जिले में 61.43 प्रतिशत मतदान,लोकतंत्र को मजबूत बनाने मतदाताओं ने दिखाया उत्साह, मतदाताओं ने मतदान में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया,जिले में मतदान शांति पूर्ण संपन्न
बिलासपुर। जिले में आज संपन्न हुये विधानसभा चुनाव के मतदान में मतदाताओं में उत्साह देखा गया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मतदान केंद्रों में मतदाता सुबह से कतारबद्ध होकर मतदान हेतु अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिये। चुनाव आयोग द्वारा स्वीप कार्यक्रम सहित अन्य माध्यम से किये गये प्रचार प्रसार एवं मतदाताओं को वोट डालने दी गई सुविधाओं की वजह से मतदान करने लोगों का उत्साह बना रहा।

निर्वाचन नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शाम 5 बजे तक जिले में 61.43 प्रतिशत अनुमानित मतदान हुआ है। जिसमें बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में 59.08 प्रतिशत, बिलासपुर में 56.28 प्रतिशत, बिल्हा में 66.39 प्रतिशत, कोटा में 65.69 प्रतिशत, तखतपुर में 61.50 प्रतिशत एवं मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में 59.50 प्रतिशत अनुमानित मतदान हुआ है। निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जिले के लिए नियुक्त प्रेक्षक मतदान की प्रक्रिया का जायजा लेते रहे वहीं कलेक्टर अवनीश शरण, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, सहित आला अधिकारी मतदान केंद्रों का भ्रमण करते रहे। जिले में मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।

जिले में मतदान करने लोगों में अभूतपूर्व उत्साह नजर आया। युवा मतदाता, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं सहित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आदिवासी मतदाताओं ने भी मतदान किया। बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र मिशन स्कूल स्थित आदर्श मतदान केन्द्र में 85 वर्षीय वरिष्ठ मतदाता श्रीमती सुदेश भाटिया ने मतदान कर एक आदर्श मतदाता होने का परिचय दिया। 78 वर्षीय श्रीमती सुधा चंदेल, नूतन चौक स्थित शासकीय कन्या शाला, सरकण्डा मतदान केन्द्र क्रमांक 12 में 85 वर्षीय श्रीमती रामबाई सहित अन्य वरिष्ठजनों ने मतदान कर जागरूक नागरिक होने का दायित्व निभाया। कोटा विधानसभा के ग्राम करका, कुरदर और डिंडोल सहित अन्य गांवो के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आदिवासी मतदाताओं ने मतदान कर लोकतंत्र के निर्माण में अपना योगदान दिया। बिलासपुर विधानसभा के आदर्श संगवारी मतदान केंद्र (मतदान केंद्र क्रमांक 12) में युवा भूमिका सिंह और स्नेहा सिंह ने आज पहली बार मतदान किया। तिलक नगर स्थित सेजेस स्कूल मतदान क्र. 54 में सुश्री भूमि सिंह बघेल ने भी पहली बार वोट किया। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी सहभागिता दर्ज कर आज वे बेहद खुश एवं उत्साहित हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से समय निकालकर अनिवार्य रूप से मतदान करने की अपील की। दिव्यांग मतदाताओं ने भी मतदान में बढ़-चढक़र मतदान किया। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी सहभागिता दर्ज कर आज वे बेहद खुश हैं।

मतदाता मित्रों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
विधानसभा निर्वाचन 2023 अंतर्गत सभी मतदान केंद्रों में मतदाताओं के सहयोग के लिए मतदाता सहायक (वोटर असिस्टेंट) उपलब्ध हैं। वोटर असिस्टेंट द्वारा मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम ढूंढने और मतदान केंद्र के संबंध में जानकारी प्रदान कर रहे है। इसके अलावा मतदाता मित्र के रूप में एनएसएस व स्काउट गाइड के कैडेट्स भी मतदान केंद्रों में दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिकों तथा शारीरिक रूप से अक्षम मतदाताओं को सहयोग प्रदान करने एवं व्हील चेयर, पेयजल, प्राथमिक स्वास्थ्य उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहे है। मतदाताओं ने कहा कि इनके सहयोग से ही हम मतदान केन्द्र तक वोट डालने पहुंचे है। प्रशासन की यह अच्छी सुविधा है। जिसके लिए सभी ने प्रशासन की सराहना की।
प्रेक्षकों सहित कलेक्टर ने लिया मतदान केंद्र का जायजा
मतदान दिवस पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जिले के लिए नियुक्त प्रेक्षकों ने मतदान केंद्रों में जाकर मतदान की स्थिति तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मतदाताओं से भी चर्चा की। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अवनीश शरण ने मतदान केंद्रों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान मतदाताओं से भी चर्चा की।
मतदाता वाहन मित्र बनें मददगार
मतदान केंद्रों तक पहुंचने में जरूरतमंद मतदाताओं के लिए मतदाता वाहन मित्र भी मददगार साबित हुए।
गर्भवती महिलाओं ने भी किया मतदान
बेलतरा विधानसभा के ग्राम पंचायत फरहदा की गर्भवती मतदाता श्रीमती द्रौपदी, श्रीमती बैसाखी एवं श्रीमती राजकुमारी ने भी लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदान कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
थर्ड जेंडर ने भी निभाई भागीदारी
जिले में तृतीय लिंग के 91 मतदाता है। तृतीय लिंग के मतदाता भी मतदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। तृतीय लिंग समुदाय के विजय अरोड़ा, श्रेया श्रीवास,बाला, राजिया और रेहाना ने स्वयं भी मतदान कर सभी से मतदान करने की अपील की है।

