बजट को भाजपा ने सर्वतोमुखी विकास का एक नया अध्याय तो कांग्रेस ने निराशाजनक बताया
बिलासपुर। आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण ने बजट संसद में पेश किया है इसके बाद भाजपाइयों ने बजट को मिल का पत्थर बताया और महिलाओं युवाओं किसानों के अलावा देश के लिए एक नया अध्याय लिखने वाला बजट बताया है। वही बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेसियों ने इस बजट को निराशाजनक बताया है और कहा है कि इस बजट में युवा और महिलाओं व किसानों को ठगा गया है।
किसान युवा व महिला कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित होगा यह बजट-अरूण साव

यह बजट नई नौकरियों का सृजन करने वाला, निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने वाला, किसान युवा और महिला कल्याण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाला बजट है श्री साव ने कहा यह बजट अर्थव्यवस्था के हर पहलू को छूता है एक तरफ सरकार ने बजट के आकार में ऐतिहासिक वृद्धि की है, सरकार द्वारा किए जानेवाले खर्च को बढ़ाकर लोगों की जेब में पैसे डालने का काम किया है, वहीं आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रावधान करके देश में परिवहन की लागत को कम करने के ठोस उपाय किए है ,निवेश संभावनाओं को नए पंख दे दिए गए है।
विकास का एक नया अध्याय लिखेंगे-तोखन

तोखन साहू केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट में किए गए प्रावधानों का स्वागत करते हैं है केंद्र सरकार का यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा महिलाओं के सर्वतोमुखी विकास का एक नया अध्याय लिखेंगे केंद्र सरकार ने युवाओं के रोजगार और कोशल उन्नयन एक लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है और नए रोजगार पर 2 लाख करोड़ रुपए के प्रावधान के साथ केंद्र सरकार ने युवा प्रतिभाओं की पूरी चिंता की है। ग्रामीण विकास परियोजनाओं के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपए, कृषि क्षेत्र में उन्नति के लक्ष्य और सिंचाई के लिए 11,500 करोड़ रुपए का प्रावधान करते हुए 109 फसलों पर फोकस करने के साथ-साथ दलहन, तिलहन और सब्जी की पैदावार पर नई घोषणाएं करके अन्नदाताओं की खुशहाली का पक्का इंतजाम करने के लिए प्रभानमंत्री श्री मोदी व केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के धन्यवाद के पात्र है।
जीवन को बेहतर बनाने की दृष्टि से बेहतर महत्वपूर्ण साबित होगा-धरमलाल

केंद्रीय बजट के प्रस्ताव में आधारभूत संरचना को मजबूत करने 11,11, 111 करोड़ रुपए के प्रावधान को ऐतिहासिक बताते हुए श्री कौशिक ने कहा कि जिस भी देश में आधारभूत संरचना को मजबूत करने का काम होता है, वही देश विकसित होता है। इससे निवेश बढ़ता है, इससे परिवहन की लागत कम होती है, नौकरियों में वृद्धि होती है और देश के नागरिकों को मिलने वाली तमाम सुविधाओं में वृद्धि होती है। आधारभूत संरचना के लिए यह प्रावधान देश की आर्थिक उन्नति और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दृष्टि से बेहतर महत्वपूर्ण साबित होगा।
आदिवासी समाज की शुभचिंतक केवल भाजपा ही है-धर्मजीत

धर्मजीत सिंह विधायक तखतपुर ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास और उनसे जुड़े दीगर तमाम पहलुओं पर मोदी सरकार पूरी तरह संवेदशील है। लोकसभा में मंगलवार को प्रस्तुत तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान की शुरुआत करने का संकल्प व्यक्त कर देश के 63 हजार ग्रामों के 5 करोड आदिवासियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य व्यक्त किया है, जो आदिवासियों के जीवन को खुशहाली से भर देगा और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ देगा श्री सिंह ने कहा आदिवासी समाज की शुभचिंतक केवल भाजपा ही है जो आदिवासियों के सर्वतोमुखी सशक्तीकरण के लिए लगातार नई-नई योजनाओं पर काम कर रही है। इस लिहाज से यह बजट प्रस्ताव स्वागत योग्य है।
यह बहुत ही प्रगतिशील बजट है-सुशांत

