मस्तूरी विधानसभा को 96.99 करोड़ के विकास कार्र्योंं की मिली सौगात सीपत और मस्तूरी बनेंगे नगर पंचायत, पचपेड़ी में आरंभ होगा महाविद्यालय मस्तूरी विधानसभा में भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की घोषणा

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के सीपत और मस्तूरी नगर पंचायत बनेंगे। पचपेड़ी में महाविद्यालय आरंभ होगा। इस बात की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर जिले के मस्तूरी विधानसभा के ग्राम सीपत में आयोजित भेंट-मुलाकात के दौरान की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति जानने हितग्राहियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने मस्तूरी विधानसभा के लिए 96 करोड़ 99 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 22 करोड़ 47 लाख रुपए से अधिक राशि के 13 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 74 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक राशि के 66 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। भेंट-मुलाकात के दौरान राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रमोद नायक, छ.ग. मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेन्द्र धीवर, अरपा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभय नारायण राय एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
रागी की फसल ले रहे किसान, बताया काफी लाभ हो रहा- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मिलेट मिशन को प्रोत्साहित किये जाने के जमीनी असर नजर आने लगे हैं। देवदत्त साहू ने बताया कि इस बार दो एकड़ में रागी लगाया है। उम्मीद है कि पचास से साठ हजार रुपए का फायदा मिल जाएगा। इसमें लागत भी कम है और 90 दिन की फसल है। पानी भी कम लगता है। मुझे तो इसकी खेती अच्छी लगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी की धान फसल में 110 से 120 दिन का समय लगता है। यह आपने अच्छा किया। पहले नौकरी करता था, अब खेती के माध्यम से 4 लोगों को नौकरी दी है- किसान चंद्रप्रकाश कौशिक ने कहा कि पहले मैं खेती से दूर जा चुका था। कुछ कर्ज था। 2018 तक नौकरी करता था। जब कर्जमाफी हुई तो तीन लाख रुपए माफ हो गया। आपके निर्णयों से खेती काफी लाभप्रद हो गई है। सारी किश्तें मिल गई हैं। समय पर धान का पैसा मिल जाता है। पहले नौकरी करता था, अब चार लोगों को नौकरी दे रहा हूँ। मुख्यमंत्री ने पूछा कि बहु के लिए क्या लाए। श्री कौशिक ने कहा कि अभी साल भर ही हुआ है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि शादी के लिए कर्ज लिया क्या। श्री कौशिक ने कहा कि नहीं, इसकी जरूरत ही नहीं पड़ी। मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि यह बहुत अच्छा हो रहा है। पहले शादी ब्याह जैसे मंगल आयोजनों के लिए किसानों को कर्ज लेना पड़ता था, अब खेती किसानी में लाभ होने लगा है इसलिए कर्ज भी नहीं लेना पड़ रहा है। श्री कौशिक ने बताया कि वो राजीव गांधी युवा मितान क्लब से भी जुड़े हैं। वे क्लब के अध्यक्ष हैं। जब पहली बार छत्तीसगढिय़ा खेल कराए तो बच्चे खेल नहीं पा रहे थे। तब हम लोगों को लगा कि मुख्यमंत्री जी ग्रामीण खेलों को बढ़ाने के लिए कितना अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम लोग सप्ताह में एक दिन क्लब के माध्यम से श्रमदान करते हैं। कोविड आपदा में पिता नहीं रहे, स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ रही छात्रा ने बोर्ड परीक्षा में लाये 91 प्रतिशत अंक- मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं से चर्चा भी की। फलक पटेल ने बताया कि वो स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ती हैं। अभी 10वीं बोर्ड का नतीजा आया और इसमें 91 प्रतिशत अंक आये हैं। मैं डाक्टर बनना चाहती हूँ। मुख्यमंत्री ने माता-पिता के बारे में पूछा। फलक ने बताया कि मेरे पिता कोविड आपदा में नहीं रहे। महतारी दुलार योजना से मुझे स्वामी आत्मानंद स्कूल में एडमिशन मिला। मुख्यमंत्री ने फलक को अच्छे नंबरों के लिए बहुत बधाई दी। गरिमा यादव ने बताया कि उनके स्कूल में बहुत अच्छी पढ़ाई होती है।
दूध से ज्यादा कमा रहा हूं गोबर से