संगवारी मतदान केंद्र सहित युवा, दिव्यांग मतदान केंद्रों में दिखा उत्साह
जिले में 60 संगवारी, 30 आदर्श मतदान केंद्र बनाए गए थे। सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक युवा और दिव्यांग कर्मियों द्वारा प्रबंधित मतदान केंद्र बनाए गए थे। इन सभी केंद्रों में मतदान करने उत्साह का माहौल नजर आया। महिला मतदाताओं ने संगवारी बूथों में बढ़-चढ़ कर मतदान किया। इस दौरान संगवारी बूथ में वोट डालने के मतदाताओं ने संगवारी बूथ की सराहना की।

मतदान के बाद सेल्फी भी लेते रहे मतदाता
मतदान केंद्रों में अनेक स्थानों पर सेल्फी जोन बनाया गया था। मतदान करने के पश्चात् अनेक मतदाताओं ने सेल्फी लेकर अपनी फोटो जगह-जगह शेयर की और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी देने का प्रमाण प्रस्तुत किया।
वेबकास्टिंग से मतदान केंद्रों की होती रही निगरानी
जिले में कुल 1691 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इन मतदान केंद्रों में सुरक्षा के पुख्ता पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मतदान केंद्रों की लाइव स्थिति जानने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई थी। जिले में कुल 755 मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग की गई। जिला स्तर पर भी मतदान केंद्रों की जानकारी ली जा रही थी।

संभागायुक्त कुंजाम ने किया मतदान
बिलासपुर संभागायुक्त केडी कुंजाम ने आज सवेरे बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के मिशन स्कूल स्थित आदर्श मतदान केंद्र क्रमांक 59 में मतदान किया। कमिश्नर ने मतदान केंद्र में बनाए गए सेल्फी जोन में सेल्फी भी ली। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील की।

कलेक्टर व एसपी ने किया मतदान
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश शरण एवं पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने आज सवेरे बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के मिशन उच्चतर माध्यमिक स्कूल स्थित आदर्श मतदान केंद्र क्रमांक 59 में मतदान किया। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने अपने परिवार के साथ मतदान किया। नगर निगम कमिश्नर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ अजय अग्रवाल ने भी इसी केंद्र में मतदान किया। कलेक्टर ने मतदान केंद्र में उपस्थित सुरक्षा बल के जवानों के साथ हाथ मिलाकर पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही उन्होंने मतदान केंद्र में उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारी को भी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने के लिए प्रेरित करते हुए आल द बेस्ट कहा। कलेक्टर एवं एसपी ने मतदान केंद्र में बनाए गए सेल्फी जोन में सेल्फी भी लिया। कलेक्टर ने मतदान केंद्र में उपस्थित सभी मतदाताओं को जागरूकता के साथ मतदान करने के लिए बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी। कलेक्टर ने सभी मतदाता से अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील की।

