पुलिस के सामने वर्तमान समय में सायबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती-आईजी, प्रशिक्षण लेकर थानों में ही सायबर क्राईम पीडि़तों की करें मदद-एसपी, रेंज स्तरीय सायबर कार्यशाला का आयोजन

पुलिस के सामने वर्तमान समय में सायबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती-आईजी, प्रशिक्षण लेकर थानों में ही सायबर क्राईम पीडि़तों की करें मदद-एसपी, रेंज स्तरीय सायबर कार्यशाला का आयोजन

बिलासपुर। सायबर के मामलों में थाना स्तर पर पीडि़तों को राहत दिलाने के उद्देश्य से रेंज स्तरीय सायबर कार्यशाला का आयोजन रक्षित केन्द्र बिलासपुर में कल आयोजित किया गया। कार्यशाला में जिलों के थानों में पदस्थ चुने हुए 122 प्र.आर व आरक्षक स्तर के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
सायबर क्राईम के पीडि़तों को समय पर राहत प्रदाय करने के लिए बिलासपुर रेंज के जिलों के थानों में पदस्थ चुने हुए आरक्षक व प्रधान आरक्षकों के लिए 11 नवंबर को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन डॉ.संजीव शुक्ला पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के मार्ग दर्शन में चेतना भवन रक्षित केन्द्र बिलासपुर में आयोजित किया गया। सायबर कार्यशाला का शुभारंभ डा. संजीव शुक्ला पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर एवं रजनेश सिंह, पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर की गरिमामय उपस्थिति में हुआ। प्रारंभिक उद्बोधन में रजनेश सिंह द्वारा सायबर प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षणाथियों को सायबर क्राईम से जुड़े मामलों की तकनीकी जानकारी के साथ साक्ष्य संकलन ,सीडीआर विश्लेषण इत्यादि का प्रशिक्षण लेकर थानों में सायबर क्राईम पीडि़तों की मदद करने हेतु कहा गया।

सभी थाने में हो साइबर प्रशिक्षित कर्मी

डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा गया कि वर्तमान में परंपरागत अपराधों की तुलना में सायबर से जुड़े मामले अधिक हो रहे हैं। फलत: हर थाने में सायबर की जानकारी रखने वाले पुलिस कर्मचारियों को रखना आवश्यक है, इस बात को ध्यान में रखते हुए जिले के थानों से कम्प्यूटर की जानकारी रखने वाले को चुना जाकर प्रशिक्षण हेतु बुलाया गया है।

विवेचना वही कर पाएगा जो सायबर का ज्ञान रखेगा

प्रशिक्षण उपरांत थाने में इन्हे सायबर नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करना है। आईजी ने कहा कि पुलिस के सामने वर्तमान समय में सायबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती है जो तेजी से नए-नए तरिको के साथ व्यापक रूप से बढ़ रहा है, इसकी विवेचना वही कर पाएगा जो सायबर का ज्ञान रखेगा।

साइबर की बेसिक जानकारी हो

हर थाने में सभी कर्मचारियों को सायबर की बेसिक जानकारी रखना आवश्यक है क्योंकि सायबर ठगी में ठगी के पैसे वापस प्राप्त करने के लिये जो गोल्डन हॉवर होता है वह बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, यदि इस समय सही प्रकिया अपनायी जाए तो ठगी का पैसा वापस कराया जा सकता है इसलिए थाने में कम से कम एक सायबर जानकार का होना बहुत आवश्यक हो गया है ,इसलिय यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।

विवेचना पर रहे ध्यान

इस सायबर कार्यशाला में पीडि़तों के पुलिस थाना उपस्थित होने पर की जाने वाली प्राथमिक कार्यवाही के साथ साथ सायबर क्राईम की विवेचना किस प्रकार की जानी चाहिए, ओपन सोर्स इंटेलीजेंस से किस प्रकार जानकारी प्राप्त की जानी चाहिए, सायबर पोर्टल के उपयोग का तरीका और डिजीटल एविडेंस कलेक्ट कर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के संबंध में जानकारी दी गई। विवेचना के आधार पर प्रकरणों में सही तरीके से साक्ष्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाकर अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।

प्रशिक्षण प्राप्त 10 कर्मी सम्मानित

सायबर कार्यशाला में श्रीमती दीपमाला कश्यप, जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, बिलासपुर, श्री अनुज कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर, प्रभाकर तिवारी, उप निरीक्षक, सायबर शाखा बिलासपुर सहित सायबर मामलों के जानकार विक्कू सिंह, चिरंजीव कुमार एवं विकास राम ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। बिलासपुर रेंज में बिलासपुर से 17 ,रायगढ़ के 14, कोरबा के 24, जांजगीर-चांपा के 18, मुंगेली के 17, गौ.पे.म. के 4, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के 10 एवं जिला सक्ती के 14 कुल के 122 कर्मचारी प्रशिक्षण से लाभान्वित हुए । प्रशिक्षण में अंतिम भाग में प्रशिक्षणार्थियों से फीडबैक प्राप्त किया गया तथा प्रशिक्षण से जुड़े विषयों पर परीक्षा लेकर 10 प्रशिक्षणार्थियों को पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया ।

MRINMOY MALLICK

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