उत्तरी विश्वकर्मा ने बताया कि उनका समूह वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम करता है। उन्होंने ढाई लाख रुपए का वर्मी कंपोस्ट बेचा है। 70 हजार रुपए की आय केंचुआ बेचकर हुई है। बचत राशि हम सब लोगों ने बांट ली। साथ ही बचत की ही राशि का कुछ धन इक_ा कर भागवत कथा भी गाँव में कराई। निखिल जायसवाल ने बताया कि वे हर महीने 80 से 90 क्विंटल गोबर बेचता हूँ। इसके माध्यम से मैं 20 हजार रुपए तक महीने कमाता हूँ। दूध से ज्यादा कमाई तो मैं गोबर से कर रहा हूँ। वहीं मिथिलेश श्रीवास ने बताया कि सही समय पर बेरोजगारी भत्ता मिला है। अब वे खूब पढ़ाई करेंगे।
मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को सामग्री और चेक वितरित किए
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के सीपत में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी।
उन्होंने इसके तहत् मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 22 करोड़ 47 लाख रुपए से अधिक राशि के 13 विकास कार्यों का लोकार्पण और 74 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक राशि के 66 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस तरह कुल 96 करोड़ 99 लाख 27 हजार रूपए के 79 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने वेदपरसदा से इटवापाली लंबाई 6.66 किमी, मस्तूरी से कोनी लंबाई 4.50 किमी, भिलौनी से शिवटिकारी लंबाई 3.24 किमी, टी 02 धनिया से परसाही 2.25 कि.मी. सडक़ नवीनीकरण कार्य, टी 05 (मस्तूरी-मल्हार रोड) टी 03 जांजी नवागांव से मुडपार लंबाई 2 किमी, किरारी से भदौरा तक लंबाई 4.09 किमी, खुडुभाठा से कोसमडीह पहुंच मार्ग लंबाई 2.64 किमी सडक़ नवीनीकरण कार्य, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय पंधी में अतिरिक्त कक्षों का अधोसंरचना उन्नयन कार्य, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय पचपेड़ी में अधोसंरचना उन्नयन कार्य एवं बाउण्ड्रीवाल, बोर, दो नग शौचालय, मंच व वाटर सप्लाई कार्य, कुटेला से ठाकुरदेवा मार्ग लंबाई 1.50 किमी में सडक़ निर्माण पुल पुलिया सहित, अकोला मोड़ से नवागांव मार्ग लंबाई 1.50 किमी में सडक़ निर्माण पुल पुलिया सहित, शिवटिकारी से चिस्दा मार्ग लंबाई 6.50 किमी में सडक़ निर्माण पुल पुलिया सहित, टेकारी से पथराटाल मार्ग लंबाई 4 किमी निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया।
इसी तरह मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जोंधरा से उदयबंद लंबाई 10.47 किमी सडक़ नवीनीकरण कार्य, मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजनांतर्गत प्राथमिक, माध्यमिक एवं हाईस्कूल के 274 शाला भवनों में उन्नयन कार्य, डब्लू बी एम सडक़ निर्माण सोनसरी से परसोडी 1343 मीटर, डब्लू बी एम सडक़ निर्माण गिधुपुरी से खम्हरिया (रैलहा) पहुंच मार्ग गिधुपुरी 1467 मीटर, आमाकोना से बहतरा मेन रोड तक आमागांव 1500 मीटर, मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजनांतर्गत प्राथमिक, माध्यमिक एवं हाईस्कूल 5 शाला भवनों में उन्नयन कार्य, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी का उन्नयन, चेकडेम निर्माण कार्य बहरानाला 1 ग्राम उडागी, बहरानाला 2 ग्राम उडागी एवं कौहानाला ग्राम निरतू, शासकीय हाई स्कूल भवन गुडी एवं जेवरा में परिवर्तन एवं परिर्वधन कार्य, सामुदायिक भवन निर्माण कार्य नहरपारा सीपत एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य क्षत्रीय कुर्मी पाटनरवार समाज सीपत, पनभरिया तालाब में गहरीकरण एवं पचरी निर्माण टोवाल एवं पिंचिंग कार्य सीपत, ग्राम नरगोडा, हिन्डाडीह, एरमसाही, देवगांव, रलिया, डगनिया, बहतरा, किरारी, जलसो, चिल्हाटी, सोन, गिधपुरी, सोनसरी, चिस्दा में नवीन पंचायत भवन निर्माण कार्य, गुडी पोडी करमा मार्ग का निर्माण लंबाई 10.20 किमी, चिल्हाटी से गोड़ाडीह मर्का का निर्माण लंबाई 3 किमी, विद्याडीह से मटिया मार्ग का निर्माण लंबाई 0.70 किमी कार्यों का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा एकल ग्राम योजना के तहत ग्राम सुलौनी, नवागांव (हरदाडीह), नवागांव (टिकारी), हिन्डाडीह, बेलटुकरी, तेन्दुआ, अमलडीहा, भुरकुण्डा, बहतरा, बेटरी, कटहा, अकोला, धनगवा, विद्याडीह, पत्थरताल, शिवटिकारी, कुपर्दीकेरा, बसहा, पीपरानार, भिलाई, बरेली, खोधरा, कनई, बिनैका, पाली, खुदुभाठा, कोहरौदा, मुड़पार, खोरसी में शिलान्यास एवं देवरी में रेट्रोफिटिंग कार्य का शिलान्यास किया। इसी तरह उन्होंने सीपत में नवीन तहसील कार्यालय भवन का निर्माण, शिवनाथ नदी पर निर्मित रहटाटोर एनीकट सौर सूक्ष्म सिंचाई योजना एवं बोहारडीह स्टामडेम के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान किसानों और विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को सामग्री और चेक का वितरण भी किया।
