अंतर्राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग में बिलासपुर संभाग के 4 खिलाडिय़ों को मिला स्वर्ण पदक, नेपाल के पोखरा में खेलों के महाकुंभ में अंतर्राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में खिलाडिय़ों ने किया शानदार प्रदर्शन
बिलासपुर। संयुक्त भारतीय खेल फाउंडेशन (एस.बी.के.एफ.) इंटरनेशनल गेम्स 2025 के द्वारा नेपाल के पोखरा में रंगशाला स्टेडियम में 3 अप्रैल से 7 अप्रैल तक आयोजित 22 खेलो के महाकुंभ में बिलासपुर संभाग के चार खिलाडिय़ों का चयन पावरलिफ्टिंग में हुआ था। इस चैंपियनशिप को इन्दु श्री ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा मेजबानी की गई थी यह नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल नेपाल के द्वारा समर्थित है तथा भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अधिनियम के तहत स्थापित है।
इस चैंपियनशिप में मास्टर-1 (40 +) कैटिगरी के उत्तम कुमार साहू ने पावरलिफ्टिंग में कुल योग 435 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक, सीनियर 30 कु. मेघा भगत ने कुल योग 352.5 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक, सब-जूनियर 17 श्रीवर्धन श्रीवास्तव कुल योग 395 कि.ग्रा. का भार उठाकर स्वर्ण पदक, सब-जूनियर 17 प्रियांशु मानिकपुरी कुल योग 370 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं। इस प्रकार से बिलासपुर संभाग में कुल 4 स्वर्ण पदक प्राप्त हुए हैं। उत्तम कुमार एवं मेघा भगत पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर में पदक प्राप्त करके भारत का सम्मान बढ़ा चुके हैं। रायगढ़ जिले के कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने कुमारी मेघा भगत को कंपटीशन फीस हेतु आर्थिक मदद कर सहायता की थी।
भारतीय टीम कोच उत्तम कुमार साहू को नियुक्त किया गया था। पूर्व में भी उत्तम को आयरन खेलों में दी गई जिम्मेदारियां को बखूबी उन्होंने निभाया है। चाहे वह जिला स्तरीय हो या राष्ट्रीय उनके प्रतिनिधित्व में पदको की झड़ी लगती आई है। इस महाकुंभ में भारत के अलावा नेपाल ,भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान ने हिस्सा लिया था। आयरन खेलों के पावरलिफ्टिंग की प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ राज्य ने अपना दबदबा बना कर रखा है। श्रीवर्धन, प्रियांशु और मेघा यह तीनों ही खिलाड़ी ग्रामीण क्षेत्र से है और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं लेकिन कोच उत्तम कुमार साहू के द्वारा इन सभी खिलाडिय़ों को चुन-चुन कर निकालने का बीड़ा उन्होंने उठाया और तीनों खिलाडिय़ों ने उन्हें निराश नहीं किया। एस.बी.के.एफ. के संस्थापक एवं अध्यक्ष पंकज गावले ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
मित्रों और रिश्तेदारों से उधार लेकर भर रहे फीस
जिन खिलाडिय़ों को स्वर्ण पदक मिला है इनकी आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। प्रियांशु मानिकपुरी के पिताजी हाईकोर्ट में एक जज के ड्राइवर हैं जो कि परिवार में पांच सदस्यों का भरण पोषण कर रहे हैं। प्रियांशु के पिताजी मित्र से कर्ज लेकर के अपने पुत्र को यहां तक पहुंचाए है। श्रीवर्धन श्रीवास्तव अभी अपने मॉ के साथ ननिहाल में रहते हैं उनके पिताजी का स्वर्गवास काफी साल पहले हो गया था बेहद मुश्किल हालात में खेलने की इच्छा पूरी करने के लिए उनकी मॉ ने एवं उनके नाना ने परिवार का अन्य सदस्यों से मांग करके फीस को भरे हैं। वहीं कुमारी मेघा भगत को कंपटीशन फीस हेतु रायगढ़ जिले के कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने आर्थिक मदद कर सहायता की थी।

