वर्ष की अंतिम नेशनल लोक अदालत
4 लाख 25 हजार 8 सौ 13 प्रकरणों का हुआ निराकरण
तीन अरब सोलह करोड़ से अधिक का हुआ राजीनामा अवार्ड पारित
बिलासपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2023 में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुक्रम में न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी, मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश में छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में 16-12-2023 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान् अधिक-से-अधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सहमति व सुलह समझौता से निराकृत किये गये । उक्त लोक अदालत में प्रकरणों कें पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई साथ ही मजिस्ट्रेट न्यायालयों की स्पेशल सिटिंग करा पेटी आफेंस के प्रकरणों का भी निराकरण कराया गया। निराकृत किये जाने के अतिरिक्त स्पेशल सिटिंग के माध्यम से भी पेटी ऑफेंस के प्रकरणों का भी निराकरण करया गया।
उक्त नेशनल लोक अदालत में आपसी सुलह समझौता के माध्यम से विभिन्न न्यायालयों से कुल 485813 (चार लाख पच्चासी हजार आठ सौ तेरह) प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा इन प्रकरणों के माध्यम से 3,16,89,24,245/- (तीन अरब सोलह करोड़ नवासी लाख चौबीस हजार दो सौ पैंतालिस) रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में कुल 03 खण्डपीठों के द्वारा कुल 80 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 8469056 (चौरासी लाख उनहत्तर हजार छप्पन) रूपये का अवार्ड पारित किया गया।
अवगत हो कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन कोर्ट की परिभाषा में आने वाले सभी न्यायालयों यथा उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय, तहसील न्यायालय, फैमिली कोर्ट, फोरम, ट्रिब्यूनल के साथ साथ राजस्व न्यायालयों में भी नेशनल लोक अदालत आयोजित किये जाते हैं इस हेतु नालसा के द्वारा वार्षिक कैलेण्डर तैयार किया जाता है , जिसके अनुसार यह वर्ष 2023 की पंाचवीं और अंतिम नेशनल लोक अदालत थी। यह उल्लेखनीय है कि दिनांक 16/12/2023 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी के द्वारा जिला धमतरी एवं कांकेर में औचक निरीक्षण किया गया और वहंा नेशनल लोक अदालत के आयोजन हेतु की जा रही गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस दौरान् उन्होनें न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं के साथ-साथ पक्षकारों, वित्तीय एवं अन्य संस्थाओं के उपस्थित अधिकारियों से भी चर्चा की गई और लोक अदालत में अधिक-से-अधिक मामलों के निराकरण में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होनें मुकदमा पूर्व (प्री-लिटिगेशन) मामलों को नेशनल लोक अदालत एवं अन्य लोक अदालतों के माध्यम से निराकरण पर जोर देते हुए बताया कि ऐसे मामलों का पक्षकारों की आपसी सहमति से निराकरण होने पर जहंा पक्षकारों को न्यायालयीन प्रक्रियाओं से गुजरे बिना त्वरित न्याय मिलता है, वहीं ऐसे मामले न्यायालयों तक पहचुंने के पूर्व ही निराकृत हो जाने से न्यायालयों में भी मामलों की बढ़ती संख्या का भार कम होता है।
रोचक मामले
1.कार्यपालक अध्यक्ष की समझाईश पर परिवार न्यायालय कांकेर में भरण-पोषण राशि वसूली से संबंधित मामले का निराकरण करा दम्पत्ति हुए एक
आवेदिका ने चारित्रिक लांछन एवं ससुराल वासियों की प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए अपने पति के विरूद्ध भरण-पोषण का वाद परिवार न्यायालय कांकेर में दायर किया था। जो आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण हेतु नेशनल लोक अदालत में नियत किया गया था। छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी ने कंाकेर जिला न्यायालय परिसर की खण्डपीठों के भ्रमण के दौरान् परिवार न्यायालय की खण्डपीठ में भरण-पोषण से संबंधित लंबित मामले के पक्षकारों से मुलाकात की। उन्होनें उभयपक्षों से उनके मामले और उसमें राजीनामा की संभावनाओं के बारे में आवेदिका के न्यायमित्र श्रीमती रेखा निषाद तथा अनावेदक के न्यायमित्र श्री अभिषेक जैन की उपस्थिति में चर्चा की । कार्यपालक अध्यक्ष महोदय की समझाईश पर परिवार न्यायालय में लंबित ’’श्रीमती उर्वशी कोमरा विरूद्ध अनिल कोमरा’’ से संबंधित विविध प्रकरण का आपसी सहमति से निराकरण किया गया और दम्पत्ति एक दूसरे को माला पहनाकर दाम्पत्य जीवन की नयी शुरूआत करने के लिए अपनी संतान के साथ न्यायालय से खुशी-खुशी एक साथ गए।
2.कार्यपालक अध्यक्ष की समझाईश पर अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण धमतरी की खण्डपीठ में उभयपक्षों के मध्य हुआ राजीनामा
छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी के द्वारा जिला न्यायालय धमतरी के परिसर में गठित खण्डपीठों के भ्रमण के दौरान् अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण धमतरी की खण्डपीठ में ’’जीवन राम साहू बनाम भूपेन्द्र साहू वगैरह’’ की नाम से लंबित मोटर दुर्घटना दावा निष्पादन प्रकरण में उपस्थित पक्षकारों से चर्चा कर उनके मामले की जानकारी ली तथा राजीनामा में आ रही बाधाओं पर चर्चा की गई और राजीनामा की संभावनाओं के बारे में बताया गया। उन्हें लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण के निराकरण से होने वाले लाभों के बारे में भी समझाया। कार्यपालक अध्यक्ष महोदय की समझाईश से एक लाख रूपए की वसूली से संबंधित निष्पादन प्रकरण में उभयपक्षकारों के द्वारा 78000/- (अठत्तर हजार) रूपए की राशि पर स्वेच्छ्या राजीनामा कर प्रकरण का निराकरण कराया गया।

