आज गुजरात तट से टकराएगा बिपरजॉय अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
पोरबंदर। अरब सागर में उठा तूफान बिपरजॉय आज गुजरात तट से टकराएगा। 15 जून की शाम तक यह कच्छ जिले के जखौ पोर्ट से टकराएगा। इस दौरान 150 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके चलते बुधवार को गुजरात और मुंबई के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के चलते अब तक 9 लोगों की मौत की खबर है। भारतीय मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं, गुजरात सरकार ने कच्छ-सौराष्ट्र में समुद्र तट से 10 किलोमीटर की सीमा में 7 जिलों से 50 हजार से ज्यादा लोगों को निकालकर शेल्टर होम में भेजा है।
एनडीआरएफ की 18 टीमें तैनात
इलाके में एनडीआरएफ की 18 टीमें तैनात हैं। मौसम विभाग के बुधवार दोपहर 12 बजे के अपडेट के मुताबिक, तूफान 8 किमी/घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम में आगे बढ़ रहा है। यह गुरुवार की शाम तक गुजरात के तट पर जखौ पोर्ट से टकराएगा। भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि तूफान के तट के पास पहुंचने से हवा की स्पीड 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़, टेलीफोन और बिजली के खंभे गिर सकते हैं। मछुआरों को 16 जून तक समुद्र में ना जाने को कहा गया है। गुजरात में बुधवार से रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने की आपात बैठक
गांधीनगर। गुजरात में चक्रवात बिपरजॉय के संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारियां तेज हैं। इसी बीच बुधवार को सीएम भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में अहम बैठक हुई। जिसमें मुख्यमंत्री पटेल ने तैयारियों का जायजा लिया।
मीटिंग के दौरान रिलीफ कमिश्नर आलोक पांडेय ने मुख्यमंत्री को राज्य सरकार की तैयारियों की जानकारी दी। ये भी बताया कि राज्य सरकार जानमाल की क्षति कम करने के लिए किस तरह के कदमों को उठा रही है।
तूफान से पहले भूकंप के झटके
अरब सागर में उठे तूफान बिपरजॉय के आज गुजरात के तट से टकराएगा। साइक्लोन के खतरे के बीच बुधवार शाम कच्छ में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप 3.5 तीव्रता का था।
सौ से अधिक ट्रेनें प्रभावित : रेलवे
नई दिल्ली। पश्चिम रेलवे ने बुधवार को कहा कि कई राज्यों में शक्तिशाली चक्रवात ‘बिपरजॉय’ के कारण सौ से अधिक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है।
रेलवे के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 69 ट्रेनों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 33 ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले रोक दिया गया है और 25 ट्रेनों को कुछ स्टेशनों के बीच से ही संचालित करने की व्यवस्था की गई है।
तूफान के तट के पास पहुंचने से हवा की स्पीड 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़, टेलीफोन और बिजली के खंभे गिर सकते हैं : मृत्युंजय महापात्र, महानिदेशक, आईएमडी

