जीवनदायिनी अरपा के संरक्षण की बढ़ी उम्मीद
अरपा को बचाकर नदी के संरक्षण की मिसाल पेश करें- सुश्री मीना
हाईकोर्ट के न्यायमित्रों ने देखा उद्गम स्थल

जीवनदायिनी अरपा के संरक्षण की बढ़ी उम्मीदअरपा को बचाकर नदी के संरक्षण की मिसाल पेश करें- सुश्री मीनाहाईकोर्ट के न्यायमित्रों ने देखा उद्गम स्थल

बिलासपुर।  अरपा नदी के उद्गम सहित अरपा के बहाव क्षेत्र तथा संगम के संरक्षण को लेकर हाई कोर्ट बिलासपुर एक्शन मोड में है। अरपा नदी के उद्गम के संरक्षण और संवर्धन को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर में दायर जनहित याचिका पर  हाईकोर्ट द्वारा गठित न्याय मित्रों की टीम आज 8 नवंबर को छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदी अरपा के उद्गम स्थल पेंड्रा का निरीक्षण करने अमरपुर पेंड्रा पहुंची तथा अरपा नदी के पेंड्रा स्थित उद्गम का निरीक्षण किया। हाईकोर्ट का निर्देशन पर बनाई गई यह टीम विशेषज्ञों के सुझाव पर अरपा के उद्गम से संगम तक के संरक्षण के लिए कार्य योजना तैयार करेगी ताकि अरपा नदी  संरक्षित हो सके।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट बिलासपुर की उपमहाधिवक्ता  सुश्री मीना शास्त्री ने अरपा उद्गम न्याय मित्रों एवं विशेषज्ञों की टीम द्वारा निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों को बताया कि छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का कहना है कि अरपा नदी के पुनर्जीविन की व्यवस्था हो ताकि इसमें साल भर पानी रहे और  नदी का रूप के साथ ही अरपा नदी में बहाव अच्छी रहे। उन्होंने कहा कि यह हम सबके लिए उपलब्धि की बात है कि छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदी अरपा जिस पर राजगीत भी बनाया गया है । ऐसे में अरपा नदी के पुनर्जीवन के लिए योजना बनाना आवश्यक है । नदी में पूरे  12 महीना पानी हो इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया गया है जिसमें अलग-अलग विभाग के अधिकारी है। यह जनहित की बात है इसे सुझाव के रूप में लिया जा रहा है ।सब मिलकर इस पर संयुक्त प्रयास कर रहे हैं जिसकी जो भूमिका होगी अपना काम करेगा ।छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की उप महाधिवक्ता मीना शास्त्री का मानना है कि वर्तमान में अरपा नदी के उद्गम की दशा अच्छी नहीं है पर हमारा यह प्रयास है कि अरपा नदी के उद्गम सहित पूरी नदी को हम अच्छा बनाएं और न सिर्फ अच्छा बनाएं इसे रोल माडल प्रस्तुत करें ताकि हिंदुस्तान में कोई भी राज्य हमसे सीखें की अरपा में अच्छा काम हुआ है।अभी वर्तमान में अरपा उद्गम में मामूली पानी का रिसाव है इसके लिए काम करने की आवश्यकता है। नदी के उद्गम के संरक्षण की प्रक्रिया को समझने के लिए न्याय मित्रों की टीम  विशेषज्ञों के साथ जाकर पेंड्रा के सोनबचरवार स्थित सोन नदी के उद्गम स्थल सोनमुड़ा का भी निरीक्षण किया और जिस तरीके से सोन नदी को रिचार्ज करने के लिए ऊपर एक डेम  बनाया गया है जिससे सोन नदी के उद्गम में बारह महीने पानी रहता है ऐसी कार्ययोजना बनाने की जरूरत है । निरीक्षण के लिए आई विशेषज्ञों एवं न्याय मित्रों की टीम ने माना है कि  ऐसा मॉडल अरपा उद्गम पेंड्रा में बनाने की जरूरत है ताकि अरपा नदी में लगातार बहाव की स्थिति बनी रहे इसके लिए कार्य योजना बनेगी ।पूरी टीम तैयार है ।मिनट तैयार किए जा रहे हैं और उसी तर्ज पर काम किया जाएगा। जन भावनाओं के अनुरूप अरपा नदी का उद्गम संरक्षित सुरक्षित होगा।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट बिलासपुर के निर्देश पर गठित टीम में  मित्रों के अलावा बिलासपुर कलेक्टर श्री सौरभ कुमार, गौरेला पेंड्रा मरवाही कलेक्टर सुश्री  ऋचा प्रकाश चौधरी ,जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री, वन विभाग ,राजस्व विभाग, खनिज विभाग ,जियोलॉजिस्ट, भू गर्भ शास्त्रीसहित अन्य विभागों की टीम मौके पर पहुंची एवं स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष पेंड्रा राकेश जालान,अरपा उद्गम बचाओ संघर्ष समिति पेंड्रा के संरक्षक रामनिवास तिवारी, जनहित याचिकाकर्ता अरविंद शुक्ला  सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक पत्रकार एवं नदी प्रेमी उपस्थित थे।

अरपा हमारी नई उम्मीद

अरपा नदी के पेंड्रा स्थित उद्गम के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर जिस तरह से हाई कोर्ट बिलासपुर एक्शन मोड में है उसे देखते हुए अरपा नदी के प्रेमियों में उम्मीद जगी है कि अब अरपा नदी का पूरा मामला हाईकोर्ट बिलासपुर के संज्ञान में आने के बाद अरपा नदी के उद्गम एवं संगम सहित पूरी नदी का संरक्षण एवं विकास हो सकेगा। अरपा नदी के उद्गम से लेकर संगम तक के संरक्षण को लेकर बिलासपुर संभाग सहित छत्तीसगढ़ में विभिन्न वैचारिक आंदोलन होते रहे हैं। बिलासपुर की बिलासा कला मंच द्वारा तो बीते लगभग 20 वर्षों से अरपा नदी के उद्गम से लेकर संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान के तहत प्रतिवर्ष अरपा बचाओ यात्रा का आयोजन किया जाता रहा है। अरपा नदी के पेंडरा स्थित उद्गम की दुर्दशा को देखते हुए पेंड्रा में भी बीते कई वर्षों से अरपा उद्गम बचाओ संघर्ष समिति पेंड्रा लगातार संघर्षरत है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी के प्रति बेहद संवेदनशील है उन्होंने अरपा नदी के प्रति प्रेम जताते हुए अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार छत्तीसगढ़ी गीत को राजगीत का दर्जा दिया हुआ है तथा अरपा नदी के उद्गम पेंड्रा में बीते 2 वर्षों से अरपा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भी जिस तरह से अरपा नदी के संरक्षण को लेकर न्याय मित्रों की टीम गठित कर अरपा नदी के उद्गम के संरक्षण के लिए पेंड्रा पहुंची थी उससे अरपा नदी के प्रेमियों में उम्मीद जागी है।

MRINMOY MALLICK

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