यह बहुत ही प्रगतिशील बजट है और देश का अब तक का सबसे युवा-केंद्रित बजट है. इस बजट का जोर रोजगार सृजन पर है, इसका उद्देश्य युवाओं को कौशल से सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है. जिस ऐतिहासिक इंटर्नशिप योजना की घोषणा की गई है, उससे युवाओं को अपने कौशल को निखारने का अवसर मिलेगा. इससे देश में रोजगार क्रांति आएगी. इस बजट में भारत की खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा का ध्यान रखा गया है. इसमें किसानों, युवाओं और महिलाओं का ध्यान रखा गया है. इसमें तेज गति से आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर बहुत ध्यान दिया गया है.
महिलाओं के सम्मान में वृध्दि-हर्षिता

यह बजट महिलाओं के सम्मान में वृद्धि करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को रोजगार से जोडऩे की पहल की है, जो सराहनीय है। इसके अंतर्गत उद्योगों के साथ मिलकर महिला हॉस्टल और बाल गृहों की स्थापना में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। हर्षिता पांडेय ने कहा कि एमएसएमई गारंटी स्किम के अन्तर्गत लोन मिलने से महिलाओं में आर्थिक स्वावलम्बन बढेगा साथ ही उन्होंने स्टाम्प ड्यूटी में महिलाओं को छूट देने का भी स्वागत किया
प्राकृति खेती पर जोर दिया है-रजनीश

केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में तकनीक और विकास के साथ-साथ प्राकृतिक खेती पर जोर दिया है। कृषि क्षेत्र की उत्पादकता और क्षमता को अपनी सर्वोपरि प्राथमिकता में रखकर कृषि क्षेत्र के लिए डेढ़ लाख करोड़ रुपए के पैकेज का एलान करके किसानों की समृद्धि का पथ प्रशस्त किया है। श्री सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार 109 उच्च पैदावार वाली फसलों पर फोकस करते हुए दलहन, तिलहन और सब्जियों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है और 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी केंद्र सरकार का लक्ष्य है जो एफपीओ और स्टार्ट अप को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त करता केंद्र सरकार का बजट स्वागत योग्य है।
नई खोजों और अविष्कारों को बल मिलेगा-डॉ.बांधी

डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी पूर्व विधायक मस्तूरी ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बजट में किए गए प्रावधानों श्री बांधी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहन देने के लिए उठाए गए कदम देश की तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देंगे। शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित किए गए कोष से नई खोजों और आविष्कारों को बल मिलेगा। इस बार के बजट में कृषि, रोजगार, सामाजिक कल्याण, शहरी विकास, ऊर्जा सुरक्षा के अलावा गरीब, महिला, किसान युवा पर बजट में फोकस किया गया है। यह बजट देश सहित प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और सभी क्षेत्रों में सुधार और प्रगति को बढ़ावा देगा।
समावेशित बजट है-रामदेव कुमावत

यह एक समावेशित बजट है प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के उन चार जातियों की बजट में चिंता की है जिसके अन्तर्गत गरीब किसान महिला और युवा वर्ग आते हैं बजट में किए गए प्रावधान भारत की इन जातियों के हक में है जो सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास की भावना से अभिप्रेत है
बजट विकसित भारत की संकल्पना के ऊर्जा से ओतप्रोत है-सवन्नी

यह बजट विकसित भारत की संकल्पना के ऊर्जा से ओतप्रोत है इसमें एक तरफ ग्रामीण विकास पर ध्यान दिया गया है वही शहरी का क्षेत्रों में समुचित विकास हो इस बात का खयाल रखा गया है यह बजट देश के युवाओं के शिक्षा और रोजगार नए अवसर सृजित करने वाला वही यह बजट देश के अन्नदाताओं के हित में एक बहुत बड़े बजट के साथ अमृतलाल के संकल्पों को पूरा करने का सामर्थ्य रखता है
63 हजार गांवों के 5 करोड़ आदिवासी लाभान्वित होंगे-प्रणव

प्रणव शर्मा समदरिया जिला मीडिया प्रभारी ने बताया कि जनजातीय उन्नत् ग्राम अभियान की शुरुआत का संकल्प केंद्र सरकार की आदिवासियों के उत्थान की प्रतिवद्धता को व्यक्त करता है, जिससे देशभर के 63 हजार गांवों के 5 करोड़ आदिवासी लाभान्वित होंगे। गरीबी के लिए जहां मुफ्त राशन योजना की घोषणा की गई है है, वहीं महिलाओं के उत्थान और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए 3 लाख करोड़ का प्रावधान कर के केंद्र सरकार ने मातृ शक्ति का वंदन किया है। लघु और मध्यम उद्योगों के लिए भी किए गए प्रावधानों का स्वागत योग्य है।
किसानों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान-बीपी सिंह

