सत्रों के लिए अत्यंत उत्सुक हैं.।
                      मुदित मिश्रा,लेखक, बिलासपुर

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही के अंतर्गत वनांचल कबीर चबूतरा में श्रीकांत वर्मा पीठ द्वारा आयोजित कार्यशाला वास्तव में जीवन को नये दृष्टिकोण से समझने की एक नयी पहल है। दिल्ली से आए विख्यात पत्रकार श्री सोपान जोशी जी ने उपयोगी गांधी शीर्षक के माध्यम से अपने अंदर के व्यक्तित्व विकास के साथ स्वयं से साक्षात्कार का अवसर उपलब्ध कराया। पूरे छत्तीसगढ़ से पधारे सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए मैं श्रीकांत वर्मा पीठ का इस विशेष आयोजन कर लिए हार्दिक धन्यवाद करता हूँ ।
                             आशुतोष दुबे, कवि पेण्ड्रा

आज की कार्यशाला काफी सुखद और ज्ञानवर्धक रही यहां पर हमने समाज से जुड़े हुए विभिन्न पहलुओं को बहुत ही बारीकी से समझा और एक नई दृष्टि उत्पन्न हुई जिसके माध्यम से हमारी सोच का विकास हुआ एवं किसी भी वस्तु को देखने का एक नजरिया प्राप्त हुआ।
                             कुणाल साहू,बिलासपुर

आज की जो कार्यशाला दो दिवसीय थी उसमें मुझे एक चीज बहुत अच्छा सीखने को मिला कि समाज में हमको किस तरीके से काम करना है और लोगों के साथ कैसे हमको पेश आना है यह बहुत अच्छी तरीके से सीखने को मिला।
                                 प्रकाशमणि, सेमरिया

आज का दो दिवसीय कार्यशाला बहुत ही अच्छी रही और यह जो उपयोगी गांधी के बारे में हम लोगों को जो सीखने को मिला बहुत ही उत्साह वर्धक था  मानवता की जो विचार है उसको किस तरह से व्यक्त किया जाता है उसके बारे में सीखने को मिला यह कार्यशाला हमारे जीवन शैली के लिए काफी महत्वपूर्ण कार्यशाला साबित होगी।
                                  बजरंग रजक,कटामी

आज के इस कार्यशाला में मानवीय स्वभाव और मानवीय सभ्यता का इतिहास समझ आया और यह भी समझ आया कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की इस दौर में दिमाक में आती जानकारीमनुष्य जीवन पर किस तरीके से असर करती है। यह जानकारी आज के युवाओं के लिए बहुत जरूरी है ।
                डॉ गजानन फुटके,जन स्वास्थ्य केंद्र

किताबों की दुनिया से निकल कर  दुनिया को नए नज़र से देखने नज़रिया मिला।हमारे विचारों का आदान प्रदान हुआ अलग विभाग और जगह से आये साथियों नई चीजें सीखने को मिली।
                                दिव्या,ggu बिलासपुर

उनकी सब बातें अच्छे से समझ में आई और यहां का कार्ड क्लास बहुत ही अच्छा रहा आज का दिन आज का दिन बहुत अच्छा गया। आज कार्यशालाll का पहला दिन मैं यह सीखी कि अपनी आदतें किस तरीके से करना चाहिए ।हमें लोगों से किस तरीके से भरोसा रखना चाहिए उनके ऊपर यहां से बहुत कुछ सीखने को मिला कि जिससे हम अपने बिहेवियर में चेंज ला सकते हैं और मैं यहां जाने के बाद आई होप में अपने भी बहुत कुछ चेंज करूंगी।
                            आँचल खांडे,लाल खदान

MRINMOY MALLICK

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