संविधान बदलने की हो रही कोशिश-नवीन कुमार
नई आरक्षण व्यवस्था के लिए जातीय जनगणना को दी जाए प्राथमिकता
बुद्धिस्ट महासभा द्वारा सावित्री बाई फुले जयंती पर आयोजन

संविधान बदलने की हो रही कोशिश-नवीन कुमारनई आरक्षण व्यवस्था के लिए जातीय जनगणना को दी जाए प्राथमिकताबुद्धिस्ट महासभा द्वारा सावित्री बाई फुले जयंती पर आयोजन

बिलासपुर ।   देश के चर्चित और वरिष्ठ पत्रकार नवीन कुमार ने कहा है कि देश का संविधान बदलने की कोशिश हो रही है। एक मनुवादी संविधान लाने की तैयारी चल रही है, जिसके खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है। यहां बुद्धिस्ट महासभा के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने कहा कि आरक्षण अब नए सिरे से होना चाहिए। हर जाति के हिसाब से अलग-अलग आरक्षण के लिए जनजातीय जनगणना को प्राथमिकता देना चाहिए।

नवीन कुमार ने कहा कि मैं यहां बिलासपुर छत्तीसगढ़ संत गुरु घासीदास के बारे में जानने आया हूं। छत्तीसगढ़ी नाचा के पितामह दाऊजी के बारे में जानने आया हूं और गांधीजी की सहयोगी बेला बाई की धरती पर आया हूं। उन्होंने कहा संविधान बदलने की कोशिश की जा रही है और एक नया मनुवादी विधान बनाने की तैयारी चल रही है। सरकार को चाहिए कि संविधान के लिए वह जनमत संग्रह करें।

सावित्री बाई फुले के पदचिन्हों पर चलें

श्री कुमार ने कहा आज के दौर में महिलाओं को सावित्रीबाई की शिक्षाओं का अनुकरण करना चाहिए आज समय आ गया है कि ज्यादा से ज्यादा शक्ति औरतों के हाथ में हो। उन्होंने कहा आज एक तरह की नफरत का दौर चल रहा है इसलिए जरूरी है कि सांप्रदायिक सद्भाव बढ़ाया जाए पिछड़ी जातियों और दलितों को चाहिए कि वह उच्च शिक्षा के लिए रुचि बढ़ाएं उन्होंने कहा आज 450 प्राइवेट यूनिवर्सिटी हैं और जब कि सरकारी यूनिवर्सिटी की संख्या 386 है उन्होंने कहा गरीबों के लिए यूनिवर्सिटी में विशेष प्रावधान किए जाएं ताकि दलित और पिछड़ी जातियां उच्च शिक्षा में और आगे बढ़ सके। उन्होंने रुकैया शेखावत और फातिमा फातिमा शेख का उदाहरण देते हुए कहा कि दलित महिलाओं को भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे आना चाहिए इन दिनों देश में बेरोजगारी चरम पर है इसका हल ढूंढना चाहिए सरकार को चाहिए कि वह और अच्छी योजनाएं चलाएं जिसका लाभ पिछड़ी जातियों को मिले । श्री कुमार ने कहा की इतिहास बदलने की बात नहीं होना चाहिए बल्कि जनमत संग्रह होना चाहिए।

भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा आयोजित मातोश्री सावित्रीबाई फुले जयंती एवं भीमा कोरेगांव शौर्य दिवस बिलासपुर के अंबेडकर चौक में मनाया गया भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढक़र कार्यक्रम प्रारंभ हुआ महासभा के अध्यक्ष चंद्र बोधिपाटिल ने कहा कि कोविड-19  के कारण 2 साल से सम्मेलन नहीं हो पा रहे थे ।कोरेगांव में भी कोई आयोजन नहीं हुआ था ।इस बार जन सहयोग से अच्छा कार्यक्रम हुआ।

सावित्री फुले से प्रेरणा लें- अटल

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने कहा कि सावित्रीबाई फुले से प्रेरणा लेना चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए आज महिला शिक्षा की बहुत ज्यादा जरूरत है।

अपने उद्बोधन में चांदनी भारद्वाज ने कहा कि सावित्रीबाई करोड़ों महिलाओं की प्रेरणा स्रोत हैं उनके विचारों को आत्मसात करना चाहिए।

कार्यक्रम में शंकरराव, भीमराव, सारंग घूमने, महेश चंद्रिकापुरे, एचएस मेश्राम एवं कपूर वासनिक सहित बुद्धिस्ट सभा के बहुत से सदस्य उपस्थित थे।

MRINMOY MALLICK

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