श्रमिक दिवस पर आज जिले मेें मनाया जाएगा बोरे-बासी तिहार जनप्रतिनिधि और अधिकारी मजदूरों के साथ खाएंगे बोरे-बासी बृहस्पति बाजार श्रमिक सदन में होगा आयोजन

श्रमिक दिवस पर आज  जिले मेें मनाया जाएगा बोरे-बासी तिहार जनप्रतिनिधि और अधिकारी मजदूरों के  साथ खाएंगे बोरे-बासी बृहस्पति बाजार श्रमिक सदन में होगा आयोजन

बिलासपुर। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर 1 मई को पूरे राज्य में बोरे-बासी त्योहार मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की संस्कृति, रीति रिवाज और खानपान को सहेजने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में मेहनतकश श्रमवीरों के सम्मान में 1 मई को जिले में भी बोरे-बासी त्योहार मनाया जा रहा है। कलेक्टर सौरभ कुमार ने बोरे-बासी त्योहार की तैयारी के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए है। जिले में बृहस्पति बाजार में जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बोरे-बासी खाने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। महापौर श्री रामशरण यादव सफाई कामगार मजदूरों के साथ बोरे-बासी खाएंगे। इस अवसर पर निगम प्रशासन के अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। कलेक्टर सौरभ कुमार के निर्देश पर बृहस्पति बाजार श्रमिक सदन में श्रमिकों के बोरे-बासी खाने की तैयारी की जा रही है। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी बोरे-बासी खाएंगे। रीपा गोठानों में भी 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर बोरे-बासी खाने का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जनपद पंचायत बिल्हा के धौरामुड़ा गोठान में सवेरे 11 बजे से, कोटा ब्लॉक के करगीकला में सवेरे 11 बजे से, मस्तूरी ब्लॉक के बेलटुकरी में दोपहर 12 बजे और तखतपुर ब्लॉक के बेलपान में सवेरे 10 बजे से बोरे-बासी खाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीण एक साथ बोरे-बासी खाएंगे।
कलेक्टर ने श्रमिक दिवस के अवसर पर लोगों से बोरे-बासी खाकर श्रम का सम्मान करने की अपील की
कलेक्टर सौरभ कुमार ने 1 मई को श्रमिक दिवस के अवसर पर जिलेवासियों से बोरे-बासी खाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में 1 मई को श्रमिक दिवस मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ किसानों और मेहनतकश लोगों का प्रदेश हैं, इसलिए हमारे लिए यह तारीख किसी त्योहार से कम नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस दिन सभी बोरे-बासी खाकर श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट करें। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल के कारण अब प्रदेशवासी इसे बोरे-बासी तिहार के रूप में मनाते है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन श्रम के साथ-साथ अपनी संस्कृति के प्रति भी सम्मान है। कलेक्टर ने अपनी अपील में कहा है कि इस बार बोरे-बासी तिहार में सभी दोगुने उत्साह के साथ शामिल होएं। बोरे-बासी का स्वाद निराला है, लेकिन जब हम सब एक साथ इसका लुत्फ उठाएंगे तो और भी आनंद आएगा। उन्होंने सभी को बोरे-बासी तिहार और श्रम दिवस की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं भी दी।

MRINMOY MALLICK

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