प्रदेश किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ के बी पी सिंह ने कहा कि यह बजट किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के किसानों को इस बजट से बहुत लाभ होगा, खासकर सिंचाई और तकनीक के क्षेत्र में किए गए प्रावधानों से। सिंह ने यह भी कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे अपने उत्पाद को बेहतर मूल्य पर बेच सकेंगे। उन्होंने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के किसानों का भविष्य उज्जवल होगा।
बजट युवाओ के विकास का एक नया अध्याय लिखेगा-निखिल

भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष निखिल केशरवाणी ने कहा की केंद्र सरकार का यह बजट युवाओं के विकास का एक नया अध्याय लिखेगा जिला अध्यक्ष केशरवानी ने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं के रोजगार और कोशल उन्नयन एक लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है और नए रोजग़ार पर 2 लाख करोड़ रुपए के प्रावधान के साथ केंद्र सरकार ने युवा प्रतिभाओं की पूरी चिंता की है।
विकसित भारत का लोक कल्याणकारी बजट-रौशन

भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष रौशन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आदरणीया केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किये गए केंद्रीय बजट समावेशी विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होगा । इस बजट में खास कर युवाओं ,महिलाओं, किसानों को तवज्जो दिया गया है जो सराहनीय है, यह बजट विकसित भारत की परिकल्पना, अंत्योदय के प्रति दृढ़ संकल्प, एवं नए भारत को वैश्विक विकास का अग्रदूत बनाने का रोड मैप है।
घोर निराशाजनक बजट उम्मीद सागर सी राहत बूंद भर भी नहीं – अटल

केद्रीय बजट आज केंद्रीय वित्त मंत्री सीता रमण ने संसद में प्रस्तुत किया जिसकों लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि जनता को मोदी 3 के केन्द्रिय बजट से सागर से उम्मीदे थी लेकिन राहत की बूंद भी नहीं बरसी किसान युवा नौकरी पेशा वर्ग मध्यम वर्गीय परिवार कर्मचारी संगठन सभी लोग निराश हुए किसानों को सी-2 फॉर्मूले पर 50 प्रतिशत लाभ के आधार पर एम.एस.पी पर खरीद व्यवस्था करने की बात थी। एम.एस.पी पर कोई कानूनी गांरटी की बात नहीं हुई जिससे किसान निराश हुए। मध्यम वर्गीय नौकरी पेशा वर्ग को उम्मीद थी कि पूराने टैक्स रिज्यूम में बेसिक एग्जामिनेशन लिमिट और स्टैण्डर्ड डिडक्शन हेतु वर्ग में वृद्धि होगी लेकिन पिछले 10 साल की बजट की तरह निराश हुए नए टैक्स रिज्यूम में केवल 20 प्रतिशत लोग ही रिर्टन भरते है उसमें भी वेतनभोगी के लिए मात्र 25 हजार का स्टैडर्ड डिडक्शन बढ़ाना ऊंट के मुंह में जीरा है। न तो हाउस लोन पे ब्याज की छुट बढ़ाई गई न ही एटीसी की छूट में कोई रियायत मिली। देश के सभी कर्मचारी संगठन पूरानी पेंशन योजना (ओ पी एस) को लागू करने की मांग लगातार कर रहे है लेकिन मोदी सरकार नई पेंशन स्कीम के फर्जी फायदे गिनाने में व्यस्त है। कर्मचारी संघ एवं परिजनों को निराशा हाथ लगी है।
मोदी सरकार बचाओ बजट है,नाम बड़े दर्शन छोटे- शैलेष

पूर्व विधायक शैलेष पांडे ने कहा कि आज मोदी तीन सरकार ने अपना बजट लोकसभा में पेश किया जिसमे महंगाई पर कोई बात नहीं किया और न ही किसी प्रकार की राहत दिया,देश महंगाई और बेरोजग़ारी से अभी परेशान है। किसी भी वस्तु का दाम कम नहीं है लेकिन मोदी सरकार गऱीबों की कहाँ सुनती है इसलिए कोई राहत नहीं मिला। बेरोजग़ारी में अभी देश पीक पर है और बड़ी उम्मीद से युवा देश की केंद्र सरकार को देख रहा था लेकिन उसको भी निराशा मिली। बड़ी ही चतुराई से कुछ युवकों के लिए इंटर्नशिप वाला कार्ड खेला और कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र से कॉपी किया है लेकिन उसका लाभ बहुत ज़्यादा नहीं मिलेगा और क्योंकि उसके लिए कोई ठोस नीति नहीं रखी गई है कहीं इसका हाल भी एसा न हो जाये जैसे कि सबके खाते में पंद्रह लाख आयेंगे जैसा ? सर्विस क्लास के लिए ऊँट के मुँह में ज़ीरा जैसा राहत दिया है जबकि मध्यम वर्गीय परिवारों का दायरा बड़ा है उन्हें बड़े तोहफ़े की उम्मीद थी लेकिन उन्हें भी निराशा हुई।
महिला,युवा,किसान मध्यम वर्गीय,नौकरी पेशा वर्ग सभी छले गये-अभयनारायण

