मतांतरण के खिलाफ भाजपा ने बोला हल्ला,रासुका की खिलाफत
नेहरू चौक पर किया धरना प्रदर्शन
बिलासपुर। राज्य सरकार के खिलाफ भाजपाइयों ने नेहरू चौक पर जोरदार हल्ला बोला। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में मतांतरण को जानबुझकर और सोची समझी रणनीति के तहत हवा देने का काम किया जा रहा है। रासुका लगाना सरकार की नादिरशाही रवैया को दर्शाता है। भाजपाइयों ने आशंका जाहिर की कि छत्तीसगढ़ में रासुका के जरिए अघोषित आपातकाल की शुरूआत राज्य सरकार ने कर दी है।
पूर्व सांसद लखनलाल साहू ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार एक बार फिर आपातकाल लगाने की साजिश रच रही है। उनके मनसूबे को प्रदेश की जनता कामयाब होने नहीं देगी। सरकार के इस कदम का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। लोकतंत्र में इस तरह के निर्णय हमेशा से ही घातक होते रहा है। रासुका के जरिए राज्य की कांग्रेस सरकार क्या करने वाली है यह अभी से ही साफ नजर आने लगा है। कांग्रेस की सरकार अपने साम्प्रदायिक तुष्टीकरण की राजनीति के तहत प्रदेश में मतांतरण को बढ़ावा देने के लिए रासुका लगा दिया है। अत्यधिक असामान्य परिस्थितियों में उठाये जाने वाले इस कदम ने कांग्रेस के विभाजनकारी राजनीति की पोल खोलकर रख दी है। पूर्व सांसद ने साफ कहा कि कांगे्रस की नियत साफ दिखाई दे रही है। तुष्टीकरण और मतांतरण के अपने दो सूत्रीय एजेंडे के जरिए राज्य की सत्ता पर दूसरी बार काबिज होने का ख्वाब देख रही है। जो कभी पूरा होने वाला नहीं है।
आदिवासी संस्कृति के साथ मजाक बताया
भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रासुका के जरिये आदिवासी संस्कृति को कुचलने का घृणित षड्यंत्र रचा है। वे चाहते हैं कि आदिवासी संस्कृति समाप्त हो जाये। आदिवासी समाज ईसाई समुदाय में कन्वर्ट हो जाये और चर्च के प्रभाव में आ जाए। ऐसा लगता है कि सुनियोजित षड्यंत्र के तहत ही आदिवासी समाज में धर्मांतरण के जरिये विखंडन और वर्ग संघर्ष का खाका तैयार किया गया है। आदिवासी संस्कृति के विरुद्ध भूपेश बघेल के बेहद खतरनाक इरादों को यह रासुका व्यक्त कर रहा है। अपनी संस्कृति को बचाने में लगे आदिवासियों के संघर्ष को कुचलने के लिए उन्हें बेवजह जेल में डालने का इंतजाम किया गया है। ताकि आदिवासी समाज को मतांतरण का विरोध करने से रोका जा सके।

