शिक्षाकर्मियों की युक्तियुक्तकरण छत्तीसगढ़ बीजेपी सरकार के लिए आफत न बनजाए

शिक्षाकर्मियों की युक्तियुक्तकरण छत्तीसगढ़ बीजेपी सरकार के लिए आफत न बनजाए

बिलासपुर।अभी छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों का युक्तियुक्तकरण गरमाया हुआ है,पर न लोगों को और न सरकार को समझ आ रहा है कि मामला इतना गर्माया क्यों? युक्तियुक्तकरण बीजेपी सरकार के लिए कही आफत न बन जाए। न उगलते बने और न निगलते।
युक्तियुक्तकरण एक साधारणसा प्रोसेस है। कुछ स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक जमा न हो कर सभी स्कूलों में जरूरत के हिसाब से शिक्षक नियुक्त किया जाए, ताकि सभी स्कूलों में पढ़ाई ठीक से हो।
सीएम साय ने भी कहा कि, युक्तियुक्तकरण प्रदेश के छात्रों के हित में लिया गया फैसला है। आज पूरे प्रदेश में अनबैलेंस है। कहीं हमारे स्कूल शिक्षकविहीन हैं तो कई स्कूलों में बच्चों से ज्यादा टीचर हैं। श्री साय ने कहा कि, इसी असमानता को समानता में बदलने के लिए युक्तियुक्तकरण हो रहा है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोतरी होगी
कलेक्टर ने भी स्पष्ट किया कि यह कदम किसी भी प्रकार की कटौती नहीं है, बल्कि गुणवत्ता, समानता और सुगमता की दिशा में एक बड़ा निर्णय है। इससे बच्चों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, विषय-विशेषज्ञ शिक्षक, और निरंतरता युक्त पढ़ाई मिल सकेगी।
प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित न हो और शिक्षा का स्तर निरंतर बेहतर होता जाए।
सरकार का भी मंशा यही है कि शिक्षकों के पीछे इतना पैसा खर्च कर रहा है तो उसका लाभ आम जनता को मिले और सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाई अच्छे से हो, पर बताया जाता है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों और बाबुओं ने मामले को गड़बड़ कर दिया है। होना ये चाहिए था कि जूनियर शिक्षाकर्मियों को 10 किमी क्षेत्र से बाहर के स्कूलों में पदस्थापना किया जाए और सीनियर शिक्षाकर्मियों को 10 किमी क्षेत्र के अंदर ही रखा जाए। साथ ही जिन शिक्षाकर्मियों का उम्र 48 के ऊपर हो उन्हें भी 10 किमी के क्षेत्र में ही पदस्थापना किया जाए। पर ऐसा हुआ नहीं ।
अब यह पता करना चाहिए कि ऐसा क्या हुआ कि रातों रात ऐसा लिस्ट शिक्षा विभाग के अधिकारियों और बाबुओं ने तैयार कर लिया कि बहुत सारे जूनियर शिक्षाकर्मियों को 10 किमी क्षेत्र के अंदर ओर सीनियर शिक्षाकर्मियों को दूरदराज क्षेत्र में पदस्थापना कर दिया गया। साथ ही सीनियर शिक्षाकर्मियों को अतिशेष बताया गया है। इससे मामला गड़बड़ा गया।
इसलिए इसे अब लाभ और करप्शन के नजरिए से देखा जा रहा है,जबकि सरकार इससे बेखबर है। बीजेपी सरकार करप्शन को खत्म करना चाहता है। और हो भी रहा है।
अब विपक्ष को मुद्दा मिल गया है। हड़ताल प्रदर्शन शुरु हो सकता है और इसका असर बीजेपी सरकार पर पड़ेगा।
सरकार के पास अभी भी समय है लिस्ट को दोबारा जांच करें और गलत पदस्थापना को ठीक करे।

MRINMOY MALLICK

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