बैगा जनजाति की महिला और पुरूषों ने मतदान में बढ़-चढक़र लिया हिस्सा
विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के लोगों ने लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में मतदान कर अपनी भागीदारी निभाई है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी को मतदान करना अनिवार्य है। जिले के कोटा ब्लॉक में 32 गांवों में लगभग 5 हजार विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आदिवासी निवास करते हैं। इस महापर्व में उन्होंने भी आज भागीदारी निभाई है। इस बार वे बढ़-चढक़र मतदान की प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने न केवल मतदान किया बल्कि खुशी-खुशी सेल्फी भी ली है। आज कोटा ब्लॉक के ग्राम करका, कुरदर, डिंडोल आदि गांवों के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आदिवासी मतदान कर जागरूकता का परिचय भी दे रहे हैं। सारे काम छोडक़र गांव डिडोल के शिव सिंह, कार्तिक राम, सियाराम, श्रीमती बुधवरिया, श्रीमती पार्वती बाई ने मतदान करते हुए विकास का रास्ता चुना है।
ग्राम सेमरताल में निर्वाचन दल की बड़ी लापरवाही
संभागीय मुख्यालय के नजदीकी ग्राम सेमरताल में निर्वाचन दल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां सुबह 8 बजे से लेकर 11 बजे तक मात्र एक ही वोट डाला जा सका था। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक सुबह 8 बजे फेंकूराम धीवर ने पहला वोट जैसे ही डाला उसके बाद ईवीएम मशीन खराब हो गई। रिजर्व मशीन होने के बावजूद निर्वाचन दल के पीठासीन अधिकारी और अन्य कर्मियों ने दूसरी मशीन शुरू करने में 11 बजा दिए। 11बजे के बाद जैसे-तैसे मतदान शुरू हुआ तो बूथ क्रमांक 85 सेमरताल में लंबी कतार लग गई। इस दौरान गांव की 106 वर्षीय महिला फेंकनबाई यहां पहुंची और उसे भी कतार में लगकर भारी परेशानी का सामना करते हुए मतदान करना पड़ा। जबकि निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक 80 वर्ष से अधिक के मतदाताओं को होम वोटिंग की सुविधा दी गई है। इसके बावजूद फेंकनबाई को मतदान केंद्र तक जाकर असुविधा झेलते हुए कतार में लगकर मतदान करना पड़ा। जबकि वृद्ध और असहाय मतदाता के मतदान केंद्र में पहुंचने पर मत कर्मियों को उनकी सहायता करते हुए उन्हें सीधे मतदान कक्ष में ले जाकर वोट डालने की प्रक्रिया पूरी करानी थी जबकि इस मामले में ऐसा कुछ नहीं किया गया। पूरे मामले को लेकर अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया गया पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार बनर्जी ने कलमकार का फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।

धूम-मानिकपुर में चुनाव का बहिष्कार
मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के धूम और मानिकपुर के ग्रामीणों ने एक साथ मिलकर चुनाव का बहिष्कार किया है। दोपहर 12 बजे तक धूम में मात्र एक मतदान पड़ा है । इसी तरह मानिकपुर में भी ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया है । जिले के 6 विधानसभा क्षेत्र में सुबह 8 बजे से मतदान का काम शुरू हो गया था। दोपहर 12 बजे तक मतदान की कार्रवाई कहीं तेज तो कहीं धीमी प्रक्रिया से गुजर रही थी । मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत धूम और मानिकपुर के ग्रामीणों ने मतदान केंद्र के बाहर एकत्रित होकर चुनाव का बहिष्कार किया है । इस दौरान सभी महिला एवं पुरुष मतदाता धूम और मानिकपुर के मतदान केंद्र के बाहर सडक़ नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाया । साथ ही मतदान का बहिष्कार किया ।
जानकारी मिल रही है की धूमा स्थित मतदान क्रमांक 143 और 144 में कुल 2300 से ज्यादा मतदाता है लेकिन दोपहर 12 तक मात्र एक मतदान हुआ है । इसके अलावा मानिकपुर में भी ग्रामीणों ने एक तरफ से सडक़ नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद कर मतदान का बहिष्कार कर दिया है । जानकारी मिलने के बाद मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के सभी बड़े चुनाव अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मतदान केंद्र पहुंच गए हैं । बावजूद इसके मतदाताओं ने मत डालने से इनकार कर दिया है । बताया जा रहा है कि मतदाताओं ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहां की हमने पहले भी इस बात को जिला प्रशासन के सामने कई बार रखा है । बार-बार सडक़ की मांग किए जाने के बाद भी प्रशासन ने ना तो जर्जर सडक़ को ठीक कराया और ना ही नई सडक़ के निर्माण के लिए कोई कदम ही उठाया है । इधर दोनों ग्राम पंचायत के बाहर जिला प्रशासन के आला अधिकारी मतदाताओं को लगातार वोट डालने के लिए दबाव बना रहे थे। बावजूद इसके मतदाता मतदान करने से इनकार करते रहे। यहां प्रशासनिक अधिकारी मतदाताओं को मतदान के लिए मशक्कत करने में कोई कसर नहीं छोड़े। वहीं मतदाता भी अपने जिद पर सडक़ नहीं तो वोट नहीं का नारा देते रहे।

