हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई फिर शुरू
ग्रामीणों के विरोध से निपटने पुलिस तैनात
घाटबर्रा की ग्रामसभा ने पारित किया है वनों को नहीं काटने का प्रस्ताव

बिलासपुर/अम्बिकापुर (जीआर)। हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खदानों के लिए जंगलों की कटाई अदानी समूह ने एक बार फिर शुरू कर दी। खास बात यह है कि इस कटाई का विरोध करने वाले ग्रामीणों को रोकने के लिए प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई है, जिससे साफ होता है कि जंगलों की इस कटाई में प्रशासन की सहमति है।
इसका विरोध भी तेज हो गया है। हसदेव बचाओ आंदोलन ने आज बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन देकर इस कटाई के विरोध में कल से अनशन की चेतावनी दी है। कल शाम कैंडल मार्च की भी तैयारी है।
हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयले की खुदाई के लिए नई खदानें खोलने के खिलाफ स्थानीय आदिवासियों के खड़े हो जाने के कारण वनो की कटाई का काम प्रशासन ने खुद ही आगे आकर रोक दिया था और खदानों के लिए होने वाली जनसुनवाई स्थगित कर दी गई थी। कुछ दिनों तक मामला शांत पड़ गया था, लेकिन आज सबेरे जंगलों की दोबारा कटाई शुरू होने की खबर आने के बाद खलबली मच गई। गांव के लोग जंगलों की ओर निकल पड़े, लेकिन वहां पुलिस तैनात थी। लोगों को जंगलों के भीतर जाने से रोक दिया गया। स्वचालित मशीनों से कटाई होने की तस्वीरों के
साथ जो खबरे आई है, उनसे साफ है कि इस कटाई को
प्रशासन की सहमति हासिल है और बकायदा पुलिस सुरक्षा की भी व्यवस्था की गई है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे थे। जहां वनों की कटाई शुरू की गई है, वहां की सबसे नजदीकी ग्राम पंचायत घाटबर्रा है। यहां वनों की कटाई व खदान शुरू होने के बाद पूरी बसाहट खतरे में पड़ जाएगी। इसलिए ग्रामसभा ने एक प्रस्ताव पारित कर वनों की कटाई और खदान खोलने का विरोध किया है।
वनो की कटाई का तेज हुआ विरोध आज सबेरे जैसे ही हसदेव अरण्य क्षेत्र में वनों की कटाई शुरू होने की खबर और वीडियो सामने आया, ग्रामीण विरोध करने जंगलों की ओर निकल पड़े। लेकिन पता चला कि जंगलों के भीतर पुलिस का पहरा है। ग्रामीणों को भीतर जाने नहीं दिया गया। इधर हसदेव बचाओ आंदोलन ने भी कटाई का कड़ा विरोध किया है। बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन देकर आंदोलन ने कल से अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। हसदेव बचाओ आंदोलन के संयोजक प्रथमेश मिश्रा ने बताया कि कल शाम 6 बजे शहर में वनो की कटाई के विरोध में कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा।


कहां है टी.एस.बाबा?


हसदेव बचाओ आंदोलन ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक टी.एस.सिंहदेव से सवाल किया है कि ग्रामीणों के विरोध के बाद भी पेड़ काटे जा रहे हैं तब वे कहां है?
उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय विधायक के रूप में टी.एस.सिंह हसदेव अरण्य से लगे गांवों के लोगों के आंदोलन में उनके साथ खड़े थे और कहा था कि वनों की कटाई रोकने के दौरान अगर गोली चली तो पहली गोली वे खाएंगे। उन्होंने हाल ही में कहा था कि मौजूदा खदानों के एक्सटेंशन पीईकेबी में खदानों के विस्तार का काम कंपनी शुरू करती है तो उन्हें कोई एतराज नहीं होगा, लेकिन कोई भी काम ग्रामीणों की सहमति के बिना नहीं होना चाहिए।

MRINMOY MALLICK

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