सिम्स में नवजात की संदिग्ध मौत से हंगामा, डिब्बा बंद दूध पिलाने से नवजात की गयी जान, परिजनों का डॉक्टर पर आरोप
बिलासपुर। सिम्स अस्पताल में नवजात की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जांच समिति बनाई है, जो मंगलवार शाम तक रिपोर्ट सौंपेगी। सिम्स अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में एक नवजात की मौत ने चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक शिशु के परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डिलीवरी के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन मां का दूध न उतरने पर डॉक्टरों की सलाह पर लेक्टोजेन पिलाया गया, जिसके बाद बच्चे की तबीयत बिगडऩे लगी। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने बच्चे की बिगड़ती हालत दिखानी चाही तो डॉक्टरों ने इसे सामान्य बताते हुए लौटा दिया। रातभर बच्चा तड़पता रहा और सुबह 6 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन भडक़ गए और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
घटना के बाद मौके पर 112 पुलिस टीम और मीडिया के हस्तक्षेप के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जा सकी। तब जाकर परिजन कुछ हद तक शांत हुए, लेकिन उनका साफ़ कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। जांच को लेकर सिम्स अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि एक विशेष जांच समिति गठित की गई है, जिसमें गायनिक विभाग और शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर शामिल हैं। समिति को निर्देश दिया गया है कि मंगलवार ही रिपोर्ट सौंप दी जाए।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले पर नजऱ बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से की जा रही है। हर पक्ष की बात को सुना जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।फिलहाल सभी की निगाहें आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

