कुसमुंडा खदान में बह गया फेस इंचार्ज, 3 अधिकारी बाल-बाल बचे एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम जुटी तलाश में, मचा हडक़ंप
कोरबा। कोरबा जिले में तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में परेशानी उत्पन्न हो गई है। कई इलाके जहां जलभराव लोगों के लिए दिक्कत का कारण बने हैं वहीं खदान क्षेत्र में भी पानी भर जाने से मिट्टी का कटाव, फिसलन और अन्य तरह की समस्या होने के साथ-साथ कोयला उत्पादन और ओव्हर बर्डन का काम भी व्यापक तौर पर प्रभावित हुआ है। कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे चार अधिकारियों में से एक अधिकारी पानी के बहाव में बह गया है जिसकी तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार मामला एसईसीएल की कुसमुंडा खदान का है जहां ओव्हर बर्डन का काम गोदावरी नामक निजी कंपनी को दिया गया है। बरसात में ओव्हर बर्डन का काम निरीक्षण के लिए चार अधिकारी आज दोपहर करीब 3 बजे गोदावरी फेस पर गए थे। इनमें सीनियर अंडर मैनेजर पदस्थ गोदावरी फेस इंचार्ज जितेन्द्र नागरकर भी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान एकाएक बारिश शुरू हो गई तो इससे बचने के लिए चारों अधिकारी गुमटी में चले गए। करीब 4 से 4.30 बजे के बीच यहां वे रुके रहे लेकिन बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी। इस बीच चारों अधिकारियों ने किसी तरह यहां से निकलने की सोची। तब तक तेज बारिश के कारण खदान क्षेत्र में ऊपरी पानी का बहाव और दबाव बढऩे लगा था। खदान के ओल्ड केट फेस में भारी पानी आने की वजह से मिट्टी बहने लगी। इधर किनारे-किनारे चट्टानों का सहारा लेकर निकलने की जुगत में 2 अधिकारी तो सकुशल वहां से बाहर आ गए लेकिन जितेन्द्र नागरकर व एक अन्य अधिकारी बहने लगे। अधिकारी ने तो किसी तरह चट्टान को पकडकऱ अपनी जान बचा ली लेकिन नागरकर पानी और मिट्टी के बहाव में तेजी से बह गए। इसकी जानकारी सुरक्षित बचे अधिकारियों ने तत्काल एसईसीएल के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही हडक़म्प मच गया और आनन-फानन में यहां रेस्क्यू टीम पहुंची। राज्य आपदा प्रबंधन (एसडीआरएफ) की टीम को भी सूचना दी गई जो घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर कुसमुंडा महाप्रबंधक राजीव सिंह सहित अन्य अधिकारी व गोदावरी कंपनी के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। समाचार लिखे जाने तक रेस्क्यू कार्य जारी था।

