राजस्थान के मुख्यमंत्री बने भजनलाल शर्मा,
दीया कुमारी व प्रेमचंद बैरवा बने उप मुख्यमंत्री,
राज्यपाल कलराज मिश्र ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई,
शपथ समारोह में मोदी, अमित शाह रहे मौजूद
जयपुर। भाजना के दिग्गज नेता भजनलाल शर्मा शुक्रवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल कलराज मिश्र ने दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को भी पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। शपथ ग्रहण समारोह में भजनलाल शर्मा के साथ ही ये दोनों नेताओं ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। अल्बर्ट हॉल में हुए शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद रहे। इसके अलावा कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे।
अशोक गहलोत ने भी मंच पर उपस्थिति दर्ज कराई
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भाजपा के एक प्रवक्ता ने बताया कि समारोह के लिए केंद्रीय नेताओं और राज्य के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण भेजे गए थे। समारोह से पहले प्रदेश की राजधानी के मुख्य मार्गों और प्रवेश मार्गों को सजाया गया। इनमें भाजपा के झंडे और केंद्र सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े पोस्टर और बैनर थे। राज्य में 200 में से 199 सीट पर हुए चुनाव में भाजपा ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की है। करणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था। विधानसभा की इस सीट पर अब 5 जनवरी 2024 को मतदान होगा। भजनलाल शर्मा को एक निर्विवाद व्यक्तित्व के तौर पर जाना जाता है। भजनलाल शर्मा को सीएम बनाकर भाजपा ने पार्टी के आम कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश दिया है. किसी भी नेता का लगातार जीत दर्ज करवाना ही किसी पद के लिए कोई बड़ा पैमाना नहीं है, बल्कि आम कार्यकर्ता और नेता की निष्ठा तथा समर्पण भी बेहद अहम है।
जन्मदिन के दिन भजनलाल शर्मा की हुई ताजपोशी
दिलचस्प है कि भजनलाल शर्मा का शुक्रवार को ही जन्मदिन था। ऐसे में 15 दिसम्बर का दिन उनके लिए काफी बड़ा और ऐतिहासिक रहा। दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के लिए भी शुक्रवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी से लेकर अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने शिरकत की। तमाम विशिष्ट अतिथियों के अलावा समारोह स्थल पर बड़ी संख्या में आमलोग भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण से पहले राजस्थानी लोकनृत्य और संगीत का भी आयोजन किया गया।

