राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा संगठन- राम माधव
आर एस एस को सांप्रदायिक दल कहा जाता था , आज हिंदू बनने की होड़ मची हुई है, कोई अपना गोत्र बता रहा है तो कोई अपना जनेऊ दिखा रहा है
पथ संचालन में संगठन शक्ति का प्रदर्शन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा संगठन- राम माधवआर एस एस को सांप्रदायिक दल कहा जाता था , आज हिंदू बनने की होड़ मची हुई है, कोई अपना गोत्र बता रहा है तो कोई अपना जनेऊ दिखा रहा हैपथ संचालन में संगठन शक्ति का प्रदर्शन


बिलासपुर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने शहर के तीन अलग-अलग स्थानों से पथ संचलन करते हुए रेलवे नॉर्थ ईस्ट इंस्टिट्यूट ग्राउंड में इक्ट्ठा हुए।
विशाल पथसंचलन गुरुनानक स्कूल, कुंदन पैलेस और धान मंडी तोरवा से निकल कर नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट फुटबॉल मैदान में पहुंचा। पथ संचलन में बिलासपुर जिला और नगर के लगभग 3000 से अधिक स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। पथ संचलन में बिलासपुर नगर की सभी 67 बस्तियों एवं 57 मंडलो ने सक्रियता से सहभागिता की। पथ संचलन के दौरान जगह जगह स्वयंसेवकों पर गणमान्य नागरिकों ने पुष्प वर्षा की और उनका जयश्रीराम, वंदेमातरम और भारत माता की जय से स्वागत किया। कार्यक्रम में विविध संगठनों के प्रमुखों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम मुख्यतः चलो गांव की ओर विषय पर केंद्रित रहा।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर पधारे श्री राम माधव जी ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा आज का यह पथसंचलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रभाव का है।
वर्तमान में करोड़ों स्वयंसेवकों एवं 60 हजार से ज्यादा शाखाओं के साथ संघ 100 साल का होने वाला है
संघ कोई संगठन नहीं है यह एक सोच है विचार है। मंच पर विराजमान डॉ साहब और स्वामी जी संघ से नहीं हैं लेकिन संघ के हैं। यही विचार है संघ का। आज हिंदुत्व का विचार राष्ट्र के केंद्र में है। यह प्रभाव है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का। एक समय था जब हिंदू शब्द को सांप्रदायिक कहा जाता था लेकिन आज विचार बदला है लोगों में मैं सबसे बड़ा हिंदू हूं यह कहने की होड़ लगी हुई है। वर्तमान में सभी दल हिंदू धार्मिक चिन्हों को सामूहिक रूप से दिखा रहे हैं। आजकल हिंदू और हिंदुत्व को अलग अलग दिखाने की कोशिश की जा रही है लेकिन ये दोनो अलग नहीं हैं। हिंदू धर्म का विचार और व्यवहार ही हिंदुत्व है। स्वाधीनता के अमृत महोत्सव में बलिदान हुए सभी महापुरुषों के प्रति श्रद्धा रखना है। आज कुछ लोग सावरकर को बदनाम कर रहे हैं। अंग्रेजों से जोड़ रहे हैं। कौन ऐसा होगा जिसे उसके ही जानने वालों ने दो बार काला पानी की सजा सुनाई होगी? देश को जोड़ना देश को साथ लेकर चलना सच्चा हिंदू विचार है। हिंदू हिंदुत्व एक है। धर्म की जय हो और अधर्म का नाश हो इसके लिए कार्य करना है। व्यवस्था जब बनती है तब कुछ अच्छा करने के लिए बनती है लेकिन समय के साथ सभी में परिवर्तन आता है इसमें विसंगतियां आती है। उसे ठीक करना पड़ता है। सभी जातियों के साथ मिल-जुल कर रहना, सद्भावना के साथ रहना यही हिंदुत्व का अर्थ है। महिलाओं का सम्मान केवल विचार से ही हो सकता है और वो विचार हिंदुत्व में है। हम महिलाओं का सम्मान करने वाले लोग हैं। स्त्री स्वयं में दुर्गा है, महिषासुर मर्दिनी है , उसे रक्षा की नहीं सम्मान की जरूरत है। हिंदू जीवन जीने की पद्धति है। संघ लोक कल्याण एवं सद्भावना के विचार से चलने वाला संगठन है। संघ का पूरा कार्य धर्म के लिए है। यह समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए कार्य करता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ लाकेश चंद्र मढरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि मैं स्वयसेवकों का पथसंचलन देखकर अभिभूत हूं। हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति ही है जो सभी के कल्याण एवं सभी के निरोगी होने की कामना करती है साथ ही सर्वत्र शांति व्याप्त हो इसके लिए प्रयत्न भी करती है और यही हिंदू संस्कृति का मूल आधार है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राम कृष्ण मिशन बिलासपुर के सचिव पूज्य स्वामी सेवाव्रता नंद जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें पूज्य स्वामी विवेकानंदन्द से शिक्षा लेने की आवश्यकता है। हमें समझना होगा हमारा धर्म क्या है? संगठित होना होगा। भारत में विविध धर्म है। हिंदू धर्म में बहुत सी विविधता है। धर्म भारतीय जीवन का मूल मंत्र है। भारतीय एकता का रेखांकन करना आवश्यक है। हम कहते हैं भारत धर्म निरपेक्ष देश है इसका अर्थ है कि किसी को भी अपने धर्म के पालन में कोई परेशानी नहीं होगी । सब अपने अपने धर्म का पालन कर सकेंगे। लेकिन दुर्भाग्यवश इसके अर्थ का अनर्थ कर दिया गया। धर्म की रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने अपना जीवन होम कर दिया किंतु अपने धर्म से समझौता नहीं किया। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है धर्म ही जीवन और संस्कृति का मूल मंत्र है। भारतीय मन पहले धार्मिक है फिर कुछ और। भारत के मूल आदर्श का सभी को पालन करना होगा तभी हमारा जीवन सार्थक हो सकता है।
कार्यक्रम का संचालन बिलासपुर जिला कार्यवाह गोवर्धन जी ने किया एवं आभार प्रदर्शन बिलासपुर नगर के कार्यवाह श्री तारणीश जी ने किया। कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक श्री प्रेम जी सह प्रांत प्रचारक श्री नारायण जी, प्रांत कार्यवाह श्री चंद्रशेखर जी, माननीय विभाग संघ चालक श्री प्रदीप जी, माननीय सह विभाग संघचालक डॉ विनोद जी, जिला सह संघचालक श्री प्रदीप जी, नगर संघचालक श्री रणवीर जी, विभाग कार्यवाह श्री गणपति जी, विभाग प्रचारक श्री गणेश जी, डॉ. प्रफुल्ल जी, बिलासपुर सांसद अरुण साव जी, विधायक धरमलाल जी, इसके साथ ही कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

MRINMOY MALLICK

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