आम लोग को भी आसानी से समझ आ सकता है बजट केवल ना समझने का बना रखा है हौव्वा- अमर अग्रवाल
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ बजट पर चर्चा

आम लोग को भी आसानी से समझ आ सकता है बजट केवल ना समझने का बना रखा है हौव्वा- अमर अग्रवालगुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ बजट पर चर्चा

बिलासपुर। बजट बनाते समय सरकार के सामने दो परिस्थिति होती है पहली जरूरी ख़र्चे जो कि शिक्षा , चिकित्सा जैसे दुसरी परिस्थिति होती है वर्तमान के हिसाब से भविष्य के लिए बजट बनाना।बजट समझने में कठिन है परंतु  वास्तव में ये भी उसी प्रकार का बजट है जो हर आम आदमी अपने घर के बनाने में करता है।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं oxy जन के संयुक्त तत्वावधान में केंद्रीय बजट 2023 पर बजट पर चर्चा का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से छात्रों के बीच केंद्रीय बजट पर छात्रों को जानकारी देना तथा उनके मन में उठ रहे बजट से जुड़े सवालों का जवाब देना था।

कार्यक्रम में मुख्य प्रवक्ता के रूप में सम्मिलित हुए पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल जी ने कहां की लोगों ने बजट को केवल हौव्वा बना के रखा है कि बजट समझने में कठिन है परंतु  वास्तव में ये भी उसी प्रकार का बजट है जो हर आम आदमी अपने घर के बनाने में करता है। बजट बनाते समय सरकार के सामने दो परिस्थिति होती है पहली जरूरी ख़र्चे जो कि शिक्षा , चिकित्सा जैसे दुसरी परिस्थिति होती है वर्तमान के हिसाब से भविष्य के लिए बजट बनाना। 2017 में जीसटी आने के बाद राज्यों के पास केवल इम्पोर्ट टैक्स के अलावा और कोई टैक्स लगाने का अधिकार नहीं रहा जिससे लोगों को मनमाने टैक्स से राहत मिली 2014 से 2023 तक कि बात करे तो भविष्य को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया और अर्थिक सर्वेक्षण में हमारी देश की इकॉनमी 10 स्थान से आज 2024 में 5 वे स्थान पर पहुंच चुकी है हमारे देश पर पर टाइम कैपिटल 200000 रुपये है स्टार्ट अप के क्षेत्र में आज भारत 3 स्थान में है जो कभी स्टार्ट उप तक जानती नहीं थी। ग्रीन एनर्जी के माध्यम से देश के विकास की नीतियां बन रही है जिसका भविष्य में अन्य देश अनुकरण करेगे। वर्तमान में भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था आज भी  ग्रामों एवं कृषि पर जुड़ा है और जब तक उन पहलू ओ को नहीं उठाया जाएगा तब तक यह समृद्ध भी नहीं हो पायेगा।

छात्रों के प्रश्नो का दिया जवाब
बजट पर चर्चा के प्रश्न उत्तर सत्र में छात्रों के प्रश्नों किया कि क्या यह बजट 2024 को ध्यान में रखकर बनाया गया इस पर जवाब देते हुए अमर अग्रवाल जी ने कहां की बजट कभी भी चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं बनाया जाता बजट सदैव भविष्य को ध्यान में रखकर बनाया जाता है 2014 से भविष्य को ध्यान में रखकर बजट बनाया जा रहा है जिसका परिणाम है कि आज भारत 5 वी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु घासीदास   विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति अमित सक्सेना ,एवं अन्य अतिथियों के रूप में हरीश केडिया जी,डॉ देवेन्द र सिंह,सौरभ चतुर्वेदी जी, अंशुमान जाजोदिया एवं गुर घासीदास विश्वविद्यालय के कुलसचिव मनीष श्रीवास्तव जी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, व्यापारी सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्रः उपस्थित रहे।

MRINMOY MALLICK

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