पटवारी ग्रामीणों को ले जा रहा था मतदान कराने और हो गया बवाल
बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत बोदरी के वार्ड नंबर 10 ग्राम डडहा बूथ क्रमांक 210 के मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया। दोपहर तीन बजे तक कोई भी मतदाता वोट डालने बूथ नहीं गए। इस बीच पटवारी पराग महलांग ने कुछ ग्रामीणों को अपने कार में बैठाकर जबरदस्ती वोट डलवाने ले जा रहा था।
स्थानीय लोगों की नजर पड़ते ही गुस्सा भडक़ गया और महिलाओं, युवक, युवतियों ने मिलकर कार को चारों ओर से घेर लिए। पटवारी, एसडीएम, तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा मचाया। महिलाओं व युवतियों ने कार के भीतर पटवारी को तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखे।
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। इसके बावजूद ग्रामीण पटवारी को घेरकर रखे। नगर पंचायत बोदरी के वार्ड नंबर 10 में पचास साल से सडक़ नहीं बनी है। जर्जर सडक़ से स्थानीय लोगों को आना जाना करना पड़ता है। बरसात के समय में वार्ड के भीतर एंबुलेंस गाड़ी भी नहीं पहुंच पाती है। यहां की जनसंख्या करीब ढाई हजार है। 960 मतदाता है। सडक़ बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सैकड़ों बार जनप्रतिनिधि से लेकर जिला प्रशासन व सीएम को भी पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक सडक़ नहीं बन पाई है। इस बार ग्रामीणों ने आचार संहिता लागू होने से पहले से ही सडक़ नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाते हुए कलेक्टर को चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। बीते दो दिनों से चुनाव आयोग के निर्देश पर अधिकारी व कर्मचारी बूथ में मतदान के लिए तैयारी में जुटे थे। शुक्रवार की सुबह दल बल समेत चुनाव अधिकारी व कर्मचारी बूथ पर तैनात थे। सुबह आठ बजे के बाद ग्रामीण मतदान करने नहीं पहुंचे। अधिकारी मतदाताओं का इंतजार कर रहे थे। दोपहर दो बजे तक भी बूथ में एक भी मतदान नहीं किया गया। इससे अधिकारियों ने हडक़ंप मच गया। फिर चुनाव स्टाफ ग्रामीणों से संपर्क किया।

संवेदनशील मतदान केंद्र में हथियारबंद जवान रहे तैनात
विधानसभा चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है। राजनैतिक रूप से संवेदनशील मतदान केंद्र में हथियारबंद जवानों की तैनाती की गई है। मतदान केंद्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए है। इसके अलावा उडऩदस्ता और राजपत्रित अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी।
जिले में सर्वाधिक संवेदनशील मतदान केंद्र मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में है वहीं सबसे कम संवेदनशील बिल्हा विधान सभा में है।बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र में आज मतदान होना है। इसके लिए प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। अधिकारी मतदान केंद्रों तक पोलिंग पार्टी पहुंच चुकी है। शुक्रवार की सुबह से मतदान शुरु होगा। जिन मतदान केंद्रों पर विवाद की स्थित बनने की आशंका है उन्हें संवेदनशील मानकर सुरक्षा की तैयारी की गई है।
जिले के अंतर्गत आने वाले छह विधानसभा क्षेत्र में एक हजार 509 मतदान केंद्र है। इनमें से 351 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। संवेदनशील मतदान केंद्रों में सुरक्षा के लिहाज से हथियार बंद जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा उडऩदस्ता की टीम व राजपत्रित अधिकारी भी ऐसे मतदान केंद्रों पर निगरानी करेंगे।
विधानसभा क्षेत्र मतदान केंद्र संवेदनशील मतदान केंद्रकोटा 203 56तखतपुर 288 65बिल्हा 202 35 बिलासपुर 230 60 बेलतरा 252 53 मस्तूरी 334 8216 सौ जवान कर रहे सुरक्षा मतदान के दौरान जिले में किसी भी तरह की अशांति होने पर तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचेगी। साथ ही केंद्रीय बल की 36 कंपनियां भी जिले में तैनात है। एक महिला आइपीएस समेत 150 से अधिक महिला पुलिसकर्मी भी चुनाव ड्यूटी पर तैनात है। जिले में शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस बल पूरी तरह से तैयार है।