संसद में प्रस्तुत केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभयनारायण राय ने कहा कि आज के बजट में देश का ऐसा कोई वर्ग नहीं है जिसे छला नहीं गया। अभयनारायण राय ने कहा कि गरीब, महिला, युवा, किसान, मध्यम वर्गीय और नौकरी पेशा वर्ग सभी छले गये है। वित्तीय घाटा लगातार बढ़ रहा है। 14 हजार करोड़ का नया कर्ज देश को आर्थिक गर्त में डूबोने वाला है। मंहगाई से कोई राहत नहीं है। गैस सब्सिडी डीजल में 10 गुना बढ़ाये गये सेंटर एक्साइस से कोई भी रियायत नहीं मिली है। रेल्वे जोन बिलासपुर को कोई भी नई टेऊन या नई रेल लाईन की सुविधा नहीं मिली है। रेल्वे जोन बिलासपुर का विकास पुन: अधूरा रहेगा, बिलासपुर सांसद केन्द्रिय राज्य मंत्री बनने के बाद भी कोई बड़ी योजना बिलासपुर में लाने में सफल नहीं हुये।
बजट हताश और निराश भरा है-विजय

शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि केंद्रीय बजट हताशा और निराशा भरा है, हर वर्ग बढ़ती महंगाई से परेशान है,पेट्रोल-डीजल-गैस की कीमतों के नियंत्रण का उल्लेख नही है, जो 2022 तक किसान की आमदनी दुगनी करने की बात कर रहे थे ,इस बजट में किसानों की आमदनी कैसे बढ़े कोई योजना नही है,देश की कुटीर और लघु उद्योग सबसे अधिक विदेशी मुद्रा और रोजगार देने वाले सेक्टर है पर उन्हें कैसे संरक्षित व संवर्धित किया जाए इस पर कोई योजनाए नही है कुल मिला कर बजट पूर्व की भांति पूँजीपति, उद्योगपतियों को लाभ देने वाला है गरीबो के लिए बजट शून्य है।
महंगाई के बोझ से गरीब आदमी और गरीब-केशरवानी

जि़ला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बोझ से गरीब आदमी और गरीब हो रहा ,उन्हें मनरेगा से काम तो मिल जाता है पर मजदूरी अपर्याप्त है, उसमे बढ़ोतरी करना था,युवाओ के लिए स्थायी नौकरी की सृजन की व्यवस्था नही दिखता ,सरकार ने इस बजट में अपने सहयोगी नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को खुश करने का प्रयास किया है जबकि अन्य राज्यो के साथ स्पष्ट भेदभाव दिख रहा है ,कुल मिलाकर बजट जनता को लाभ देने वाला नही है ,खोदा पहाड़ निकली चुहिया को चरितार्थ करने वाला है।
यह बजट झुनझुना है-डॉ.उज्जवला

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में छत्तीसगढ़ को लेकर कोई विशेष प्रावधान नहीं होने पर राज्य में राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी की पर्व बिलासपुर विधानसभा प्रत्याशी उज्ज्वला कराड़े ने इस बजट को झुनझुना करार दिया है और केंद्र सरकार की आलोचना की है। उज्ज्वल कराड़े ने कहा छत्तीसगढ़ को इस बजट में पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। प्रदेश की मांगों को दरकिनार कर दिया गया है और राज्य को कोई विशेष लाभ नहीं दिया गया है। केंद्र सरकार ने हमें झुनझुना पकड़ा दिया है।
महंगाई,बेरोजगार,नौजवानों के पक्ष में कुछ नहीं-रवि बेनर्जी

सर्वदलीय एवं जन संगठनों के संयुक्त मंच के संयोजक रवि बेनर्जी ने बताया कि यह बजट परम्परागत बजट है जो कॉर्पोरेट परस्त है खासकर महंगाई, बेरोजगार, नौजवानो के पक्ष मे कोई ठोस पहल नही है। स्वास्थ्य, और शिक्षा के बजट मै कोई खास बढोती नही है। यह सतह ही प्रतिक्रिया , बजट पुर्न रूप से अध्ययन करने के बाद ही विस्तार से विचार दिया जा सकता है।

