अगले सत्र से शराब दुकान नहीं खुलेगी ,‘गांधी’ ने खत्म किया अनशन
सरकंडा अरविंद नगर में शराब दुकान हटाने के लिए चल रहा आंदोलन समाप्त
चिता पर बैठे गांधीवादी को एसडीएम ने पिलाया जूस

अगले सत्र से शराब दुकान नहीं खुलेगी ,‘गांधी’ ने खत्म किया अनशनसरकंडा अरविंद नगर में शराब दुकान हटाने के लिए चल रहा आंदोलन समाप्तचिता पर बैठे गांधीवादी को एसडीएम ने पिलाया जूस

बिलासपुर । पिछले 6 दिनों से सरकंडा बंधवापारा अरविंद नगर में शराब दुकान हटाने के लिए चल रहा आंदोलन शुक्रवार को खत्म हो गया। यहां ड्रीमलैंड स्कूल के आस-पास शराब दुकान संचालित होने से जहां सरकार का अपना ही नियम भंग हो रहा है तो वही शराब दुकान की वजह से असामाजिक तत्वों की आमद के चलते मोहल्ले वासी परेशान हैं। वैसे तो इस क्षेत्र महिलाये लंबे समय से अपना विरोध दर्ज कराती रही हैं लेकिन पिछले 6 दिनों से उनके आंदोलन को उस वक्त बल मिला जब गांधीजी की वेशभूषा में रहने वाले गांधीवादी संजय आयल सिंघानी भी इस आंदोलन का हिस्सा बन गए। संजय अपनी चिता सजाकर आमरण अनशन पर बैठ गए। उनका प्रण था कि अगर 2 दिसंबर तक शराब दुकान नहीं हटी तो वे खुद चिता में आग लगाकर आत्मदाह कर लेंगे।

इस बीच जहां उनके आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला तो वहीं एक शराबी ने उनकी पिटाई भी कर दी। गुरुवार शाम को आबकारी विभाग के अधिकारी भी संजय के मान मनौव्वल के लिए पहुंचे थे। आंदोलन के अंतिम दिन शुक्रवार को एसडीएम श्रीकांत वर्मा मौके पर पहुंचे और संजय सिंघानी समेत मोहल्ले की महिलाओं को आश्वस्त किया कि नए वित्तीय वर्ष में इस शराब दुकान को लाइसेंस नहीं दिया जाएगा, जिसके चलते यह शराब दुकान हर हाल में हटेगा। इस आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ। 

एसडीएम श्रीकांत वर्मा ने अपने हाथों से संजय आयल सिंघानी को जूस पिलाकर उनका आंदोलन खत्म कराया। मोहल्ले वासियों का कहना है कि यहां दिन भर शराब दुकान की वजह से असामाजिक तत्वों की आवाजाही रहती है, तो वही रात में भी अवैध तरीके से शराब बेचे जाने से उस वक्त भी शांति नहीं रहती। इस वजह से महिलाओं और बच्चों का जीवन दूभर हो गया है, इसलिए भी हर हाल में यहां से शराब दुकान हटाना चाहती हैं।

 नारीशक्ति की हुई जीत, जनआन्दोलन को मिली सफलता- डॉ.उज्ज्वला

 आम आदमी पार्टी की पूर्व नगर अध्यक्ष डॉ. उज्ज्वला कराडे ने इस आंदोलन को अपनी टीम के साथ पूर्ण समर्थन दिया, उन्होंने इस बाबत कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा और लगातार जन आंदोलन में उन्होनें बढ़-चढक़र हिस्सा लिया जिसके परिणामस्वरूप जिला प्रशासन ने विवादित शराब दुकान को बंद करते हुए उसमें ताला जड़ दिया है। लगातार 6 दिनों से चल रहे इस व्यापक आंदोलन को भारी सफलता मिली है। विवादित शराब दुकान को 21 दिनों में अन्यत्र स्थापित करने की बात कही गई है, चूंकि यह आंदोलन जनहित से जुड़ा मुद्दा था, जिस पर प्रशासन के द्वारा कार्यवाही करते हुए उक्त दुकान को बंद कर दिया है। जिससे आन्दोलनकारियो के भारी हर्ष दिखाई दिया। इस जीत पर आन्दोलनकारियो ने जमकर अपना उत्साह प्रदर्शन करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। इस अवसर पर इनके द्वारा भव्य विजय रैली निकाली गई जहाँ पर समूहों में लोग इस जीत का जश्न मनाया। इस दौरान डॉ. उज्ज्वला कराडे भी इस विजय रैली में शामिल रही और अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होने आंदोलन के इस शानदार सफलता पर सभी को अपनी शुभकामनाएं भी दी है।

MRINMOY MALLICK

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