अरपा किनारे अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अरपा नदी किनारे स्थित कोनी क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई हुई। गुड़ाखू फैक्ट्री के सामने, महाल नंबर 2 के अंतर्गत खसरा नंबर 191 बटे 1, 2, 3 और 4 की एक एकड़ भूमि पर हो रही अवैध प्लॉटिंग को सोमवार को ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम ने इस कार्रवाई में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को पूरी तरह हटा दिया।
नगर निगम बिल्डिंग ऑफिसर सुरेश शर्मा ने बताया कि इस भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। भूस्वामी लक्ष्मेंद्र कुमार, करन कुमार और कन्हैया लाल को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था। बावजूद इसके, निर्माण कार्य जारी रहने के कारण निगम ने कठोर कार्रवाई करने का निर्णय लिया। अरपा नदी के किनारे अतिक्रमण और अवैध प्लॉटिंग एक बड़ी समस्या बन चुकी है। बिलासपुर में नदी किनारे के क्षेत्रों को लेकर कई बार शिकायतें सामने आई हैं, जहां बिना किसी अनुमति के कॉलोनाइजरों ने जमीनों का टुकड़ों में विभाजन कर बेचना शुरू कर दिया है। प्रमुख क्षेत्रों में अतिक्रमण जारी है इसमें कोनी क्षेत्र में कई भूखंडों पर बिना स्वीकृति के प्लॉटिंग और निर्माण कार्य हो रहे हैं। सिरगिट्टी और चकरभाठा इन क्षेत्रों में भी अवैध कॉलोनियों की संख्या बढ़ती जा रही है। निगम को अवैध प्लॉटिंग के कारण राजस्व का नुकसान होता है। सुविधाओं की कमी के कारण इन अवैध कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाएं होती हैं, न ही नियोजन। इससे भविष्य में नागरिकों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बिलासपुर नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि अरपा किनारे हो रहे अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया जल्द ही अन्य क्षेत्रों में भी शुरू होगी। अवैध प्लॉटिंग से शहर के सुनियोजित विकास पर असर पड़ता है। निगम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बिलासपुर का विकास सही नियोजन के अनुसार हो। अरपा नदी के किनारे अतिक्रमण से पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। नगर निगम ने जमीन मालिकों और प्लॉट खरीदने वालों को चेतावनी दी है कि बिना अनुमति प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, लोगों से अपील की है कि वे प्लॉट खरीदते समय सभी वैधानिक दस्तावेजों की जांच करें। निगम ने अवैध निर्माण रोकने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाने की योजना बनाई है। निगम अवैध कॉलोनी निर्माण के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। नगर निगम ने अवैध प्लॉटिंग रोकने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर शुरू करने की भी योजना बनाई है, जहां नागरिक अतिक्रमण की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

