सुको का केंद्र सरकार से बड़ा सवाल
रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने से क्यों भाग रही सरकार

सुको का केंद्र सरकार से बड़ा सवालरामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने से क्यों भाग रही सरकार

नई दिल्ली।  यूपीए सरकार की सेतु समुद्रम योजना का विरोध कर रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की पुरजोर मांग करने वाली भाजपा केंद्र की सत्ता में आने के बाद इस मामले से भागती नजर आ रही है। हालांकि भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने इसको लेकर एक याचिका सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल कर रखी है। इस पर गुरुवार को सुनवाई हुई जिस पर न्यायालय ने पूछा कि सरकार अब इस मामले से पीछे क्यों भाग रही है। हालांकि केंद्र सरकार के वकील के आग्रह पर शीर्ष अदालत ने जवाब देने के लिए 4 चार सप्ताह की मोहलत दे दी। लेकिन लगे हाथ सरकार की खिचाई करते हुए कहाकि वह अब इस मसले भाग क्यों रही है।

 स्वामी की विचाराधीन याचिका पर मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ सहित न्यायमूर्ति हिमा कोहली व न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने सुनवाई की। स्वामी ने खुद मामले में पैरवी करते हुए अदालत से कहाकि यह छोटा सा मामला है,जिस पर केंद्र को सिर्फ हां या ना कहना था। इस पर केंद्र की पैरवी कर रहे वकील ने कहाकि हलफनामा तैयार है। लेकिन इसे दाखिल करने के लिए मंत्रालय के निर्देश की प्रतीक्षा है। कांगेस नीत यूपीए सरकार के दौरान 2007 में सेतु समुद्रम योजना शुरू की गई थी।

 इसके लिए रामसेतु को तोड़े जाने की बात कही गई थी। इसका तब भाजपा सहित कई हिंदूवादी संगठनों ने विरोध किया था। अदालत की दखल के बाद सरकार पीछे हट गई थी। तभी से रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की स्वामी की याचिका विचाराधीन है।

ज्ञानवापी विवाद पर आज होगी सुनवाई

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में ‘शिवलिंग’ होने के दावे के बाद उस क्षेत्र की सुरक्षा से संबंधित अंतरिम आदेश बढ़ाने के मामले पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।

 मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने ‘विशेष उल्लेख’ के दौरान अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की गुहार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले में शुक्रवार अपराह्न तीन बजे सुनवाई करेगी। पीठ के समक्ष अधिवक्ता श्री जैन ने संबंधित क्षेत्र की सुरक्षा संबंधी अंतरिम आदेश के 12 नवंबर को समाप्त होने की जानकारी का उल्लेख करते हुए इसे आगे बढ़ाने की अर्जी पर सुनवाई करने की गुहार लगाई।

MRINMOY MALLICK

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