स्वास्थ्य मंत्री ने मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल भवन का किया निरीक्षण
वंदे भारत कार्यक्रम को टीएस ने कहा वंदे भाजपा,जोन में होना चाहिए था कार्यक्रम
अस्पताल बन जाने के बाद आम जनता का मुम्बई दिल्ली नही बल्कि बिलासपुर में होगा इलाज
बिलासपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य और जीएसटी मंत्री टीएस सिंहदेव कोनी स्थित निर्माणाधीन मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल देखने पहुंचे। पूरे 11 मंजिला भवनन का टीएस सिंहदेव विधायक शैलेष पाण्डेय समेत डाक्टर और इंजीनियर के साथ भ्रमण किया। पत्रकारों से बातचीत कर केन्द्र सरकार के छत्तीसगढ़ के प्रति दोहरे रवैया को सामने रखा। सिंहदेव ने केन्द्र सरकार के बन्दे भारत योजना को बन्दे भाजपा योजना बताया। उन्होने कहा कि दरअसल भाजपा और केन्द्र सरकार प्रोटोकाल और शिष्टाचार को भूल गयी है। अच्छा होता कि प्रधानमंत्री बिलासपुर जोन से वन्दे भारत को हरी झण्डी दिखाते। या फिर जोन में एक कार्यक्रम का आयोजन होता।
टीएस सिंहदेव ने बताय कि केन्द्र सरकार पर छत्तीसगढ़ का 13 सौ करोड़ रूपये बकाया है। नेता प्रतिपक्ष रहने के दौरान जीएसटी से होने वाले प्रदेश के नुकसान का हमने अनुमान लगाया था। आज वही स्थिति आगयी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा हमने पिछले चार साल में जितना काम किया। उतना भाजपा की सरकार ने 15 साल में भी नहीं किया है। रायपुर से बिलासपुर प्रवास के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव औचक निरीक्षण करने कोनी स्थित निर्माणाधीन मल्टीसुपर स्पेशलिटी अस्पताल को देखने पहुंच गए। खबर मिलने के बाद अस्पताल के डाक्टर,साइट इंजीनियर भी पहुंच गए। सिंहदेव ने एक से लेकर 11 तक सभी मंजिल का भ्रमण किया। एक एक निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने लिफ्ट का भी सहारा नहीं लिया। अधिकारी और इंजीनियर सीढिय़ां चढऩे के दौरान कभी थके हुए नजर आए। सिंहदेव ने कहा कि बिल्डिंग को दिसम्बर तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए था। लेकिन अब बताया जा रहा है कि तीन महीने में निर्माण कार्य पूरा कर शासन के हवाले किया जाएगा। लेकिन मुझे नहीं लगता है कि 31 मार्च तक काम पूरा हो पाएगा। निरीक्षण और बातचीत के दौरान पता चला कि निर्माण के दौरान समन्वय की कमी है। हमने निर्माण कार्य से जुड़े सभी लोगों को 21 दिसम्बर को रायपुर बुलाया है। और बिल्डिंग कब तक पूरा होगा..क्या कुछ कमी है बातचीत से स्पष्ट होगा। लेकिन इतना तो निश्चित है कि बिल्डिंग ने आकार पूरा ले लिया है।
अस्पताल बन जाने के बाद आम जनता का गंभीर से गंभीर बिमारी का इलाज अब मुम्बई दिल्ली नही बल्कि बिलासपुर में होगा। निरीक्षण के दौरान जवानों की फूलने लगी सांस 11 मंजिल निर्माणाधीन भवन निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री काफी तरोकताजा और जवान नजर आए। 11 मंजिल तक सीढिय़ों से चलकर निरीक्षण किया।
अस्पताल का एक एक कोना टीएस सिंहेदव ने देखा। इस दौरान विधायक शैलेष पाण्डेय, कांग्रेस प्रदेश सचिव पंकज सिंह और पीडब्लूडी विभाग के इंजीनियर डाक्टर सहारे भी मौजूद थे। वंदे भारत नहीं ऐसा लगता है कि सिर्फ बन्दे भाजपा का कार्यक्रम है। यही कारण है कि केन्द्र सरकार ने प्रोटोकाल का पालन नहीं किया। ना ही शिष्टाचार ही दिखाया।
केन्द्र को इस बात का भी ख्याल नहीं कि मण्डल कहा है..जोन कहा है। कार्यक्रम में रायपुर और बिलासपुर को क्यों वंचित किया गया। ट्रेन जहां से चालू हुई वहां कार्यक्रम तो करते ही। जोन होने के कारण जहां ट्रेन का अंतिम स्थान है वहां भी कार्यक्रम का आयोजन करना चाहिए था। जोन होने के कारण बिलासपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया जाना चाहिए था। टीएस ने सवाल किया कि क्या छत्तीसगढ़ भारत में नही है। यदि है तो उपेक्षा क्यो किया गया। दरअसल मोदी जी का सब कुछ बन्दे भाजपा का कार्यक्रम था। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ को तोहफा दिया जाना छत्तीसगढिय़ों का अपमान है। सच तो यह है कि जनता का पैसा जनता को ही दिया जाता है। सुविधा पाना जनता का अधिकार है। हम सेवक है। यदि उन्होने नेताओं को कुछ दिया होता तो शायद तोहफा कहा जाना उचित होता। मंत्री ने बताया कि जनता ने मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर तोहफा दिया है। भाजपा या प्रधानमंत्री जनता को तोहफा देने लायक की स्थिति में नहीं है।
बिलासपुर पुलिस का सूचना तंत्र कमजोर
टीएस सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश में अपराध का होना चिंताजनक है। उन्होने दुहराया कि आकस्मिक घटना को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी भी होती है जिसे पूर्व सूचना के आधार पर रोका जा सकता है। बिलासपुर में हत्या को रोका जा सकता था। जानकारी मिल रही है कि परिवार के बीच तनाव और कुछ घटनाएं हुई थी। मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। लेकिन पुलिस ने अपना काम ठीक से नही किया। यदि किया गया होता तो हत्या की वारदात तो नहीं ही होती।
चार साल में 15 साल से अधिक काम
प्रदेश में गौरव उत्सव मनाने की तैयारी है। विपक्ष चार साल के काम काज पर सवाल खड़ा कर रही है। टीएस ने बताया कि हमने विपरीत परिस्थियो में मात्र चार साल के अन्दर 15 साल में किए गए काम से अधिक काम किया है। बल्कि 18 साल में किए गए काम से अधिक काम किया है। सिंहदेव ने बताया काम करने को हमेशा बाकी रहता है।

