कुसुम स्टील प्लांट की चिमनी गिरी, 30 श्रमिक दबे, कई लोगों के मौतों की आशंका, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहुंचे, प्लांट के अंदर रेस्क्यू टीम का बचाव और राहत का काम जारी

कुसुम स्टील प्लांट की चिमनी गिरी, 30 श्रमिक दबे, कई लोगों के मौतों की आशंका, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहुंचे, प्लांट के अंदर रेस्क्यू टीम का बचाव और राहत का काम जारी

मौके पर मेडिकल टीम मौजूद, कई क्रेन और जेसीबी मंगाया गया

मुंगेली। जिले में बड़ा हादसा हुआ है। सरगांव के पास कुसुम स्टील प्लांट में चिमनी गिरने से 30 लोग दब गए है। इनमें से कई लोगों के मौत की खबर आ रही है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। प्लांट के अंदर राहत और बचाव के कार्य चल रहे है।
गुरुवार शाम सरगांव थाना क्षेत्र के रामबोड़ इलाके में बड़ा हादसा हुआ है। यहां पर कुसुम स्टील प्लांट में चिमनी गिरने से 30 लोग दब गए। इनमें से कई लोगों के मौत की आशंका जताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद मौके से दो लोगों को चिमनी के मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गए है। राहत और बचाव कार्य चल रहे है और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हादसा मुंगेली जिले में बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे रामबोड गांव की है। यहां पर कुसुम स्टील प्लांट का काम चल रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार प्लांट में रखे भारी सैलो (सामान भंडारण टैंक) अचानक गिर जाने से वहां काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। 30 मजदूर इसी के मलबे के नीचे दब गए। यह देख प्लांट में काम कर रहे अन्य कर्मचारी चीख-पुकार मचाने लगे। प्लांट के अंदर अफरा तफरी मच गई। आनन-फानन में हादसे की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई।

घटना की सूचना मिलते ही सरगांव थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर जिले के आला अधिकारी भी पहुंच गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। अभी तक मलबे से दो लोगों को बाहर निकाला गया है। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि कई लोगों के मौत की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि कुसुम प्लांट को इलाके में स्पंज आयरन फैक्ट्री के नाम से भी जाना जाता है। यह फैक्ट्री अभी निर्माणाधीन है। गुरुवार को काम काज के दौरान ही चिमनी गिर पड़ी और 30 लोग उसी में दब गए। फिलहाल पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कवायद जारी है। मलबे को हटाने के लिए बड़ी क्रेन और जेसीबी मशीन मंगवाई गई है। साथ ही फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां भी मौजूद हैं। बड़ी संख्या में पुलिस और मेडिकल टीम मौजूद है.
दोपहर सवा एक बजे चिमनी टूटी और काम कर रहे मजदूरों पर गर्म राख गिरा उसके बाद प्लांट के अंदर क्या हुआ, काम करने वाले मजदूरों की क्या हालत है, कितने की जान गई कितने गंभीर है, कितने मजदूरों को चोटें आई है यह सब बताने के लिए घंटों तक कोई जिम्मेदार वहां नहीं था। प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के परिवार बदहवास हालत में इधर-उधर भटक रहे थे। प्लांट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात था जो किसी को भी न तो अंदर जाने दे रहा था और न ही किसी को हादसे के बारे में बता रहा था। जिम्मेदार अफसर सिर्फ यही कह रहे थे कि प्लांट में रेस्क्यू टीम बचाव कार्य में जुटी है। जानकारी मिली है कि गरम राखड़ के नीचे जहॉ मजदूर दबे हैं वहां फायर बिग्रेड से पानी की सिंचाई लगातार की जा रही है।
कुछ कर्मचारियों से जानकारी मिली है कि प्लांट का विस्तार का काम चल रहा था जो कि जल्दबाजी में किया जा रहा था ये हादसा मैनेजमेंट की लापरवाही की वजह से हुआ है. प्लांट की मशीनें और स्ट्रक्चर की जांच और मेंटेनेंस नहीं किया गया जिसके कारण ये बड़ा हादसा हो गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और मजदूरों के परिवार वाले इक_े हो गए है और प्लांट प्रबंधन से मुआवजे की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

इस दुखद हादसे के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मुंगेली प्रभारी मंत्री एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने दुख जाहिर किया है।

उद्योग मंत्री ने कुसुम पावर प्लांट हादसे पर दु:ख जताया

उद्योग एवं श्रम मंत्री तथा मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने मुंगेली जिले के सरगांव थाना अंतर्गत रामबोड़ गांव स्थित कुसुम पावर प्लांट में हुए हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने इस हादसे में घायल श्रमिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। श्री देवांगन ने घायल श्रमिकों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए है। गौरतलब है कि आज दोपहर कुसुम पावर प्लांट में बड़ा हादसा हुआ इस फैक्ट्ररी में साइलो के गिरने से छह मजूदर इसकी चपेट में आ गए, जिसमें से एक श्रमिक की मृत्यु होने की खबर है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर सहित जिले के अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटना में घायल लोगों के बचाव में रेस्क्यू टीम जुटी हुई है।

चिमनी को काटा जा रहा है

कटने के बाद ही कितने श्रमिक दबे हैं और कितने की मौत हो चुकी यह स्पष्ट हो पाएगा। तत्काल तौर पर दो मजदूरों को सिम्स में भर्ती कराया गया है। साथ ही और भी झुलसे हुए मजदूरों को भर्ती कराए जाने की उम्मीद में सिम्स प्रबंधक को अलर्ट किया गया है। इसके साथ ही बिलासपुर के अपोलो और कुछ निजी बड़े अस्पताल को भी सूचना भेजी गई है।

रेस्क्यु की टीम राहत कार्य में लगी है,कितने जाने गई अभी स्पष्ट नहीं-कलेक्टर

इस हादसे को लेकर कलेक्टर ने कहा कि रेस्क्यु की टीम राहत कार्य में लगी है। मौत के मामले में उन्होने कहा कि कोई भी पुखता तथ्य सामने नही आये है। मजदूरो के मिसिंग को लेकर कहा कि टीम काम में लगी है। घायलो को लेकर कहा कि उनका इलाज जारी है।

प्रशासन राहत कार्य में लगा है-एसपी

इस पुरे मामले में पुलिस अधिक्षक मुंगेली भोजराम पटेल ने कहा कि घटना की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक अमला तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गया, स्वास्थ्य अमला, पुलिस सहित पुरा प्रशासन घटना स्थल पर राहत कार्य में लगा है। दो घायलो को ईलाज के लिए बिलासपुर भेजा गया है।

MRINMOY MALLICK

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