भारत का दृष्टि,दर्शन और शिक्षा इस सृष्टि के लिए आवश्यक- प्रो. त्रिपाठी अल्प समय में ही एयू ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम स्थापित किया-अटल अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के 12 वें स्थापना दिवस पर आयोजन
बिलासपुर। प्रोफेसर गिरिश चन्द्र त्रिपाठी पूर्व कुलपति बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी एवं अध्यक्ष उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह विषय न केवल भारत अपितु विश्व व सृष्टि के लिए आवश्यक है। शिक्षा केवल व्यक्ति के मस्तिष्क का परिमार्जन नहीं करती वरन् यह उसमें संस्कार भी पैदा करती है। उन्होंने कहा कि राष्ट का निर्माण एका एक नहीं होता उसके लिए ईमानदारी, संस्कार, मेहनती एवं शिक्षित व्यक्ति की आवश्यकता होती है। हमारे पूर्वजों ने भारत को कुटुम्ब नहीं कहा, हिन्दू धर्म को कुटुम्ब नहीं कहा उन्होंने सम्पूर्ण विश्व को कुटुम्ब कहा यह सोच हमे दुसरो से श्रेष्ठ बनातीं है।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में दोपहर 12 बजे से व्याख्यान का आयोजन किया गया इस व्याख्यान का विषय वैश्विक सन्दर्भ में भारतीय शिक्षा था। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता प्रोफेसर गिरिश चन्द्र त्रिपाठी पूर्व कुलपति बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी एवं अध्यक्ष उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद और विशिष्ट अतिथि अटल श्रीवास्तव अध्यक्ष पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेई ने किया। अतिथियों ने अटल जी की प्रतिमा, शहीदों के स्मारक पर दीप प्रज्जवलित, कुल गीत, राजकीय गीत का गायन मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम संचालन रश्मि गुप्ता ने किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ एच एस होता ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि आज़ कम्प्यूटर एप्लीकेशन विभाग के उत्कृष्टता केंद्र सेंटर आफ एक्सीलेंस आन ्रद्य-रूरु एंड आईओटी का उद्घाटन हुआ। इससे अकादमिक व शोध के क्षेत्र में बहुत लाभ होगा। विशिष्ट अतिथि अटल श्रीवास्तव अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने अपने उद्बोधन में कहा कि अल्प समय में ही अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय ने बहुत नाम राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है। इसके बाद माननीय कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेई और अतिथियों ने ई कन्हार, विजिटर डायरी, उत्कर्ष पत्रिका, इंडियन साइंस एसोसिएशन के बिलासपुर चैप्टर के प्रथम क्युट लेटर का विमोचन और कम्प्यूटर एप्लीकेशन विभाग के उत्कृष्टता केंद्र के बुकलेट का विमोचन किया गया।
आज अटल बिहारी वाजपेयी विश्व विद्यालय बिलासपुर के 12 वे स्थापना दिवस पर व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में आज दूसरे दिन सर्वप्रथम प्रात: सात बजे से विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में हवन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। तत्पश्चात दस बजे सर्व धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतीश शर्मा मुख्य पुजारी महामाया मंदिर रतनपुर थे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेयी ने किया। कार्यक्रम का संचालन रश्मि गुप्ता ने किया। मां सरस्वती जी पर दीप प्रज्जवलित और कुल गीत का गायन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। संयोजक और अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा एच एस होता ने अपने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि प्रत्येक यह कार्यक्रम मानव समाज के कल्याण के लिए किया जाता है। लाहौल स्पीति हिमाचल प्रदेश से रोज़ी शर्मा ने आभासी माध्यम से बौद्ध धर्म की प्रार्थना कर सभी के कल्याण की कामना की। पाणिनि शोध संस्थान के 6 बटुकों प्रशुन पांडेय , आदर्श दुबे,राघव दुबे,ऋषभ नौटियाल, मयंक नायक,ऋषभ भट्ट ने स्वास्ति वाचन और लौकिक मंगला चारण का पाठ किया। डॉ अरिहंत जैन ने जैन धर्म के जिनवाणी का पाठ किया। मौलाना सैयद जाकिर ने कुरान शरीफ के आयतों का पाठ किया। फादर एस पंकज ने बाइबल का संदेश का पाठ करते हुए हम सब एक ही गुलदस्ते के अनेक फुल है। सिक्ख धर्म से गुरू मान सिंह ने गुरू ग्रन्थ साहिब जी का पाठ करते हुए सभी के लिए प्रार्थना किया। अध्यक्षता कर रहे कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेई ने कहा कि भारत के जीवन मूल्यों में सभी धर्म के लिए सुख की कामना है इसलिए हमने वसुधैव कुटुंबकम् की बात हमारे ऋषि मुनियों ने किया। आभार प्रदर्शन राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ मनोज सिन्हा ने किया।
12 वर्षों में विवि ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की-कुलपति
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेई ने अपने उद्बोधन में कहा कि बारहवें वर्ष में यह विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल किया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्राध्यापक, कर्मचारी की नियुक्ति कर अपने मानव संसाधनों को बढ़ायेगे विश्वविद्यालय में शोध पीठ स्थापित हुआ है। 36 ओएमयु किये गये है। जब तक नवाचार को अपने व्यवहार में शामिल न करें तब तक शिक्षा का कोई महत्व नहीं है।

