जनदर्शन के दौरान गिरकर घायल हुए बुर्जुग को कलेक्टर ने गाड़ी से भिजवाया अस्पताल, फिर सुनी समस्या
कुली गांव की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला शाहीन बाई को मिलेगी बढ़ी हुई पेंशन
बिलासपुर । कलेक्टर सौरभ कुमार ने अपने कर्तव्यों के साथ एक अलग ही मानवीय चेहरा दिखाया है। 44 वर्षो से केंद्र सरकार के लिए समाजसेवी, पर्यावरण और रेल सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे बुजुर्ग आज कलेक्टर को एक सुझाव देने कलेक्ट्रेट पहुंचे और लाइन लगने दूसरे दरवाजे की ओर जा ही रहे थे की उनका पैर स्लिप हो गया और हाथ में चोट लग गई। हाथ से बहते खून के बावजूद बुजुर्ग कलेक्टर को मिल कर सलाह देने की जिद्द करने लगें। फिर क्या था कलेक्टर को बुजुर्ग के घायल होने की जानकारी मिली और कलेक्टर सौरभ कुमार भरे जनदर्शन को छोडक़र घायल बुर्जुग से मिलने बाहर आ गए।

दरअसल बुर्जुग समाजसेवी को सबसे पहले कलेक्ट्रेट की गाड़ी से तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा और ईलाज कराने के बाद दोबारा आने कहा । दरअसल मध्य नगरी निवासी बुजुर्ग कुंज बिहारी सोनथलिया पीछले 44 वर्षों से समाजिक कार्य के साथ केन्द्र सरकार के पर्यावरण और रेल सलाहकार के रूप में शहर में कार्य कर रहे है। उनके मुताबिक शहर में होने वाले विकास कार्यों और उनमें हो रही गड़बडिय़ों को लेकर वे कलेक्टर व संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष सलाह देते आए है। आज भी वे हो रहे निर्माण और वहां हो रही गड़बडिय़ों को रोकने की सलाह देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। आज कलेक्ट्रेट में चल रहे जनदर्शन में बुजुर्ग कुंज बिहारी सामने की गेट से अंदर जा रहें थे। पर कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने उन्हे दूसरे गेट से आने और लाइन में लगने कहा। जब वे दूसरे गेट से प्रवेश कर ही रहे थे तब उनका पैर अचानक स्लिप हो गया और वे गिर पड़े, जिससे उन्हें हाथ में चोट आई और खून बहने लगा। सभी ने उन्हे पहले उपचार कराने कहा पर बुजुर्ग कलेक्टर से मिलने की बात कहते हुए घायल अवस्था में गेट के पास ही बैठे ही रहे। कलेक्टर को इसकी जानकारी मिली और वे मानवता दिखाते हुए भरे जनदर्शन छोड़ बाहर निकले और बुर्जुग को तत्काल उपचार कराने अस्पताल भेज दिया।
कलेक्टर सौरभ कुमार ने आज साप्ताहिक जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। आज जनदर्शन में कलेक्टर ने ढाई घंटे तक बड़े इत्मीनान से लगभग 300 लोगों की निजी और सामुदायिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। तत्काल सुलझने वाले प्रकरणों का जहां मौके पर ही निराकरण किया गया वहीं गंभीर किस्म के कुछ प्रकरणों को टीएल पंजी में दर्ज करते हुए समय-सीमा में अधिकारियों को निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। मस्तूरी तहसील के कुली गांव की 80 वर्ष से अधिक उम्र की निराश्रित बुजुर्ग महिला शाहीन बाई ने कलेक्टर से मिलकर पेंशन की राशि दिलाने की मांग की। कलेक्टर सौरभ कुमार ने आत्मीयता पूर्वक उनकी समस्या सुनी। उन्होंने अधिकारियों को पेंशन की राशि 350 रूपए से बढ़ाकर प्रतिमाह 500 रूपए नियमानुसार जारी करने के निर्देश दिए। आज जनदर्शन में कलेक्टर ने अत्यंत जरूरतमंद एवं गरीब परिवार के 16 लोगों का मौके पर ही राशन कार्ड बनवाकर वितरित करवाया।
एक अन्य प्रकरण में कलेक्टर ने आवेदिका कमलू निशा की समस्या का समाधान भरण-पोषण नियम के तहत् करने के निर्देश बिलासपुर एसडीएम को दिए। आवेदिका ने बताया कि उसने अपना मकान और दुकान अपने बेटे के नाम कर दिया था। लेकिन अब बेटा और बहू उसे साथ नहीं रखते और न ही भरण-पोषण की राशि देते है। कोटा तहसील के ग्राम कुंवारीमुड़ा निवासी श्री ईश्वर नेताम ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने आवेदन दिया। कलेक्टर ने मामले को टीएल में रखते हुए एसडीएम कोटा को सौंपा। बिल्हा ब्लॉक के ग्राम सारधा निवासी राजेन्द्र कौशिक सहित अन्य लोगों ने सेवा सहकारी के संस्था प्रभारी एवं सेल्समेन के खिलाफ राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत की। इस मामले को खाद्य नियंत्रक देखेंगे। सीपत तहसील के ग्राम मड़ई के सुभाष चंद्र घोसले ने एनटीपीसी सीपत में भू-विस्थापन के तहत रोजगार दिलाने की मांग की। कलेक्टर ने एसडीएम मस्तूरी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत मंगला की सरपंच रूखमणी पटेल ने कलेक्टर से आंगनबाड़ी उन्नयन के लिए राशि जारी करने की मांग की। कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत रतखण्डी के सरपंच ने मैदान समतलीकरण कार्य करवाने की मांग की। कलेक्टर ने मामले को टीएल में रखते हुए सीईओ जिला पंचायत को सौंपा। ग्राम बोड़सरा के परमेश्वर कौशिक ने अरपा भैंसाझार परियोजना के तहत मुआवजा राशि दिलवाने की मांग की। इस मामले को एसडीएम कोटा देखेंगे।