मुख्यमंत्री ने बेलटुकरी रीपा में वाई-फाई सुविधा का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज मस्तूरी विधानसभा में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान ग्राम बेलटुकरी में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क ‘‘रीपा’’ का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि रीपा से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने महिला समूहों के सदस्यों से चर्चा कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बेलटुकरी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में वाई-फाई सुविधा की शुरुआत करते हुए कहा कि इससे रीपा में कार्यरत लोगों को नि:शुल्क इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस माह की 5 तारीख को रीपा की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान रीपा को वाईफाई सुविधा से लैस करने की घोषणा की थी। आज यहां वाई-फाई सुविधा का शुभारंभ होने के साथ बेलटुकरी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क इस सुविधा से लैस प्रदेश का पहला रीपा बन गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा छोटे-छोटे उद्योग धंधों के लिए रीपा में पानी, बिजली, जमीन जैसी सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, इसी कड़ी में आज बेलटुकरी में वाई-फाई सुविधा का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बेलटुकरी रीपा में उत्पादित विभिन्न वस्तुओं के कैटलॉग का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि रीपा के माध्यम से गांव के लोगों को जरूरी वस्तुएं आस-पास उपलब्ध हो रही हैं, जिसके कारण अब उन्हें दूर शहरों की ओर नहीं जाना पड़ता। बेलटुकरी रीपा में संचालित बेकरी यूनिट, बोरी सिलाई यूनिट, कपड़ा सिलाई यूनिट, दोना-पत्तल यूनिट के उत्पादों की अच्छी गुणवत्ता के कारण आसपास के शहर-गांवों से सप्लाई के आर्डर मिलने प्रारंभ हो गए हैं। रीपा के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री को आदर्श स्व सहायता समूह की निर्मला पटेल बताया कि यहां पर 1 महीने पूर्व शासन की मदद से 03 लाख रूपए की लागत से बेकरी यूनिट स्थापित की गई है। निर्मला ने बताया कि इस यूनिट के माध्यम से ब्रेड, केक और कुकीज़ का निर्माण कर आसपास के होटल और गांव में बिक्री करते हैं पिछले 15 दिनों में लगभग 10 हजार रूपए के बेकरी उत्पादों की बिक्री कर चुके हैं, जिससे 5 हजार का फायदा हुआ है। निर्मला ने बताया कि बिलासपुर के सी-मार्ट और आसपास के होटलों से 80 हजार रूपए का आर्डर भी मिला है। मुख्यमंत्री ने रीपा में बोरी सिलाई यूनिट का अवलोकन भी किया। जय मां वैष्णवी स्व-सहायता समूह की सदस्य शांति कैवर्त ने बताया कि एक महीने पहले शासन की मदद से 4.5 लाख की लागत से बोरी सिलाई यूनिट स्थापित की गई है। लगभग 12 सौ बोरी की बिक्री आस-पास के गौठान में कर चुके हैं जिससे 03 हजार रुपये का फायदा हुआ है। शांति ने बताया कि आसपास के गौठानो से 61 हजार 760 रुपये के लगभग 6 हजार बोरी का आर्डर मिल चुका है। मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा यहां दोना-पत्तल यूनिट के अवलोकन के दौरान वैष्णवी स्व-सहायता समूह की सदस्य ममता ने बताया कि समूह में 8 सदस्य हैं। शासन द्वारा ढाई लाख की लागत से दोना पत्तल मशीन इकाई स्थापित की गई है अब तक 150 बंडल दोना तथा 150 बंडल पत्तल का निर्माण कर 15 हजार रुपये के दोना-पत्तल की बिक्री कर चुके हैं, जिससे हम महिलाओं को 5 हजार रुपये का फायदा हुआ है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कपड़ा सिलाई यूनिट का अवलोकन किया। रीपा स्व-सहायता समूह की महिला आशा ने बताया कि रीपा एस.एच.जी. में हम सात महिलाएं सूट, ब्लाउज, बैग, पेटिकोट तथा रुमाल की सिलाई कर रही हैं। अब तक आसपास के गांव से आर्डर मिलने पर 25 हजार की बिक्री कर चुके हैं जिससे हमें 15 हजार रुपये का फायदा हुआ है। रीपा स्वसहायता की महिला संतोषी कैवर्त ने बताया कि पहले घर में खाली बैठे रहते थे, कोई काम नहीं था। अब सिलाई कार्य से आमदनी भी हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

